फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   फसल जोतवाकर प्रशासन ने खाली कराई तालाब की भूमि

फसल जोतवाकर प्रशासन ने खाली कराई तालाब की भूमि

Mon, 18 Dec 2017 11:28 PM IST
Updated Mon, 18 Dec 2017 11:28 PM IST
विज्ञापन
फसल जोतवाकर प्रशासन ने खाली कराई तालाब की भूमि
तालाब - फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी। अमर उजाला की मुहिम आखिर रंग लाई। तहसील निघासन एसडीएम अखिलेश यादव के आदेश पर सोमवार को कानूनगो के नेतृत्व में राजस्व टीम गांव महाराज नगर पहुंची। टीम ने तालाब की भूमि पर खड़े डेढ़ एकड़ गन्ने को जहां ग्राम प्रधान के सुपुर्द कर दिया। वहीं तीन एकड़ मसूर की फसल को ट्रैक्टर से जुतवाकर भूमि खाली करा ली है।
विज्ञापन

तहसील निघासन की ग्राम पंचायत भेड़ौरी के मजरा महाराज नगर में विशालकाय 38 एकड़ चार बीघा का तालाब था। इस तालाब पर डेढ़ दशक पहले भूमाफिया ने कब्जा कर उसे पाट दिया और खेती करने लगे। 11 दिसंबर को अमर उजाला ने तालाब पाटकर खेती कर रहे भूमाफिया शीर्षक से खबर प्रकाशित कर तालाब पर कब्जे का मामला उजागर किया था। डीएम शैलेंद्र सिंह ने खबर को गंभीरता से लिया और एसडीएम निघासन को जांच कर तालाब को कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए थे। डीएम के आदेश पर एसडीएम अखिलेश यादव तीसरे दिन जब मौके पर पहुंचे और स्थलीय जांच की तो तालाब की भूमि पर कब्जा पाया गया। एसडीएम ने बड़ी भूहर और छोटी भूहर के नाम से दर्ज तालाब की जमीन पर खड़ी फसल कर जुतवाकर भूमि खाली करवा ली थी और उसे ग्राम प्रधान के कब्जे में दे दिया था। कब्जे से बेदखली की कार्रवाई के दौरान सीओ निघासन सविरत्न गौतम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के साथ लेखपाल मौजूद थे।
विज्ञापन

एसडीएम को जब हलका लेखपाल ने बेदखली की रिपोर्ट दी तो उसमें बड़ा खेल कर दिया। लेखपाल ने इस तालाब के दो गाटों को छुपाते हुए उसका अपनी रिपोर्ट में जिक्र भी नहीं किया था। इससे जहां छोटी जोत के किसानों की फसल जोतकर प्रशासन ने भूमि खाली करा ली थी, वहीं बड़े जोत वाले भूमाफिया बेदखल होने से बच गए थे। इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए अमर उजाला ने 16 दिसंबर को लेखपाल के कारनामे की जब खबर उजागर की तो एसडीएम अखिलेश यादव सख्त हो गए। उन्होंने रविवार को कानूनगो अनिल शुक्ला के नेतृत्व में राजस्व टीम मौके पर भेजी और पैमाइश कराकर छूटे गाटा संख्याओं पर काबिज लोगों को चिन्हित कराया। इसी क्रम में सोमवार को एसडीएम अखिलेश यादव के आदेश पर कानूनगो के नेतृत्व में टीम महाराज नगर पहुंची। टीम ने जब पैमाइश की तो डेढ़ एकड़ गन्ना और तीन एकड़ मसूर की फसल तालाब की भूमि पर पाई गई। इस पर टीम ने ट्रैक्टर मंगवाकर मसूर की खड़ी फसल जुतवाकर भूमि खाली करवा ली। गन्ने को ग्राम प्रधान पति ध्रुव वर्मा के सुपुर्द कर दिया गया। इस तरह सोमवार को अमर उजाला की पहल पर 38 एकड़ चार बीघा तालाब की जमीन भूमाफिया के कब्जे से मुक्त हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


तहसीलदार के आदेश पर ही कटेगा गन्ना
ग्राम प्रधान पति ध्रुव वर्मा की सुपुर्दगी में दिया गया गन्ना तहसीलदार के अग्रिम आदेश के बाद ही काटा जा सकेगा। इस गन्ने की से अर्जित हुआ धन ग्राम पंचायत या तहसील प्रशासन के खाते में जमा होगा। यह तहसीलदार के अग्रिम आदेशों के बाद ही तय हो सकेगा।

अवैध कब्जे पर पहली बार हुई बड़ी कार्रवाई
निघासन तहसील में तालाबों और सार्वजनिक भूमि पर कब्जे की शिकायतें तो बहुत हैं, लेकिन कब्जा हटाने के लिए पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। वह भी अमर उजाला द्वारा 38 एकड़ चार बीघा तालाब पर अवैध कब्जे की बात उजागर के बाद डीएम की सख्ती के चलते कार्रवाई संभव हो सकी। वरना यह भी मामला ठंडे बस्ते में दबा रह जाता।


सोमवार को तीन एकड़ मसूर को जुतवाकर जमीन खाली करा ली गई है। डेढ़ एकड़ जमीन पर गन्ना खड़ा था। खाली हुई भूमि और गन्ने को ग्राम प्रधानपति की सुपुर्दगी में दिया गया है। यह गन्ना तहसीलदार के आदेश के बाद ही काटा जा सकेगा। तालाब की भूमि अब पूरी तरह खाली हो गई है। मैंने खुद मौका मुआयना किया है।
- अखिलेश यादव, एसडीएम निघासन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed