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न किताबें पहुंची और न यूनिफार्म का बजट मिला
Updated Mon, 26 Jun 2017 05:47 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले के परिषदीय स्कूलों के बच्चों एक जुलाई से किताब और यूनिफार्म का वितरण किया जाना है, लेकिन अभी विभाग के पास किताबें नहीं पहुंची हैं और न ही यूनिफार्म के लिए बजट मिला है। कक्षा एक से आठ तक की किताबें वितरित की जानी हैं, लेकिन किताबों के नाम पर सिर्फ कक्षा चार की कलरव आई है। अन्य कक्षाओं की किताबें नहीं आई हैं। ऐसे में पुरानी किताबों को वितरित करने की मंशा अधिकारी बनाए हुए हैं।
बता दें कि जिले के 15 ब्लॉकों में 3918 परिषदीय स्कूल संचालित हैं, जिनमें करीब 5.31 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 2722 प्राथमिक और 1196 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। सभी विद्यालयों में अप्रैल से शिक्षा सत्र चालू हो चुका है, लेकिन अभी बच्चों को किताबें, यूनिफार्म का वितरण नहीं किया गया है।
प्रदेश सरकार ने एक जुलाई से बच्चों को किताबें और यूनिफार्म वितरित करने के आदेश दिए हैं, लेकिन विभागीय तैयारियां न के बराबर हैं। यूनिफार्म के लिए करीब 60 फीसदी बच्चों की नाप कराई जा चुकी है। किताबों के नाम पर सिर्फ कक्षा चार की कलरव आई है। वहीं अब जुलाई में शिक्षकों के समायोजन और स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ऐसे में अधिकारियों का सारा ध्यान तबादले की प्रक्रिया में लगेगा, जिससे किताब और यूनिफार्म की तैयारियों को झटका लग सकता है। इन हालातों से वितरण में देरी की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
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किताबों की आपूर्ति करने वाली एजेंसी को रिमाइंडर देकर जल्द डिमांड की गई है। ताकि शासन की मंशा के अनुरूप किताबों का वितरण समय से कराया जा सके। यूनिफार्म के लिए अभी बजट नहीं मिला है। धनराशि के प्राप्त होते ही वितरण का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
संजय कुमार शुक्ला, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बता दें कि जिले के 15 ब्लॉकों में 3918 परिषदीय स्कूल संचालित हैं, जिनमें करीब 5.31 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 2722 प्राथमिक और 1196 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। सभी विद्यालयों में अप्रैल से शिक्षा सत्र चालू हो चुका है, लेकिन अभी बच्चों को किताबें, यूनिफार्म का वितरण नहीं किया गया है।
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प्रदेश सरकार ने एक जुलाई से बच्चों को किताबें और यूनिफार्म वितरित करने के आदेश दिए हैं, लेकिन विभागीय तैयारियां न के बराबर हैं। यूनिफार्म के लिए करीब 60 फीसदी बच्चों की नाप कराई जा चुकी है। किताबों के नाम पर सिर्फ कक्षा चार की कलरव आई है। वहीं अब जुलाई में शिक्षकों के समायोजन और स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ऐसे में अधिकारियों का सारा ध्यान तबादले की प्रक्रिया में लगेगा, जिससे किताब और यूनिफार्म की तैयारियों को झटका लग सकता है। इन हालातों से वितरण में देरी की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
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किताबों की आपूर्ति करने वाली एजेंसी को रिमाइंडर देकर जल्द डिमांड की गई है। ताकि शासन की मंशा के अनुरूप किताबों का वितरण समय से कराया जा सके। यूनिफार्म के लिए अभी बजट नहीं मिला है। धनराशि के प्राप्त होते ही वितरण का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
संजय कुमार शुक्ला, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी