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बाघ प्रभावित क्षेत्र का मुआयना करने पहुंचे डीडी बफरजोन
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने मैलानी रेंज की जटपुरा बीट से हरदुआ फार्म निवासी पूर्व प्रधान के झाले का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आबादी से सटे खेतों में बाघ प्रभावित जगहों का जायजा लिया।
बृहस्पतिवार दोपहर मैलानी रेंज के वन कर्मियों की टीम के साथ हरदुआ फार्म पहुंचे बफरजोन उप निदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल और आईएफएस प्रखर मिश्रा ने पूर्व प्रधान श्यामलाल से मुलाकात कर उनके झाले पर पहुंचे बाघ से संबधित जानकारी हासिल की। इस दौरान वन अधिकारियों ने तेंदुआ सुरक्षा माह के तहत एक गोष्ठी आयोजित कर लोगों को बाघ और तेंदुओं से बचाव के टिप्स दिए। गोष्ठी में डीडी ने लोगों से कहा किसी अनजान व्यक्ति के दिखाई पड़ने पर इसकी सूचना बिना देरी किए वन विभाग को दें। डीडी ने पूर्व प्रधान को ढांढस बंधाया और कहा कि डरें नहीं, बल्कि सतर्क रहें। लोगों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की टीम 24 घंटे बारी-बारी से बाघ और तेंदुआ की निगरानी कर रही है। इसके बाद डीडी ने बाघ प्रभावित स्थलों का बारीकी से मुआयना कर वन कर्मियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। रेंजर मैलानी केपी सिंह, फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद वर्मा सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार दोपहर मैलानी रेंज के वन कर्मियों की टीम के साथ हरदुआ फार्म पहुंचे बफरजोन उप निदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल और आईएफएस प्रखर मिश्रा ने पूर्व प्रधान श्यामलाल से मुलाकात कर उनके झाले पर पहुंचे बाघ से संबधित जानकारी हासिल की। इस दौरान वन अधिकारियों ने तेंदुआ सुरक्षा माह के तहत एक गोष्ठी आयोजित कर लोगों को बाघ और तेंदुओं से बचाव के टिप्स दिए। गोष्ठी में डीडी ने लोगों से कहा किसी अनजान व्यक्ति के दिखाई पड़ने पर इसकी सूचना बिना देरी किए वन विभाग को दें। डीडी ने पूर्व प्रधान को ढांढस बंधाया और कहा कि डरें नहीं, बल्कि सतर्क रहें। लोगों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की टीम 24 घंटे बारी-बारी से बाघ और तेंदुआ की निगरानी कर रही है। इसके बाद डीडी ने बाघ प्रभावित स्थलों का बारीकी से मुआयना कर वन कर्मियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। रेंजर मैलानी केपी सिंह, फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद वर्मा सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।
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