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सीएचसी में दवाओं का टोटा, बाहर की लिख रहे दवाएं
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:44 PM IST
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सीएचसी में दवाओं का टोटा, बाहर की लिख रहे दवाएं
जन औषधि केन्द्रों पर भी नहीं मिल रही दवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
मितौली। सीएचसी में दवाओं के कमी के चलते मरीज बेहाल हैं। डॉक्टरों द्वारा अलग से पर्ची बनाई जा रही है, जिस पर मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से महंगी दवा खरीदनी पड़ रही है। खास बात यह है कुछ माह पहले खुले जन औषधि केन्द्र पर जेनरिक दवाएं नहीं उपलब्ध हैं, जहां से मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी के कारण नागरिकों और बच्चों में एलर्जी के कारण काफी फोड़े-फुंसियां निकल रहे हैं। डॉक्टर के पास आने वाले मरीजों को सरकारी पर्चे पर लिखी जाने वाली दवाएं सीएचसी में उपलब्ध नहीं है। लिहाजा डॉक्टर भी मरीजों को एक अलग से पर्ची पर दवाएं लिखकर दे रहे हैं, जो मेडिकल स्टोर पर ही मिलती हैं। यहां तक कि एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। कुत्ता काटने से पीड़ित मरीजों को जिला चिकित्सालय जाना पड़ रहा है या फिर प्राइवेट मेडिकल स्टोर से महंगा एंटी रैबीज खरीदना पड़ रहा है। सीएचसी के प्रभारी अधीक्षक एएन सिंह ने बताया कि दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ दवाओं की कमी हुई है। दवाओं की उपलब्धता के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बाहर के मेडिकल स्टोर की दवाएं लिखे जाने की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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जन औषधि केन्द्रों पर भी नहीं मिल रही दवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
मितौली। सीएचसी में दवाओं के कमी के चलते मरीज बेहाल हैं। डॉक्टरों द्वारा अलग से पर्ची बनाई जा रही है, जिस पर मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से महंगी दवा खरीदनी पड़ रही है। खास बात यह है कुछ माह पहले खुले जन औषधि केन्द्र पर जेनरिक दवाएं नहीं उपलब्ध हैं, जहां से मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी के कारण नागरिकों और बच्चों में एलर्जी के कारण काफी फोड़े-फुंसियां निकल रहे हैं। डॉक्टर के पास आने वाले मरीजों को सरकारी पर्चे पर लिखी जाने वाली दवाएं सीएचसी में उपलब्ध नहीं है। लिहाजा डॉक्टर भी मरीजों को एक अलग से पर्ची पर दवाएं लिखकर दे रहे हैं, जो मेडिकल स्टोर पर ही मिलती हैं। यहां तक कि एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। कुत्ता काटने से पीड़ित मरीजों को जिला चिकित्सालय जाना पड़ रहा है या फिर प्राइवेट मेडिकल स्टोर से महंगा एंटी रैबीज खरीदना पड़ रहा है। सीएचसी के प्रभारी अधीक्षक एएन सिंह ने बताया कि दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ दवाओं की कमी हुई है। दवाओं की उपलब्धता के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बाहर के मेडिकल स्टोर की दवाएं लिखे जाने की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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