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आंकड़े बड़े हुए पर किसानों की संख्या रही कम
Updated Sun, 17 Jun 2018 12:08 AM IST
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गेहूं खरीद में नियम कायदे दरकिनार
आंकड़े बढ़े पर किसानों की संख्या रही कम
26 हजार किसानों को 323.35 करोड़ का भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। सरकारी गेहूं खरीद में एजेंसियों ने नियम कायदे दरकिनार कर दिए, जिससे इस बार भी लघु एवं सीमांत किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं बेच सके। बड़े किसानों और बिचौलियों से खरीद की गई, लेकिन छोटे किसानों को तरजीह नहीं मिली। आंकड़े बताते हैं कि औसतन प्रति किसान 70 क्विंटल खरीद हुई, जिससे पहले यह औसत कई गुना अधिक था। गड़बड़ी की भनक लगते ही डीएम ने एक माह बाद प्रत्येक किसान से अधिकतम 30 क्विंटल गेहूं खरीदने की लिमिट लगाई थी, शायद इसका भी तोड़ निकल गया।
जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या कृषि विभाग के मुताबिक पांच लाख से अधिक है। इसमें सिर्फ 26250 किसानों ने सरकारी क्रय केन्द्रों पर गेहूं बेचा है। शेष किसानों को मजबूरी में बिचौलियों के हाथ गेहूं बेचना पड़ा। शासन ने पिछले साल के मुकाबले लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख सात सौ क्विंटल किया था। इससे क्रय केन्द्रों की संख्या बढ़ाकर 176 कर दी गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों का गेहूं खरीदा जा सके लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लक्ष्य के सापेक्ष केंद्रों के माध्यम से गेहूं की खरीद बढ़ती गई, लेकिन किसानों की संख्या कम रही। इसे संज्ञान में लेते हुए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने मई में बैठक कर अधिकारियों और केन्द्र प्रभारियों को प्रत्येक किसान से अधिकतम 30 क्विंटल और प्रत्येक केन्द्र पर अधिकतम 300 क्विंटल गेहूं खरीद प्रतिदिन करने के आदेश दिए। निर्देश दिए कि जिन किसानों का गेहूं 30 क्विंटल से अधिक हो, तो संबंधित एसडीएम की परमीशन ली जाए। इसके बाद भी लघु एवं सीमांत किसान लाभ नहीं उठा सके। सूत्रों की माने तो कई जगहों पर क्रय केन्द्रों को किसानों की पहुंच से दूर रखा गया। फूलबेहड़ क्षेत्र के खइयां गांव में बंद क्रेसर पर पकड़े गए सरकारी बोरों में 508 क्विंटल गेहूं की गुत्थी अभी सुलझी नहीं हैं। इसमें सब कुछ पुलिस जांच पर ही छोड़ दिया गया है।
3.25 लाख हैं गन्ना किसान
गेहूं हो या धान खरीद के सरकारी आंकड़ों में किसानों की संख्या हजारों से आगे कभी नहीं हुई। इस वर्ष बमुश्किल गेहूं खरीद में किसानों की संख्या 26 हजार तक पहुंची है, जबकि पिछले वर्ष 21 हजार किसानों से गेहूं खरीदा गया। तो वहीं गन्ना सप्लाई करने वाले किसानों की संख्या 3.25 लाख तक पहुंच गई है।
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दूसरे किसानों के नाम पर बेचा गया गेहूं
30 क्विंटल का प्रतिबंध लागू होते ही शुरू में क्रय केन्द्रों पर बड़े किसानों को लौटाया जाने लगा। बाद में नियम का तोड़ निकालते हुए कई केन्द्र प्रभारियों ने एसडीएम से अनुमति लिए बगैर दूसरे किसानों के नाम पर बिक्री दर्शानी शुरू कर दी।
वर्जन.....
