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Lakhimpur Kheri News: क्लोरीन के बिना चल रहे 13 पंप, दूषित पानी का खतरा
Sat, 21 Mar 2026 11:03 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 21 Mar 2026 11:03 PM IST
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शिवपुरी मोहल्ले में गंदा पानी दिखाते मोहल्लेवासी। संवाद
लखीमपुर खीरी। शहर की पेयजल व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आई हैं। पड़ताल में पता चला कि 39 पंपों से हो रही जलापूर्ति में 13 पंप ऐसे हैं, जहां क्लोरीन मशीन ही नहीं लगी है। ऐसे में इन पंपों से सप्लाई हो रहा पानी बिना शुद्धिकरण के लोगों तक पहुंच रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
नगर पालिका शहर को 14 ओवरहेड टैंक के जरिये प्रतिदिन करीब 27 एमएलडी पानी की आपूर्ति कर रही है, लेकिन क्लोरीन व्यवस्था अधूरी होने के साथ पाइपलाइन लीकेज ने स्थिति और खराब कर दी है। महराज नगर, निर्मल नगर, हरिजन बस्ती, शिवपुरी, बेगमबाग, आवास विकास सहित कई ऐसे वार्ड है, जहां क्लोरीन मशीन नहीं है। कुछ जगह पर मशीन तो है, लेकिन क्लोरीन की कमी है।
मोहल्ला सिकटिया, शिवपुरी, कांशीराम कॉलोनी सहित कई इलाकों से गंदे और बदबूदार पानी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी शुरुआती समय में बेहद गंदा और दुर्गंधयुक्त होता है, जिससे उसका उपयोग करना मुश्किल हो जाता है। कई परिवारों को पीने के पानी के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
-- -- -- ये हैं आंकड़े-- --
शहर में लगे पंप : 39
क्लोरीन मशीन की कमी : 13
ओवरहेड टैंक : 14
क्लोरीन मशीन की कीमत : 30 हजार रुपये
पानी की आपूर्ति : 27 एमएलडी
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शुरुआत में जो पानी आता है, उसमें गंदगी और दुर्गंध होती है। उपयोग नहीं कर सकते। कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
-आशीष अवस्थी, कांशीराम कॉलोनी
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गंदा पानी आने से लोगों को पीने के लिए अलग इंतजाम करने पड़ रहे हैं। जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
-अजीत मिश्रा, कांशीराम कॉलोनी
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पाचन तंत्र होता है प्रभावित : फिजिशियन
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक के अनुसार, गंदे पानी में बैक्टीरिया और वायरस होने से पाचन तंत्र प्रभावित होता है। इससे टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों को पानी उबालकर या फिल्टर कर पीने की सलाह दी है।
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926 ओवरहेड टैंक के सापेक्ष 500 बन चुके
जल निगम ग्रामीण के तहत जिले में 904 परियोजनाओं का कार्य प्रस्तावित है। 11534 किमी. के सापेक्ष 11519 किमी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। 926 ओवरहेड टैंक के सापेक्ष 500 बन चुके हैं और 560532 घरों के सापेक्ष 554570 कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद गोला, मितौली, भीखमपुर, रमियाबेहड़, निघासन, धौरहरा, ममरी, अलीगंज आदि क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की समस्या बनी हुई है। करोड़ों खर्च होने के बाद भी कई जगह पानी नहीं पहुंच सका है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।अधिशासी अभियंता अविनाश गुप्ता ने बताया कि बजट के अभाव में कार्य प्रभावित हुए थे, अब कुछ बजट मिला है और काम कराया जा रहा है।
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जहां भी लीकेज की समस्या आती है, उसे तत्काल ठीक कराया जाता है। क्लोरीन मशीनें आवश्यकता अनुसार लगी हैं और ओवरहेड टैंक की सफाई भी कराई गई है।
- संजय कुमार, ईओ, नगर पालिका
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नगर पालिका शहर को 14 ओवरहेड टैंक के जरिये प्रतिदिन करीब 27 एमएलडी पानी की आपूर्ति कर रही है, लेकिन क्लोरीन व्यवस्था अधूरी होने के साथ पाइपलाइन लीकेज ने स्थिति और खराब कर दी है। महराज नगर, निर्मल नगर, हरिजन बस्ती, शिवपुरी, बेगमबाग, आवास विकास सहित कई ऐसे वार्ड है, जहां क्लोरीन मशीन नहीं है। कुछ जगह पर मशीन तो है, लेकिन क्लोरीन की कमी है।
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मोहल्ला सिकटिया, शिवपुरी, कांशीराम कॉलोनी सहित कई इलाकों से गंदे और बदबूदार पानी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी शुरुआती समय में बेहद गंदा और दुर्गंधयुक्त होता है, जिससे उसका उपयोग करना मुश्किल हो जाता है। कई परिवारों को पीने के पानी के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
शहर में लगे पंप : 39
क्लोरीन मशीन की कमी : 13
ओवरहेड टैंक : 14
क्लोरीन मशीन की कीमत : 30 हजार रुपये
पानी की आपूर्ति : 27 एमएलडी
शुरुआत में जो पानी आता है, उसमें गंदगी और दुर्गंध होती है। उपयोग नहीं कर सकते। कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
-आशीष अवस्थी, कांशीराम कॉलोनी
गंदा पानी आने से लोगों को पीने के लिए अलग इंतजाम करने पड़ रहे हैं। जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
-अजीत मिश्रा, कांशीराम कॉलोनी
पाचन तंत्र होता है प्रभावित : फिजिशियन
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक के अनुसार, गंदे पानी में बैक्टीरिया और वायरस होने से पाचन तंत्र प्रभावित होता है। इससे टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों को पानी उबालकर या फिल्टर कर पीने की सलाह दी है।
926 ओवरहेड टैंक के सापेक्ष 500 बन चुके
जल निगम ग्रामीण के तहत जिले में 904 परियोजनाओं का कार्य प्रस्तावित है। 11534 किमी. के सापेक्ष 11519 किमी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। 926 ओवरहेड टैंक के सापेक्ष 500 बन चुके हैं और 560532 घरों के सापेक्ष 554570 कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद गोला, मितौली, भीखमपुर, रमियाबेहड़, निघासन, धौरहरा, ममरी, अलीगंज आदि क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की समस्या बनी हुई है। करोड़ों खर्च होने के बाद भी कई जगह पानी नहीं पहुंच सका है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।अधिशासी अभियंता अविनाश गुप्ता ने बताया कि बजट के अभाव में कार्य प्रभावित हुए थे, अब कुछ बजट मिला है और काम कराया जा रहा है।
जहां भी लीकेज की समस्या आती है, उसे तत्काल ठीक कराया जाता है। क्लोरीन मशीनें आवश्यकता अनुसार लगी हैं और ओवरहेड टैंक की सफाई भी कराई गई है।
- संजय कुमार, ईओ, नगर पालिका

शिवपुरी मोहल्ले में गंदा पानी दिखाते मोहल्लेवासी। संवाद

शिवपुरी मोहल्ले में गंदा पानी दिखाते मोहल्लेवासी। संवाद

शिवपुरी मोहल्ले में गंदा पानी दिखाते मोहल्लेवासी। संवाद