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जग में सुंदर हैं दो नाम, चाहें कृष्ण कहो या राम
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:07 AM IST
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जग में सुंदर हैं दो नाम,
चाहें कृष्ण कहो या राम
गीत संगीत से रोशन हुई चैती मेला की महफिल
स्थानीय गायकों ने जमाया रंग
अमर उजाला ब्यूरो
गोला गोकर्णनाथ।
छोटी काशी में ऐतिहासिक चैती मेले के तीसरे दिन स्थानीय गायकों ने मेले की महफिल को अपने गीत संगीत से रोशन कर दिया। गीत संगीत की महफिल कुछ ऐसी जमी कि देर रात तक श्रोता डटे रहे।
मेले के सांस्कृतिक मंच पर सेवानिवृत्त शिक्षक मातादीन वर्मा की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त शिक्षक पुत्तूलाल वर्मा, पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पालिकाध्यक्ष और सदस्यों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। स्थानीय गायक बद्री प्रसाद श्रीवास्तव ने ‘जग में सुंदर हैं दो नाम, चाहें कृष्ण कहो या राम’ भजन गाकर कार्यक्रम की शुरुआत कराई। उसके बाद बद्रीप्रसाद और राजेश गुप्ता ने सलामत रहे दोस्ताना हमारा गीत गाकर दोस्ती का पैगाम दिया। ब्रजेश तिवारी ने जनम जनम का साथ है हमारा तुम्हारा, आदेश राजपूत ने- ये रात है प्यासी प्यासी, दीपक ने- तू मेरी जिन्दगी है, सचिन मिश्रा ने- मुशाफिर हूं यारों, राजेश गुप्ता ने- धीरे धीरे सुबह हुई, सावन सैनी ने- तेरी बेवफाई का सिकवा करूं तो मेरी मोहब्बत की तौहीन होगी, गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं, बीके मिश्र ने भोले तेरी दया से और मेरा रंग दे बसंती चोला, सात अजूबे इस दुनियां में आदि गीतों से चैती मेला की महफिल देर रात तक रंगीन होती रही।
महेश आजाद ने ढोलक, राजेश गुप्ता आर्गन और अनिल ने पैड पर गायकों की संगत की। संचालन मनोज कश्यप ने किया।
इस मौके पर कोतवाल संजय कुमार त्यागी, आनन्द प्रकाश शुक्ल, संत कुमार बाजपेयी, नानकचंद वर्मा, अनीस अहमद खां, पियूश कुमार मिश्र, काशी विश्वनाथ तिवारी, जमाल अहमद राईन, कफील, अय्यूब खां, मनोज श्रीवास्तव, हरिओम वर्मा, राजेश बाजपेयी, विवेक पाण्डे आदि मौजूद रहे।
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26 एलकेएच 206
मेलार्थियों को लुभा
रहा है फौव्वारा
चैती मेला परिसर के बीचोबीच लगा फौव्वारा मेलार्थियों को लुभा रहा है। रंग बिरंगी रोशनी, बिजली की लड़ियों के बीच झिलमिलाती फौव्वारों की फुहार लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है, जिसे देखकर लोग ठिठकने पर विवश हो जाते हैं।
मेले में आज
ऐतिहासिक चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर मुबारक अली एंड पार्टी के कलाकारों का सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम आठ बजे से।
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जग में सुंदर हैं दो नाम,
चाहें कृष्ण कहो या राम
गीत संगीत से रोशन हुई चैती मेला की महफिल
स्थानीय गायकों ने जमाया रंग
अमर उजाला ब्यूरो
गोला गोकर्णनाथ।
छोटी काशी में ऐतिहासिक चैती मेले के तीसरे दिन स्थानीय गायकों ने मेले की महफिल को अपने गीत संगीत से रोशन कर दिया। गीत संगीत की महफिल कुछ ऐसी जमी कि देर रात तक श्रोता डटे रहे।
मेले के सांस्कृतिक मंच पर सेवानिवृत्त शिक्षक मातादीन वर्मा की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त शिक्षक पुत्तूलाल वर्मा, पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पालिकाध्यक्ष और सदस्यों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। स्थानीय गायक बद्री प्रसाद श्रीवास्तव ने ‘जग में सुंदर हैं दो नाम, चाहें कृष्ण कहो या राम’ भजन गाकर कार्यक्रम की शुरुआत कराई। उसके बाद बद्रीप्रसाद और राजेश गुप्ता ने सलामत रहे दोस्ताना हमारा गीत गाकर दोस्ती का पैगाम दिया। ब्रजेश तिवारी ने जनम जनम का साथ है हमारा तुम्हारा, आदेश राजपूत ने- ये रात है प्यासी प्यासी, दीपक ने- तू मेरी जिन्दगी है, सचिन मिश्रा ने- मुशाफिर हूं यारों, राजेश गुप्ता ने- धीरे धीरे सुबह हुई, सावन सैनी ने- तेरी बेवफाई का सिकवा करूं तो मेरी मोहब्बत की तौहीन होगी, गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं, बीके मिश्र ने भोले तेरी दया से और मेरा रंग दे बसंती चोला, सात अजूबे इस दुनियां में आदि गीतों से चैती मेला की महफिल देर रात तक रंगीन होती रही।
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महेश आजाद ने ढोलक, राजेश गुप्ता आर्गन और अनिल ने पैड पर गायकों की संगत की। संचालन मनोज कश्यप ने किया।
इस मौके पर कोतवाल संजय कुमार त्यागी, आनन्द प्रकाश शुक्ल, संत कुमार बाजपेयी, नानकचंद वर्मा, अनीस अहमद खां, पियूश कुमार मिश्र, काशी विश्वनाथ तिवारी, जमाल अहमद राईन, कफील, अय्यूब खां, मनोज श्रीवास्तव, हरिओम वर्मा, राजेश बाजपेयी, विवेक पाण्डे आदि मौजूद रहे।
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26 एलकेएच 206
मेलार्थियों को लुभा
रहा है फौव्वारा
चैती मेला परिसर के बीचोबीच लगा फौव्वारा मेलार्थियों को लुभा रहा है। रंग बिरंगी रोशनी, बिजली की लड़ियों के बीच झिलमिलाती फौव्वारों की फुहार लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है, जिसे देखकर लोग ठिठकने पर विवश हो जाते हैं।
मेले में आज
ऐतिहासिक चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर मुबारक अली एंड पार्टी के कलाकारों का सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम आठ बजे से।