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रसोईयों ने कर दी हड़ताल, तीन सौ से ज्यादा बच्चे घर पहुंचे भूखे
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:07 AM IST
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रसोइयों की हड़ताल से तीन सौ से ज्यादा बच्चे रहे भूखे
क्रासर....
मानदेय न बढ़ने से नाराज थी बस्तौली गांव के स्कूल की रसोइया
अमर उजाला ब्यूरो
बिजुआ। 12 साल से काम कर रहीं रसोइयों ने हड़ताल कर दी, उनकी मांग थी कि इतने साल से मानदेय न बढ़ाकर सरकार उनका शोषण कर रही है। स्कूल में रसोइयों की हड़ताल के चलते प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूल के तीन सौ से ज्यादा बच्चे जब दोपहर में ही घर भूखे पहुंचे, तो अभिभावकों को जानकारी हुई।
बस्तौली के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूल में रसोइयों ने हड़ताल कर दी। स्कूल की रसोइया गंगा, रामबेटी, विमलेश, गीता, शांति, मीना एवं कुसुमा रोज की तरह स्कूल तो आईं, लेकिन उन्होंने किचन में काम नही किया। सभी ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर दी। रामबेटी ने बताया कि वह स्कूल में 12 साल से खाना बना रही हैं, लेकिन उनका मानदेय नही बढ़ा। गीता ने बताया कि वे लोग संगठन से भी जुड़ी रहीं, लेकिन उनकी नही सुनी गई, ऐसे में वह खुद ही हड़ताल कर कल से दूसरे स्कूलों में हड़ताल करने को संपर्क करेंगी। स्कूल में खाना न बनने पर बच्चे इंटरवल में भूख लगने पर घर पहुंचे तो अभिभावकों को जानकारी मिली। अभिभावकों ने रसोइयों का समर्थन कर अधिकारियों को फोन किया। इंचार्ज प्रधानाध्यापिका दीपिका ने बताया कि खाना न बननेे की जानकारी सुबह ही विभाग को दे दी गई थी।
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रसोइयों की हड़ताल से तीन सौ से ज्यादा बच्चे रहे भूखे
क्रासर....
मानदेय न बढ़ने से नाराज थी बस्तौली गांव के स्कूल की रसोइया
अमर उजाला ब्यूरो
बिजुआ। 12 साल से काम कर रहीं रसोइयों ने हड़ताल कर दी, उनकी मांग थी कि इतने साल से मानदेय न बढ़ाकर सरकार उनका शोषण कर रही है। स्कूल में रसोइयों की हड़ताल के चलते प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूल के तीन सौ से ज्यादा बच्चे जब दोपहर में ही घर भूखे पहुंचे, तो अभिभावकों को जानकारी हुई।
बस्तौली के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूल में रसोइयों ने हड़ताल कर दी। स्कूल की रसोइया गंगा, रामबेटी, विमलेश, गीता, शांति, मीना एवं कुसुमा रोज की तरह स्कूल तो आईं, लेकिन उन्होंने किचन में काम नही किया। सभी ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर दी। रामबेटी ने बताया कि वह स्कूल में 12 साल से खाना बना रही हैं, लेकिन उनका मानदेय नही बढ़ा। गीता ने बताया कि वे लोग संगठन से भी जुड़ी रहीं, लेकिन उनकी नही सुनी गई, ऐसे में वह खुद ही हड़ताल कर कल से दूसरे स्कूलों में हड़ताल करने को संपर्क करेंगी। स्कूल में खाना न बनने पर बच्चे इंटरवल में भूख लगने पर घर पहुंचे तो अभिभावकों को जानकारी मिली। अभिभावकों ने रसोइयों का समर्थन कर अधिकारियों को फोन किया। इंचार्ज प्रधानाध्यापिका दीपिका ने बताया कि खाना न बननेे की जानकारी सुबह ही विभाग को दे दी गई थी।
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