गेहूं खरीद के अंतिम आंकड़े जल्द जारी किए जाएंगे। सभी एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई है। लक्ष्य के सापेक्ष खरीद अच्छी रही है। गड़बड़ी करने वाले क्रय केन्द्रों की जांच कराई जा रही है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
आंकड़े बढ़े पर किसानों की संख्या रही कम
26 हजार किसानों को 323.35 करोड़ का भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। सरकारी गेहूं खरीद में एजेंसियों ने नियम कायदे दरकिनार कर दिए, जिससे इस बार भी लघु एवं सीमांत किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं बेच सके। बड़े किसानों और बिचौलियों से खरीद की गई, लेकिन छोटे किसानों को तरजीह नहीं मिली। आंकड़े बताते हैं कि औसतन प्रति किसान 70 क्विंटल खरीद हुई, जिससे पहले यह औसत कई गुना अधिक था। गड़बड़ी की भनक लगते ही डीएम ने एक माह बाद प्रत्येक किसान से अधिकतम 30 क्विंटल गेहूं खरीदने की लिमिट लगाई थी, शायद इसका भी तोड़ निकल गया।
जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या कृषि विभाग के मुताबिक पांच लाख से अधिक है। इसमें सिर्फ 26250 किसानों ने सरकारी क्रय केन्द्रों पर गेहूं बेचा है। शेष किसानों को मजबूरी में बिचौलियों के हाथ गेहूं बेचना पड़ा। शासन ने पिछले साल के मुकाबले लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख सात सौ क्विंटल किया था। इससे क्रय केन्द्रों की संख्या बढ़ाकर 176 कर दी गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों का गेहूं खरीदा जा सके लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लक्ष्य के सापेक्ष केंद्रों के माध्यम से गेहूं की खरीद बढ़ती गई, लेकिन किसानों की संख्या कम रही। इसे संज्ञान में लेते हुए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने मई में बैठक कर अधिकारियों और केन्द्र प्रभारियों को प्रत्येक किसान से अधिकतम 30 क्विंटल और प्रत्येक केन्द्र पर अधिकतम 300 क्विंटल गेहूं खरीद प्रतिदिन करने के आदेश दिए। निर्देश दिए कि जिन किसानों का गेहूं 30 क्विंटल से अधिक हो, तो संबंधित एसडीएम की परमीशन ली जाए। इसके बाद भी लघु एवं सीमांत किसान लाभ नहीं उठा सके। सूत्रों की माने तो कई जगहों पर क्रय केन्द्रों को किसानों की पहुंच से दूर रखा गया। फूलबेहड़ क्षेत्र के खइयां गांव में बंद क्रेसर पर पकड़े गए सरकारी बोरों में 508 क्विंटल गेहूं की गुत्थी अभी सुलझी नहीं हैं। इसमें सब कुछ पुलिस जांच पर ही छोड़ दिया गया है।
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3.25 लाख हैं गन्ना किसान
गेहूं हो या धान खरीद के सरकारी आंकड़ों में किसानों की संख्या हजारों से आगे कभी नहीं हुई। इस वर्ष बमुश्किल गेहूं खरीद में किसानों की संख्या 26 हजार तक पहुंची है, जबकि पिछले वर्ष 21 हजार किसानों से गेहूं खरीदा गया। तो वहीं गन्ना सप्लाई करने वाले किसानों की संख्या 3.25 लाख तक पहुंच गई है।
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दूसरे किसानों के नाम पर बेचा गया गेहूं
30 क्विंटल का प्रतिबंध लागू होते ही शुरू में क्रय केन्द्रों पर बड़े किसानों को लौटाया जाने लगा। बाद में नियम का तोड़ निकालते हुए कई केन्द्र प्रभारियों ने एसडीएम से अनुमति लिए बगैर दूसरे किसानों के नाम पर बिक्री दर्शानी शुरू कर दी।
वर्जन.....
गेहूं खरीद के अंतिम आंकड़े जल्द जारी किए जाएंगे। सभी एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई है। लक्ष्य के सापेक्ष खरीद अच्छी रही है। गड़बड़ी करने वाले क्रय केन्द्रों की जांच कराई जा रही है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी