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भूतनाथ मेले में उमड़ा शिव भक्तों का रेला
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:40 PM IST
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फोटो-20एलकेएच204,205,206,207,209,212 और 213
शिवभक्तों ने गोकर्णनाथ और भूतनाथ का किया अभिषेक
मान्यता के अनुसार मंदिर और कुएं में फेंके कंकड़, किया हू हू, घास में लगाई मनौती की गांठ
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी के भूतनाथ मेले में शिव भक्तों का मेला लगा। भीड़ को संभालने के लिए सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। गोकर्णनाथ और भूतनाथ शिव मंदिर में दर्शन के लिए पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मान्यता के अनुसार लोगों ने भूतनाथ मंदिर और कुएं में कंकड़ फेंककर हू हू की आवाज की और घास में गांठ लगाकर मनौती मांगी। इसके अलावा कामना पूरी होने वाले भक्तों ने गांठ खोलकर भगवान का भोग लगाया।
प्राचीन गोकर्णनाथ शिव मंदिर के द्वार आधी रात से ही खोल दिए गए थे। श्रद्धालुओं ने लाइन लगाकर जलाभिषेक किया। दूसरी ओर गोकर्णतीर्थ में भी भक्तों ने डुबकी लगाई और जल, फूल, बेलपत्र, शमीपत्र, भांग, धतूरा और भोग सामग्री चढ़ाकर शिव जी का अभिषेक किया। इसके बाद लोग भूतनाथ स्थल पर गए वहां प्राचीन कुएं और भूतनाथ बाबा का जलाभिषेक किया। मेले की व्यवस्था में बाबा भूतनाथ मंदिर पर एसडीएम अखिलेश यादव, एससपी घनश्याम चौरसिया के दिशा निर्देशन में सीओ अभिषेक प्रताप सहित कई थानों का पुलिस बल मुस्तैद रहा।
ममरी। अहमदनगर में प्राचीन क्लेशहरण मंदिर में भी भक्तों की भीड़ रही। सुबह से ही लोग जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे। यहां भी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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डमरू और लाठी की सजी दुकानें
फोटो-20एलकेएच214
मेले में शिव के प्रिय डमरू के साथ ही लाठी, धनुष, बाण आदि की कई दुकानें लगीं। सीतापुर के दुकानदार रवींद्र कुमार ने बताया कि पहले उनके पिता मेले में दुकान लेकर आते थे अब वह 25 साल से यहां दुकान लगा रहे हैं।
हुक्का भी रहा आकर्षण का केंद्र
फोटो-20एलकेएच210
बाबा भूतनाथ का मेला हुक्कों के लिए भी मशहूर है। यहां आने वाले शौकीन मेलार्थी हुक्का खरीदना नहीं भूलते हैं। लहरपुर के शखावत अली ने बताया कि पहले उनके पिता साजिद अली दुकान लेकर आते थे। उनके बाद अब वह 15 साल से यहां दुकान लगाते हैं। वह नारियल के खोल से हुक्का बनाते हैं जिसकी कीमत 50 रुपये मिल जाती है।
मेले में खूब बिका कंदमूल
फोटो-20एलकेएच215
यह मेला कंदमूल की बिक्री के लिए भी जाना जाता है। इस फल को भगवान श्रीराम के बनवास के समय की अनेक कहानियों से जोड़कर भी लोग बेंचते हैं।
पशुपालक खरीदते हैं घंटी
फोटो-20एलकेएच215
इस मेले में हर वर्ग के लोगों को अपनी मन माफिक वस्तु मिल जाती है। यहां से पशुपालक पालतू पशुओं के गले में बांधने के लिए घंटी ले जाते हैं। मेले में धौरहरा के रामलखन, रामजीवन, राजू, मूड़ा बुजुर्ग के शिव भगवान, भीरा के पतिराम आदि दुकानदार मेले में करीब 10 वर्षों से दुकान लेकर आते हैं, जिनकी यहां खूब बिक्री होती है।
मेले में अब भी गूंजते हैं लोकगीत
फोटो-20एलकेएच208
यह मेला प्राचीन संस्कृति को समेटे हुए है। यहां कई जनपदों के श्रद्धालु आते हैं। सोमवार को भूतनाथ मेले के पीलीभीत जिले के ईंटगांव के रामऔतार सक्सेना, ठाक ुरदास, रामनिवास, ओमप्रकाश, बाबूराम, लेखपाल, सकटेलाल, मुड़िगवां के मनोहरलाल, सुरेश प्रजापति, लक्षमनप्रसाद आदि ने ढपली, ढोलक, चिमटा, मजीरा, झांझ आदि वाद्य यंत्रों के साथ लोकगीत का गायन किया।
फोटो-20एलकेएच216 और 217
जगह-जगह हुए भंडारे
मेले में आने वालों के लिए कई जगह भंडारे का भी आयोजन किया गया। यहां के प्रमुख मार्गों और बाबा त्रिलोकगिरि, नीलकंठ मैदान, भूतनाथ मंदिर मार्ग सहित सार्वजनिक स्थानों पर फर्रुखाबाद, तिलहर, दिल्ली शिवसेवक, पूरनपुर आदि स्थानों पर आए श्रद्धालुओं के लिए भंडारा हुआ।
कांवड़ियों को बांटे फल
बरवर। बरवर चेयरपर्सन नसरीन बानो, ईओ डीके राय समेत नगर पंचायत के समस्त सदस्य और कर्मचारी गणों ने चौकी के सामने कैम्प लगा कर कांवड़ियों को फल आदि वितरित किए। इस मौके पर मिर्जा साहिद बेग, राहुल शुक्ल, राम सहाय, हनीफ कुरैशी, सईद मास्टर, अशोक वर्मा, कन्हैया लाल आदि मौजूद रहे।
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शिवभक्तों ने गोकर्णनाथ और भूतनाथ का किया अभिषेक
मान्यता के अनुसार मंदिर और कुएं में फेंके कंकड़, किया हू हू, घास में लगाई मनौती की गांठ
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी के भूतनाथ मेले में शिव भक्तों का मेला लगा। भीड़ को संभालने के लिए सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। गोकर्णनाथ और भूतनाथ शिव मंदिर में दर्शन के लिए पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मान्यता के अनुसार लोगों ने भूतनाथ मंदिर और कुएं में कंकड़ फेंककर हू हू की आवाज की और घास में गांठ लगाकर मनौती मांगी। इसके अलावा कामना पूरी होने वाले भक्तों ने गांठ खोलकर भगवान का भोग लगाया।
प्राचीन गोकर्णनाथ शिव मंदिर के द्वार आधी रात से ही खोल दिए गए थे। श्रद्धालुओं ने लाइन लगाकर जलाभिषेक किया। दूसरी ओर गोकर्णतीर्थ में भी भक्तों ने डुबकी लगाई और जल, फूल, बेलपत्र, शमीपत्र, भांग, धतूरा और भोग सामग्री चढ़ाकर शिव जी का अभिषेक किया। इसके बाद लोग भूतनाथ स्थल पर गए वहां प्राचीन कुएं और भूतनाथ बाबा का जलाभिषेक किया। मेले की व्यवस्था में बाबा भूतनाथ मंदिर पर एसडीएम अखिलेश यादव, एससपी घनश्याम चौरसिया के दिशा निर्देशन में सीओ अभिषेक प्रताप सहित कई थानों का पुलिस बल मुस्तैद रहा।
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ममरी। अहमदनगर में प्राचीन क्लेशहरण मंदिर में भी भक्तों की भीड़ रही। सुबह से ही लोग जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे। यहां भी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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डमरू और लाठी की सजी दुकानें
फोटो-20एलकेएच214
मेले में शिव के प्रिय डमरू के साथ ही लाठी, धनुष, बाण आदि की कई दुकानें लगीं। सीतापुर के दुकानदार रवींद्र कुमार ने बताया कि पहले उनके पिता मेले में दुकान लेकर आते थे अब वह 25 साल से यहां दुकान लगा रहे हैं।
हुक्का भी रहा आकर्षण का केंद्र
फोटो-20एलकेएच210
बाबा भूतनाथ का मेला हुक्कों के लिए भी मशहूर है। यहां आने वाले शौकीन मेलार्थी हुक्का खरीदना नहीं भूलते हैं। लहरपुर के शखावत अली ने बताया कि पहले उनके पिता साजिद अली दुकान लेकर आते थे। उनके बाद अब वह 15 साल से यहां दुकान लगाते हैं। वह नारियल के खोल से हुक्का बनाते हैं जिसकी कीमत 50 रुपये मिल जाती है।
मेले में खूब बिका कंदमूल
फोटो-20एलकेएच215
यह मेला कंदमूल की बिक्री के लिए भी जाना जाता है। इस फल को भगवान श्रीराम के बनवास के समय की अनेक कहानियों से जोड़कर भी लोग बेंचते हैं।
पशुपालक खरीदते हैं घंटी
फोटो-20एलकेएच215
इस मेले में हर वर्ग के लोगों को अपनी मन माफिक वस्तु मिल जाती है। यहां से पशुपालक पालतू पशुओं के गले में बांधने के लिए घंटी ले जाते हैं। मेले में धौरहरा के रामलखन, रामजीवन, राजू, मूड़ा बुजुर्ग के शिव भगवान, भीरा के पतिराम आदि दुकानदार मेले में करीब 10 वर्षों से दुकान लेकर आते हैं, जिनकी यहां खूब बिक्री होती है।
मेले में अब भी गूंजते हैं लोकगीत
फोटो-20एलकेएच208
यह मेला प्राचीन संस्कृति को समेटे हुए है। यहां कई जनपदों के श्रद्धालु आते हैं। सोमवार को भूतनाथ मेले के पीलीभीत जिले के ईंटगांव के रामऔतार सक्सेना, ठाक ुरदास, रामनिवास, ओमप्रकाश, बाबूराम, लेखपाल, सकटेलाल, मुड़िगवां के मनोहरलाल, सुरेश प्रजापति, लक्षमनप्रसाद आदि ने ढपली, ढोलक, चिमटा, मजीरा, झांझ आदि वाद्य यंत्रों के साथ लोकगीत का गायन किया।
फोटो-20एलकेएच216 और 217
जगह-जगह हुए भंडारे
मेले में आने वालों के लिए कई जगह भंडारे का भी आयोजन किया गया। यहां के प्रमुख मार्गों और बाबा त्रिलोकगिरि, नीलकंठ मैदान, भूतनाथ मंदिर मार्ग सहित सार्वजनिक स्थानों पर फर्रुखाबाद, तिलहर, दिल्ली शिवसेवक, पूरनपुर आदि स्थानों पर आए श्रद्धालुओं के लिए भंडारा हुआ।
कांवड़ियों को बांटे फल
बरवर। बरवर चेयरपर्सन नसरीन बानो, ईओ डीके राय समेत नगर पंचायत के समस्त सदस्य और कर्मचारी गणों ने चौकी के सामने कैम्प लगा कर कांवड़ियों को फल आदि वितरित किए। इस मौके पर मिर्जा साहिद बेग, राहुल शुक्ल, राम सहाय, हनीफ कुरैशी, सईद मास्टर, अशोक वर्मा, कन्हैया लाल आदि मौजूद रहे।