फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   जिला ओडीएफ घोषित, फिर भी खुले में शौच

जिला ओडीएफ घोषित, फिर भी खुले में शौच

Mon, 31 Dec 2018 12:03 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Mon, 31 Dec 2018 12:03 AM IST
विज्ञापन
जिला ओडीएफ घोषित, फिर भी खुले में शौच
लखीमपुर खीरी। प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने दो दिन पहले ही जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया है, लेकिन अभी भी 1.38 लाख परिवारों के घरों में शौचालय नहीं बन पाए हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों के साथ ही शासन को भी है, फिर भी ओडीएफ घोषित करने में जल्दबाजी दिखाई गई। कई गांव ऐसे भी हैं, जहां ज्यादातर घरों में शौचालय नहीं बने हैं।
विज्ञापन

फरधान। सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत धौरहरा खुर्द के मजरा सिकटिहा में मात्र दो शौचालय बने है, जबकि यहां करीब 55 मकान बने हैं। बाकी घरों के लोग शौच के लिए घर से बाहर जाने को विवश हैं। ग्रामीणों ने बताया शौचालय के लिए सूची तो कई बार बनाई गई, लेकिन शौचालय अब तक नहीं बन पाए हैं। गांव की आबादी करीब एक हजार है। ग्रामीण शिवसिंह, प्रेमपाल, राधेश्याम, इंद्रपाल, जगदीश, रमेश सिंह ने बताया हम लोग शौचालय बनवाने के इच्छुक हैं। कई बार सचिव और प्रधान की तरफ से सूची भी बनाई गई, लेकिन शौचालय नहीं बने। प्रधान के दो करीबियों के जरूर शौचालय बन गए। वेद प्रकाश ने बताया शौचालय की आस में उन्होंने एक महीने पहले अपने आप गड्ढा भी खोद दिया था, लेकिन पैसा न मिलने से काम शुरू नहीं करा सके। रमेश के पास भूमि भी नहीं है। योगेश दिव्यांग है, उसका भी शौचालय नहीं बना है।
विज्ञापन

अमीरनगर। क्षेत्र की ग्राम पंचायत परसपुर में बनाए गए शौचालयों में अधिकतर बंद पड़े हैं। तो कुछ अधूरे बने हुए हैं यहां पर अभी भी लोग खुले में शौच के लिए बाहर जा रहे हैं। काफी शौचालय रख रखाव के अभाव में जर्जर हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

महंगापुर। महंगापुर क्षेत्र के लगदहन, परसपुर, महंगापुर, पढुआ, त्रिकोलिया गांवों में अभी भी सैकड़ों की संख्या में शौचालय बनने बाकी है। महंगापुर के बरेली फार्म में भी किसी परिवार को अभी तक शौचालय नहीं मिला है। यहां सभी परिवार शौच के लिए खुले में बाहर ही जाते हैं।

गौरीफंटा बार्डर पर शौचालय बनाने की मांग
गौरीफंटा/पलिया। भारत-नेपाल सीमा के गौरीफंटा बार्डर पर शौचालय न होने की वजह से लोगों को दिक्कतें होती हैं। इसी मांग के लिए व्यापारी नेता एवं समाजसेवी रवि गुप्ता ने एसएसबी कमांडेंट को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें गौरीफंटा बार्डर पर शौचालय बनवाए जाने की मांग की है। भारत-नेपाल का सबसे बड़ा बार्डर गौरीफंटा में है, जहां हजारों की संख्या में नेपाली और भारतीय दोनों तरफ से आवाजाही करते हैं। बार्डर पर सुलभ शौचालय की कोई भी व्यवस्था नहीं है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ती है। एसएसबी कमांडेंट ने अपने स्तर से इस मुद्दे को देखने का आश्वासन दिया है।


बेसलाइन सर्वे के मुताबिक 4.14 लाख शौचालय बनवाए जा चुके हैं। दोबारा सर्वे में 1.38 लाख परिवार शौचालय विहीन मिले हैं, जिनमें से 1.33 लाख परिवारों के शौचालय बनाने को शासन से मंजूरी मिल गई है। बजट मिलते ही इनके निर्माण का कार्य भी शुरू करा दिया जाएगा।
- चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed