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पूर्व प्रधान के झाले पर रात में फिर पहुंचा तेंदुआ
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बांकेगंज। मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे पूर्व प्रधान श्याम लाल के झाले पर लगातार दूसरे दिन बृहस्पतिवार रात भी तेंदुआ आया। हालांकि एहतियातन घर के सभी लोग जाग रहे थे। तेंदुए के आने की आहट पाकर जैसे ही उनका पालतू कुत्ता भागा, घर के लोगों ने आग जला दी और शोर मचाया। इससे तेंदुआ खेतों की ओर भाग गया।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज के अंतर्गत जटपुरा बीट जंगल से सटे पूर्व प्रधान श्याम लाल के झाले पर बृहस्पतिवार रात भी तेंदुआ आ पहुंचा। इससे पहले बुधवार की रात भी तेंदुआ झाले में आकर काफी देर तक रूका था। इसके अलावा तड़के सवेरे एक बाघ भी झाले तक आ पहुंचा था। तेेंदुआ और बाघ के दोबारा आने की आशंका से झाले में रहने वाले चार परिवारों के लोग बृहस्पतिवार पूरी रात जागकर पहरेदारी करते रहे। रात करीब 11 बजे जैसे ही तेंदुआ झाले में घुसा उनका पालतू कुत्ता भाग खड़ा हुआ। इससे सजग हुए घर वालों ने शोर मचाना शुरू कर दिया साथ ही आग जला दी। इससे तेंदुआ भागकर गेहूं के खेतों की ओर चला गया।
शुक्रवार सुबह पूर्व प्रधान श्याम लाल और उनके पुत्र कमलेश ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंचे वन कर्मियों फारेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद्र वर्मा, वन रक्षक रामपाल यादव ने पगचिह्न देखकर तेंदुआ आने की पुष्टि की है। वन कर्मियों ने आशंका जताई है कि कि तेंदुआ गन्ने के खेतों में छुपा हो सकता है। इसलिए झालेवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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पूर्व प्रधान के झाले पर लगेंगी सोलर लाइट
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे पूर्व प्रधान श्याम लाल के झाले पर लगातार तेंदुए के आने से वन विभाग ने झाले पर दो सोलर लाइट लगाने का फैसला लिया है। जल्दी ही इस झाले पर रोशनी के लिए दो सोलर लाइट लगा दी जाएंगी। वन कर्मियों की टीम चौबीस घंटे बारी-बारी से तेंदुए की निगरानी कर रही है।
शिकारियों की नजर जंगल से बाहर घूम रहे वन्यजीवों पर
लखीमपुर खीरी। जंगल से सटे खेतों में विचरण कर रहे बाघ और तेंदुओं पर शिकारियों की नजर है। जंगल में घुसपैठ, शिकार और वन अपराध रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के चलते अब शिकारियों की नजर उन वन्यजीवों पर है जो जंगल से बाहर हैं। हालांकि हाल में जंगल से बाहर शिकार की कोई घटना सामने नहीं आई है लेकिन वन विभाग इस बात से आशंकित है कि पेशेवर शिकारी जंगल के बाहर विचरण कर रहे वन्यजीवों को अपना निशाना बना सकते हैं। इसके लिए वन विभाग रणनीति बना रहा है।
जंगल से बाहर खेतों में विचरण करने वाले बाघों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग एक सुरक्षा चक्र तैयार कर रहा है। इसके तहत वन विभाग की टीमें और एसपीटीएफ के जवान जंगल से बाहर आने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए खास तौर पर मुस्तैद रहेंगे। पहले तो इन वन्यजीवों को सुरक्षित जंगल में भेजने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच इन वन्यजीवों के लोकेशन और मूवमेंट का मैप तैयार किया जाएगा। जंगल के बाहर बाघ और तेंदुओं के मूवमेंट पर पूरी नजर रखी जाएगी ताकि वे किसी शिकारी के हत्थे न चढ़ सकें।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि बाघ और तेंदुए के जंगल से बाहर होने पर वन विभाग के सामने वैसे भी वन्यजीव के साथ इंसानों की सुरक्षा की बड़ी चुनौती होती है। अब इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि जंगल से निकला बाघ या तेंदुआ आबादी की ओर न बढ़ने पाए। इससे बचाव के लिए बाघ प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाकर लोगों को खुद के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जंगल के बाहर वन्यजीवों की सुरक्षा के सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा। जंगल से सटे गांवों में कुछ जागरूक लोगों को टाइगर गार्जियन बनाया जा रहा है यह टाइगर गार्जियन बाघों की सुरक्षा में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। साथ ही वन विभाग के सूचना तंत्र का भी एक हिस्सा होंगे। जंगल के आसपास बसे गांवों में बाहर से आने वाले और ठहरने वाले लोगों पर भी खास नजर रखेगी। संदिग्ध मिलने पर उसकी जांच होगी।
जंगल से निकलकर खेतों में विचरण करने वाले बाघ और तेंदुओं की विशेष तौर से निगरानी कराई जा रही है। बाघ और तेंदुओं के जंगल से बाहर होने की दशा में उनपर खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक-दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन
बाघ को सामने देख उड़े सैलानियों के होश
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क की सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर स्थित वॉटर होल के पास जंगल सफारी से बाघ का दीदार करने गए सैलानियों के उस समय होश उड़ गए जब उनके सामने अचानक बाघ खड़ा हो गया। जिप्सी को पास में देखकर बाघ गुस्से में आ गया और दहाड़ मारते हुए जिप्सी की ओर लपकने का प्रयास भी किया, जिसका वीडियो वायरल हुआ है। हालांकि पार्क प्रशासन कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पा रहा है और इसकी जांच किए जाने की बात कह रहा है।
रेडीमेड कपड़ा व्यापारी मुकेश गुप्ता करीब चार दिन पहले अपने दोस्तों के साथ दुधवा नेशनल पार्क घूमने गए थे। इस दौरान जंगल सफारी से वह सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर में पहुंचे तो एचडी सिंह रोड स्थित वॉटर होल के पास अचानक से एक बाघ उनकी जिप्सी के सामने आ गया। बताया जाता है कि बाबा ड्राइवर जिप्सी चला रहे थे, गुलाब गाइड के रूप में मौजूद थे। बाघ ने जैसे ही जिप्सी को अपने पास आते देखा तो वह गुस्से से दहाड़े मारकर गाड़ी की ओर बढ़ने लगा। गाड़ी की ओर बढ़ते ही सैलानियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया जिसके बाद बाघ पास की झाड़ियों की ओर चला गया। बाघ के जाते ही लोगों ने राहत की सांस ली। पार्क अधिकारियों का मानना है कि सैलानियों ने बाघ को छेड़ा होगा तब वह गुस्से में आकर दहाड़ा होगा। फिलहाल वन विभाग वायरल वीडियो की पड़ताल कर रहा है। उधर इस बारे में पार्क के डिप्टी डायरेक्टर महावीर कौजलगि ने बताया कि उनको भी मामले की जानकारी हुई है जिसकी वह जांच करा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही वह पूरी तरीके से इस बारे में बता सकेंगे।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज के अंतर्गत जटपुरा बीट जंगल से सटे पूर्व प्रधान श्याम लाल के झाले पर बृहस्पतिवार रात भी तेंदुआ आ पहुंचा। इससे पहले बुधवार की रात भी तेंदुआ झाले में आकर काफी देर तक रूका था। इसके अलावा तड़के सवेरे एक बाघ भी झाले तक आ पहुंचा था। तेेंदुआ और बाघ के दोबारा आने की आशंका से झाले में रहने वाले चार परिवारों के लोग बृहस्पतिवार पूरी रात जागकर पहरेदारी करते रहे। रात करीब 11 बजे जैसे ही तेंदुआ झाले में घुसा उनका पालतू कुत्ता भाग खड़ा हुआ। इससे सजग हुए घर वालों ने शोर मचाना शुरू कर दिया साथ ही आग जला दी। इससे तेंदुआ भागकर गेहूं के खेतों की ओर चला गया।
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शुक्रवार सुबह पूर्व प्रधान श्याम लाल और उनके पुत्र कमलेश ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंचे वन कर्मियों फारेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद्र वर्मा, वन रक्षक रामपाल यादव ने पगचिह्न देखकर तेंदुआ आने की पुष्टि की है। वन कर्मियों ने आशंका जताई है कि कि तेंदुआ गन्ने के खेतों में छुपा हो सकता है। इसलिए झालेवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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पूर्व प्रधान के झाले पर लगेंगी सोलर लाइट
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे पूर्व प्रधान श्याम लाल के झाले पर लगातार तेंदुए के आने से वन विभाग ने झाले पर दो सोलर लाइट लगाने का फैसला लिया है। जल्दी ही इस झाले पर रोशनी के लिए दो सोलर लाइट लगा दी जाएंगी। वन कर्मियों की टीम चौबीस घंटे बारी-बारी से तेंदुए की निगरानी कर रही है।
शिकारियों की नजर जंगल से बाहर घूम रहे वन्यजीवों पर
