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महंगाई से अभिभावक परेशान, अधिकारियों को शिकायत का इंतजार
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 04 Apr 2018 07:32 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान हैं। चाहें कॉपी-किताबें हों या फिर यूनिफार्म और जूते मोजे। कमीशन के चलते दुकानदार सबके मनमाने दाम वसूल रहे हैं। स्कूल द्वारा ली जा रही मनमानी फीस और निर्धारित दुकानदारों द्वारा कोर्स एवं ड्रेस के वसूले जा रहे मनमाने दामों के बावजूद अभिभावक इनके खिलाफ आवाज बुलंद नहीं कर पा रहे, क्योंकि उन्हें बच्चों के भविष्य का डर सता रहा है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि कोई शिकायत आए तो वह कार्रवाई करें।
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स्कूलों की मनमानी के कारण अभिभावक त्राहि त्राहि कर रहे हैं। फीस और महंगी किताबों ने उनकी कमर ही तोड़कर रख दी है। स्कूलों के खिलाफ उनके मन में आक्रोश है, लेकिन बच्चों के भविष्य की मजबूरी ने उनके मुंह बंद कर रखे हैं। उनको डर है कि कहीं उनकी आवाज उनके बच्चों के लिए मुसीबत न बन जाए। अभिभावकों का कहना है अधिकारी सब कुछ जान रहे हैं, लेकिन स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं।
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अनुमानित कोर्स की कीमत रुपयों में
नर्सरी- 2500
केजी-3800
प्रथम- 4000
कक्षा दो- 4500
कक्षा तीन- 4800
कक्षा चार- 5360
कक्षा पांच से आठ तक -6500
एनसीईआरटी का अपना खेल, जिले में नहीं कोई वितरक
निजी प्रकाशकों की मनमानी बढ़ाने में एनसीईआरटी का भी पूरा खेल है। जिले में एनसीईआरटी का न तो कोई एजेंट है और न ही कोई वितरक। दुकानदारों का कहना है कि कक्षा नौ एवं 12 में जो किताबें एनसीईआरटी की चलती हैं उन्हें वह पूरी नहीं कर पा रहे हैं। यदि सभी क्लासों में उनकी किताबें चलने लगीं तो साल बीत जाएगा, लेकिन अभिभावकों को किताबें नहीं मिल पाएंगी। दुकानदारों का कहना है कि एनसीईआरटी की कंपलसरी किताबों के लिए आर्डर देकर लखनऊ से मंगानी पड़ती हैं। वह भी आपूर्ति समय से नहीं मिल पाती है।
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अधिकारियों बोले, अभिभावक करें शिकायत तो हो कार्रवाई
निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए कोई अधिकारी आगे आने को तैयार नहीं। अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित अभिभावकों को इसकी लिखित में शिकायत करनी चाहिए, जिससे संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करके शासन को लिखा पढ़ी की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि एक भी अभिभावक ने अभी तक शिकायत नहीं दर्ज कराई है।