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कोहरे ने थामी वाहनों की रफ्तार
Updated Wed, 08 Nov 2017 10:31 PM IST
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लखीमपुर खीरी।
तराई में ठंड भले ही पूरी तरह शुरू न हो पाई हो, लेकिन कोहरे ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बुधवार की सुबह शहर घने कोहरे की चादर से ढका रहा। कोहरा सुबह करीब आठ बजे तक रहा। इसके बाद कुछ देर के लिए सूरज चमका बाद में पूरे दिन धुंध सी छाई रही। तापमान में रोज की अपेक्षा मामूली गिरावट दर्ज की गई।
तराई में अभी सुबह शाम की ही ठंड है। गर्म कपड़े दिन में भारी लगने लगते हैं। यहां ठंड ने बस दस्तक भर दी है, लेकिन कोहरे ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार सुबह इतना घना कोहरा था कि 10 मीटर दूरी पर साफ तौर से कुछ भी देख पाना मुश्किल हो रहा था, जिसके चलते लोगों को हेडलाइट जलाकर अपने दोपहिया, चौपहिया वाहन चलाने पड़े।
कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई। सड़कों पर वाहन रेंग-रेंगकर चलते दिखाई दिए। बसों की धीमी रफ्तार के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। सुबह बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कोचिंग आदि जाने वाले विद्यार्थी भी साइकिल और बाइक से देर में पहुंच सके।
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तराई में ठंड भले ही पूरी तरह शुरू न हो पाई हो, लेकिन कोहरे ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बुधवार की सुबह शहर घने कोहरे की चादर से ढका रहा। कोहरा सुबह करीब आठ बजे तक रहा। इसके बाद कुछ देर के लिए सूरज चमका बाद में पूरे दिन धुंध सी छाई रही। तापमान में रोज की अपेक्षा मामूली गिरावट दर्ज की गई।
तराई में अभी सुबह शाम की ही ठंड है। गर्म कपड़े दिन में भारी लगने लगते हैं। यहां ठंड ने बस दस्तक भर दी है, लेकिन कोहरे ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार सुबह इतना घना कोहरा था कि 10 मीटर दूरी पर साफ तौर से कुछ भी देख पाना मुश्किल हो रहा था, जिसके चलते लोगों को हेडलाइट जलाकर अपने दोपहिया, चौपहिया वाहन चलाने पड़े।
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कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई। सड़कों पर वाहन रेंग-रेंगकर चलते दिखाई दिए। बसों की धीमी रफ्तार के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। सुबह बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कोचिंग आदि जाने वाले विद्यार्थी भी साइकिल और बाइक से देर में पहुंच सके।
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