लखीमपुर खीरी। जंगल से सटे खेतों में विचरण कर रहे बाघ और तेंदुओं पर शिकारियों की नजर है। जंगल में घुसपैठ, शिकार और वन अपराध रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के चलते अब शिकारियों की नजर उन वन्यजीवों पर है जो जंगल से बाहर हैं। हालांकि हाल में जंगल से बाहर शिकार की कोई घटना सामने नहीं आई है लेकिन वन विभाग इस बात से आशंकित है कि पेशेवर शिकारी जंगल के बाहर विचरण कर रहे वन्यजीवों को अपना निशाना बना सकते हैं। इसके लिए वन विभाग रणनीति बना रहा है।
जंगल से बाहर खेतों में विचरण करने वाले बाघों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग एक सुरक्षा चक्र तैयार कर रहा है। इसके तहत वन विभाग की टीमें और एसपीटीएफ के जवान जंगल से बाहर आने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए खास तौर पर मुस्तैद रहेंगे। पहले तो इन वन्यजीवों को सुरक्षित जंगल में भेजने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच इन वन्यजीवों के लोकेशन और मूवमेंट का मैप तैयार किया जाएगा। जंगल के बाहर बाघ और तेंदुओं के मूवमेंट पर पूरी नजर रखी जाएगी ताकि वे किसी शिकारी के हत्थे न चढ़ सकें।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि बाघ और तेंदुए के जंगल से बाहर होने पर वन विभाग के सामने वैसे भी वन्यजीव के साथ इंसानों की सुरक्षा की बड़ी चुनौती होती है। अब इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि जंगल से निकला बाघ या तेंदुआ आबादी की ओर न बढ़ने पाए। इससे बचाव के लिए बाघ प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाकर लोगों को खुद के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जंगल के बाहर वन्यजीवों की सुरक्षा के सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा। जंगल से सटे गांवों में कुछ जागरूक लोगों को टाइगर गार्जियन बनाया जा रहा है यह टाइगर गार्जियन बाघों की सुरक्षा में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। साथ ही वन विभाग के सूचना तंत्र का भी एक हिस्सा होंगे। जंगल के आसपास बसे गांवों में बाहर से आने वाले और ठहरने वाले लोगों पर भी खास नजर रखेगी। संदिग्ध मिलने पर उसकी जांच होगी।
जंगल से निकलकर खेतों में विचरण करने वाले बाघ और तेंदुओं की विशेष तौर से निगरानी कराई जा रही है। बाघ और तेंदुओं के जंगल से बाहर होने की दशा में उनपर खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक-दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन
बाघ को सामने देख उड़े सैलानियों के होश
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क की सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर स्थित वॉटर होल के पास जंगल सफारी से बाघ का दीदार करने गए सैलानियों के उस समय होश उड़ गए जब उनके सामने अचानक बाघ खड़ा हो गया। जिप्सी को पास में देखकर बाघ गुस्से में आ गया और दहाड़ मारते हुए जिप्सी की ओर लपकने का प्रयास भी किया, जिसका वीडियो वायरल हुआ है। हालांकि पार्क प्रशासन कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पा रहा है और इसकी जांच किए जाने की बात कह रहा है।
रेडीमेड कपड़ा व्यापारी मुकेश गुप्ता करीब चार दिन पहले अपने दोस्तों के साथ दुधवा नेशनल पार्क घूमने गए थे। इस दौरान जंगल सफारी से वह सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर में पहुंचे तो एचडी सिंह रोड स्थित वॉटर होल के पास अचानक से एक बाघ उनकी जिप्सी के सामने आ गया। बताया जाता है कि बाबा ड्राइवर जिप्सी चला रहे थे, गुलाब गाइड के रूप में मौजूद थे। बाघ ने जैसे ही जिप्सी को अपने पास आते देखा तो वह गुस्से से दहाड़े मारकर गाड़ी की ओर बढ़ने लगा। गाड़ी की ओर बढ़ते ही सैलानियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया जिसके बाद बाघ पास की झाड़ियों की ओर चला गया। बाघ के जाते ही लोगों ने राहत की सांस ली। पार्क अधिकारियों का मानना है कि सैलानियों ने बाघ को छेड़ा होगा तब वह गुस्से में आकर दहाड़ा होगा। फिलहाल वन विभाग वायरल वीडियो की पड़ताल कर रहा है। उधर इस बारे में पार्क के डिप्टी डायरेक्टर महावीर कौजलगि ने बताया कि उनको भी मामले की जानकारी हुई है जिसकी वह जांच करा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही वह पूरी तरीके से इस बारे में बता सकेंगे।