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मझौरा गांव में दिखा बाघ, दहशत
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पलियाकलां। भीरा इलाके के बाद अब मझौरा गांव में बाघ देखा गया है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची लेकिन उसे बाघ कहीं नहीं दिखा। वनकर्मियों ने गांव के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिये हैं।
कई दिनों से दौलतापुर, इमलिया फार्म सहित भीरा इलाके के कई गांवों में बाघ देखा जा रहा था। इसे लेकर ग्रामीण डरे सहमे हैं। मंगलवार को मटैहिया के ग्राम प्रधान इंद्रजीत सिंह के मझौरा स्थित खेत में पानी लगाने गए मजदूरों को बाघ दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि उस समय सभी मजदूरों ने शोर मचाकर जैसे तैसे जान बचाई। बाद में मजदूरों ने बाघ के पगचिह्न भी देखे। मटैहिया के ग्राम प्रधान इंद्रजीत सिंह ने वन विभाग को भी बाघ दिखने की सूचना दी। उसके बाद रेंजर राकेश बाबू वर्मा, वन दरोगा हरीबाबू भारतीय, ओम कुमार सिंह, विपिन कुमार, अमर आदि मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों की टीम ने पटाखा आदि बजाकर बाघ को तलाशने की कोशिश की लेकिन बाघ नहीं दिखा। फिर भी गांव के लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
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कई दिनों से दौलतापुर, इमलिया फार्म सहित भीरा इलाके के कई गांवों में बाघ देखा जा रहा था। इसे लेकर ग्रामीण डरे सहमे हैं। मंगलवार को मटैहिया के ग्राम प्रधान इंद्रजीत सिंह के मझौरा स्थित खेत में पानी लगाने गए मजदूरों को बाघ दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि उस समय सभी मजदूरों ने शोर मचाकर जैसे तैसे जान बचाई। बाद में मजदूरों ने बाघ के पगचिह्न भी देखे। मटैहिया के ग्राम प्रधान इंद्रजीत सिंह ने वन विभाग को भी बाघ दिखने की सूचना दी। उसके बाद रेंजर राकेश बाबू वर्मा, वन दरोगा हरीबाबू भारतीय, ओम कुमार सिंह, विपिन कुमार, अमर आदि मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों की टीम ने पटाखा आदि बजाकर बाघ को तलाशने की कोशिश की लेकिन बाघ नहीं दिखा। फिर भी गांव के लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
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