{"_id":"5a369bea4f1c1b0d698c277b","slug":"151513528298-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालाब मामले में एसडीएम हुए सख्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तालाब मामले में एसडीएम हुए सख्त
Updated Sun, 17 Dec 2017 10:37 PM IST
विज्ञापन
पाट दिए
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। तहसील निघासन क्षेत्र की ग्राम पंचायत भेड़ौरी के मजरा महाराजनगर स्थित तालाब पर हुए कब्जे के मामले में एसडीएम काफी सख्त हैं। उन्होंने अमर उजाला में ’तालाब कब्जाने के मामले में लेखपाल का खेल’ शीर्षक से छपी खबर पर कड़ा रुख अपनाया है। एसडीएम के आदेश पर रविवार को कानूनगो अनिल शुक्ला टीम के साथ महाराजनगर पहुंचे और दोनों गाटा संख्याओं की जांचकर कब्जों को चिन्हित किया।
महाराजनगर स्थित 38 एकड़ चार बीघा तालाब को पाटकर कई भूमाफिया डेढ़ दशक से हल्का लेखपालों की मिलीभगत से खेती कर रहे थे। 11 दिसंबर के अंक में अमर उजाला ने ‘तालाब पाटकर खेती कर रहे भूमाफिया’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इसका खुलासा किया था। डीएम शैलेंद्र सिंह के आदेश पर तीसरे दिन मौके पर पहुंचे एसडीएम अखिलेश यादव ने तालाब के गाटा संख्या 25/2 बड़ी भूहर और 68/2 छोटी भूहर पर खड़ी फसलों को जुतवाकर कब्जे से बेदखल कर दिया था। कब्जे के दौरान लेखपाल ने खेल किया और एसडीएम को भेजी गई रिपोर्ट में तालाब के दो अन्य गाटा संख्या 4/2 और 16/160 का जिक्र नहीं किया। इससे जहां छोटी जोत के लोग बेदखल हो गए, वहीं एक बड़े हिस्से पर काबिज भूमाफिया इस कार्रवाई से बच गए।
अमर उजाला ने 16 दिसंबर के अंक में ‘तालाब कब्जाने के मामले में लेखपाल का खेल’ शीर्षक से खबर पेज संख्या दो पर प्रमुखता से छापी थी। खबर का असर यह हुआ कि एसडीएम अखिलेश यादव ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और सख्ती बरती। एसडीएम के आदेश पर कानूनगो अनिल शुक्ला टीम के साथ रविवार को महाराजनगर पहुंचे और स्थलीय जांच कर अवैध कब्जे को चिन्हित किया। कानूनगो ने बताया कि गाटा संख्या 16/160 पर कोई कब्जा नहीं मिला है। इस स्थान पर जलकुंभी और जलभराव पाया गया। गाटा संख्या 4/2 के कुछ भाग पर लोग काबिज मिले हैं, जिसे चिन्हित किया गया है, जिसकी रिपोर्ट एसडीएम को सोमवार को सौंपी जाएगी। इसके बाद बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
राजस्व टीम मौके पर गई थी। छूटे दोनों गाटा संख्या की स्थलीय जांच की गई है। अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद कब्जेदारों को बेदखल कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हलका लेखपाल की भूमिका की भी जांच होगी।
- अखिलेश यादव, एसडीएम निघासन
विज्ञापन
महाराजनगर स्थित 38 एकड़ चार बीघा तालाब को पाटकर कई भूमाफिया डेढ़ दशक से हल्का लेखपालों की मिलीभगत से खेती कर रहे थे। 11 दिसंबर के अंक में अमर उजाला ने ‘तालाब पाटकर खेती कर रहे भूमाफिया’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इसका खुलासा किया था। डीएम शैलेंद्र सिंह के आदेश पर तीसरे दिन मौके पर पहुंचे एसडीएम अखिलेश यादव ने तालाब के गाटा संख्या 25/2 बड़ी भूहर और 68/2 छोटी भूहर पर खड़ी फसलों को जुतवाकर कब्जे से बेदखल कर दिया था। कब्जे के दौरान लेखपाल ने खेल किया और एसडीएम को भेजी गई रिपोर्ट में तालाब के दो अन्य गाटा संख्या 4/2 और 16/160 का जिक्र नहीं किया। इससे जहां छोटी जोत के लोग बेदखल हो गए, वहीं एक बड़े हिस्से पर काबिज भूमाफिया इस कार्रवाई से बच गए।
विज्ञापन
अमर उजाला ने 16 दिसंबर के अंक में ‘तालाब कब्जाने के मामले में लेखपाल का खेल’ शीर्षक से खबर पेज संख्या दो पर प्रमुखता से छापी थी। खबर का असर यह हुआ कि एसडीएम अखिलेश यादव ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और सख्ती बरती। एसडीएम के आदेश पर कानूनगो अनिल शुक्ला टीम के साथ रविवार को महाराजनगर पहुंचे और स्थलीय जांच कर अवैध कब्जे को चिन्हित किया। कानूनगो ने बताया कि गाटा संख्या 16/160 पर कोई कब्जा नहीं मिला है। इस स्थान पर जलकुंभी और जलभराव पाया गया। गाटा संख्या 4/2 के कुछ भाग पर लोग काबिज मिले हैं, जिसे चिन्हित किया गया है, जिसकी रिपोर्ट एसडीएम को सोमवार को सौंपी जाएगी। इसके बाद बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
राजस्व टीम मौके पर गई थी। छूटे दोनों गाटा संख्या की स्थलीय जांच की गई है। अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद कब्जेदारों को बेदखल कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हलका लेखपाल की भूमिका की भी जांच होगी।
- अखिलेश यादव, एसडीएम निघासन