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मैलानी जंगल में रोड किनारे मिलीं आयरन टेबलेट
Updated Tue, 02 Oct 2018 11:12 PM IST
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फोटो02एलकेएच551-मैलानी जंगल में मिलीं आयरन टेबलेट
फोटो02एलकेएच552-पैकेट पर पड़ी एक्सपाइरी तिथि
फोटो02एलकेएच553-पैकेट जिस पर लिखा विफ्स
जंगल में रोड किनारे मिलीं आयरन टेबलेट
4720 टेबलेट वनकर्मियों को मिलीं, स्कूली बच्चों को दी जाने वाली हैं गोलियां
अमर उजाला ब्यूरो
मैलानी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई अभियान के दौरान मैलानी सेंक्चुरी वनकर्मियों को मैलानी-भीरा के बीच रोड के किनारे स्कूली बच्चों को दी जाने वाली आयरन की हजारों गोलियां पड़ी मिलीं, जिनकी एक्सपायरी तिथि नवंबर 2018 है।
दुधवा पार्क की किशनपुर पशु विहार के मैलानी सेंक्चुरी क्षेत्र के वनकर्मी मैलानी-भीरा के बीच नहर के पास स्थित वन बैरियर से भीरा की ओर सड़क के किनारे सफाई कर रहे थे। इसी दौरान बैरियर से डेढ़ किमी आगे भीरा की तरफ सड़क के बांयी ओर दवाइयों के कुछ पैकेट दिखाई दिए। वन क्षेत्राधिकारी नसीम अहमद ने देखा तो वे आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां थीं। पहले तो वह समझे कि दवाइयां एक्सपायर होंगी, लेकिन उन पर एक्सपायरी तिथि नवंबर 2018 पड़ी थी। धीरे-धीरे यह बात मीडिया तक पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारियों ने दवाइयों को बैरियर पर रखवाकर संबंधित अधिकारियों को सूचना दी।
बिजुआ सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमितेश द्विवेदी के निर्देश पर वहां के मेडिकल अफसर डॉ. प्रवीण निगम बैरियर पर पहुंचे। उन्होंने दवाइयां देखकर बताया जंगल में मिलीं गोलियां स्कूली बच्चों को दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि दवाइयों के डिब्बों पर विफ्स लिखा है, जो इस बात का प्रमाण है कि ये आयरन की गोलियां स्कूली बच्चों की सप्लाई की हैं। लेकिन एक्सपायरी से पहले ही जंगल कैसे पहुंच गईं। यह विचारणीय है।
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मेरे यहां से इस तरह की दवाइयां किसी को वितरित नहीं की गई हैं। ये गोलियां वहां कैसे पहुंची, यह मैं नहीं बता सकता फिर भी इसे दिखवाया जाएगा।
- डॉ.कुलदीप कुमार, अधीक्षक बांकेगंज सीएचसी
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जंगल में रोड के किनारे सफाई अभियान के तहत मिली दवाइयां सुरक्षित रखी हैं, इन्हें सक्षम अधिकारी की सुपुर्दगी में दिया जाएगा
- नसीम अहमद रेंजर
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सीएचसी अधीक्षक बिजुआ डॉ. अमितेश द्विवेदी के निर्देश पर यहां आया हूं। जंगल में मिली आयरन की गोलियों पर विफ्स लिखा है, ये गोलियां स्कूली बच्चों को दी जाती हैं।
- डॉ. प्रवीण निगम, मेडिकल अफसर, सीएचसी, बिजुआ
फोटो02एलकेएच552-पैकेट पर पड़ी एक्सपाइरी तिथि
फोटो02एलकेएच553-पैकेट जिस पर लिखा विफ्स
जंगल में रोड किनारे मिलीं आयरन टेबलेट
4720 टेबलेट वनकर्मियों को मिलीं, स्कूली बच्चों को दी जाने वाली हैं गोलियां
अमर उजाला ब्यूरो
मैलानी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई अभियान के दौरान मैलानी सेंक्चुरी वनकर्मियों को मैलानी-भीरा के बीच रोड के किनारे स्कूली बच्चों को दी जाने वाली आयरन की हजारों गोलियां पड़ी मिलीं, जिनकी एक्सपायरी तिथि नवंबर 2018 है।
दुधवा पार्क की किशनपुर पशु विहार के मैलानी सेंक्चुरी क्षेत्र के वनकर्मी मैलानी-भीरा के बीच नहर के पास स्थित वन बैरियर से भीरा की ओर सड़क के किनारे सफाई कर रहे थे। इसी दौरान बैरियर से डेढ़ किमी आगे भीरा की तरफ सड़क के बांयी ओर दवाइयों के कुछ पैकेट दिखाई दिए। वन क्षेत्राधिकारी नसीम अहमद ने देखा तो वे आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां थीं। पहले तो वह समझे कि दवाइयां एक्सपायर होंगी, लेकिन उन पर एक्सपायरी तिथि नवंबर 2018 पड़ी थी। धीरे-धीरे यह बात मीडिया तक पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारियों ने दवाइयों को बैरियर पर रखवाकर संबंधित अधिकारियों को सूचना दी।
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बिजुआ सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमितेश द्विवेदी के निर्देश पर वहां के मेडिकल अफसर डॉ. प्रवीण निगम बैरियर पर पहुंचे। उन्होंने दवाइयां देखकर बताया जंगल में मिलीं गोलियां स्कूली बच्चों को दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि दवाइयों के डिब्बों पर विफ्स लिखा है, जो इस बात का प्रमाण है कि ये आयरन की गोलियां स्कूली बच्चों की सप्लाई की हैं। लेकिन एक्सपायरी से पहले ही जंगल कैसे पहुंच गईं। यह विचारणीय है।
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मेरे यहां से इस तरह की दवाइयां किसी को वितरित नहीं की गई हैं। ये गोलियां वहां कैसे पहुंची, यह मैं नहीं बता सकता फिर भी इसे दिखवाया जाएगा।
- डॉ.कुलदीप कुमार, अधीक्षक बांकेगंज सीएचसी
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जंगल में रोड के किनारे सफाई अभियान के तहत मिली दवाइयां सुरक्षित रखी हैं, इन्हें सक्षम अधिकारी की सुपुर्दगी में दिया जाएगा
- नसीम अहमद रेंजर
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सीएचसी अधीक्षक बिजुआ डॉ. अमितेश द्विवेदी के निर्देश पर यहां आया हूं। जंगल में मिली आयरन की गोलियों पर विफ्स लिखा है, ये गोलियां स्कूली बच्चों को दी जाती हैं।
- डॉ. प्रवीण निगम, मेडिकल अफसर, सीएचसी, बिजुआ