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नवरात्र के पहले दिन बरसा फसलों के लिए अमृत

Fri, 22 Sep 2017 12:21 AM IST
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:21 AM IST
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नवरात्र के पहले दिन बरसा फसलों के लिए अमृत
नवरात्र के पहले दिन बरसा फसलों के लिए अमृत - फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
लखीमपुर खीरी।
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नवरात्र के पहले दिन बारिश हुई बारिश ने फसलों के लिए अमृत जैसा काम किया है। वहीं लोगों को उमस भरी गर्मी से भी राहत मिली है। इस बारिश से एक बार फिर हरियाली लौट आई है।
गोला गोकर्णनाथ। किसानों को खरपतवार हटाने के बाद बारिश की आवश्यकता होती है। गुरुवार को हुई बारिश से फसलों की पानी की जरूरत पूरी हो गई। इससे किसानों के चेहरे पर खुशी है। आसपास के गांव सहाबुद्दीनपुर, जमुनहा, बिझौली, चिंतापुर, लखैया, बिझौली फार्म में भी गुरुवार को बारिश हुई है। किसान दिनेश सिंह, हरिपाल सिंह, विपिन श्रीवास्तव ने बताया यह बारिश धान की फसल के लिए वरदान साबित हुई।
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संसारपुर। बृहस्पतिवार दोपहर हुई जोरदार बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात मिली है। बारिश से धान और गन्ने की फसलों को लाभ पहुंचा है। जो छोटे किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे थे उनके लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है।
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मैलानी। कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से बृहस्पतिवार को हुई बारिश से राहत मिलने के साथ ही धान तथा गन्ने की फसलों को लाभ हुआ है। यहां पहले बूंदाबांदी उसके बाद बीच-बीच में तेज बारिश हुई।
बांकेगंज। बारिश से धान और गन्ना फसलों को भी फायदा पहुंचा है। तेज धूप में सिंचाई के अभाव में सूख रही फसलों में हरियाली लौटने से किसानों के चेहरे खिल उठे।
मैगलगंज। रिमझिम बरसात ने किसानों के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान लौट आई है। गर्मी के चलते धान गन्ने की फसल सूखने लगी थी। बरसात से किसानों की फसलों को फायदा पहुंचा है।
मझगईं। धान, मक्का, उड़द को बरसात से काफी फायदा पहुंचा। किसानों ने कहा कि समय-समय पर हो रही बरसात से इस बार सारी फसलें अच्छी होने की उम्मीद है।
बेलरायां। बुधवार रात करीब 11 बजे से तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। सुबह पांच बजे तक हुई बरसात से जहां लोगों को राहत मिली है। वहीं निचली भूमि पर खड़ी धान की फसल पानी में डूब गई। खेत भी पानी से लबालब भर गए।

बारिश से अधपके धान की धान की फसल तबाह
तिकुनियां खीरी। एक महीने से कड़ी धूप के कारण किसानों की धान व गन्ने की फसल सूखने लगी थीं, जिस से घबराकर किसानों ने फसलों की सिंचाई भी शुरू कर दी थी। बुधवार रात से तेज हवाएं चलने के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। पूरी रात जमकर मुसलाधार बारिश हुई, जिससे ताल, तलैया और तालाब फिर लबालब हो गए। बारिश के साथ हुई तेज हवा से अगेती बोई गई धान की आधी पक चुकी फसल पानी में गिर गई है। किसानों ने बताया कि बारिश से धान की जो फसलें नहीं गिरी हैं, उनको और गन्ने को काफी लाभ मिला है।


बरसात से निचले मार्गों, मोहल्लों में जलभराव
पलियाकलां।
नगर पालिका द्वारा नालियों की सफाई न कराने की वजह से स्टेशन रोड, मेला रोड, पांडेय बाबा गली में भीषण जलभराव हो गया, जिससे लोगों को निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नालियां चोक होने के कारण स्टेशन रोड पर मेला गेट के सामने एक से दो फिट तक पानी भर गया। पांडेय बाबा गली में पानी भर जाने से नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को भी कठिनाईयां हुईं। निचले मोहल्लों में भी जलभराव रहा।
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