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वजन दिवस का बहिष्कार करेंगी आंगनबाड़ी वर्कर
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:30 PM IST
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लखीमपुर खीरी।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन दोबारा शुरू कर दिया हैै। वजन दिवस से ठीक एक दिन पहले वर्करों की हड़ताल ने अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। प्रमुख सचिव मोनिका गर्ग का भ्रमण भी मंगलवार को होना है, ऐसे में वजन दिवस अभियान को झटका देने की कोशिश की जा रही है, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। वहीं सीडीओ अमित सिंह बंसल ने भी कड़े स्वर में वजन दिवस पर गैर हाजिर रहने वाली आंगनबाड़ी वर्करों का मानदेय बाधित करने के निर्देश दिए हैं।
विलोबी मेमोरियल परिसर में जिलाध्यक्ष अरुण कुमारी ने कहा कि चुनाव के दौरान तत्कालीन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने मानदेय बढ़ाने का वादा किया था, जिसकी मियाद पूरी हो चुकी है। वार्ता में आश्वासन दिए जाने के बाद भी मानदेय बढ़ाने के लिए शासनादेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने आंगनबाड़ी वर्कर को 20 हजार और सहायिका को 10 हजार मानदेय देने की मांग दोहराई है। मांग पूरी होने तक कलम बंद काम बंद के नारे के साथ धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। धरने में एक संगठन के बैनर तले करीब 60 से 70 आंगनबाड़ी वर्कर शामिल हुए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि आने वाले दिनों में संख्या बढ़ती जाएगी। इससे करीब 50 फीसदी केंद्रों का संचालन पूरी तरह ठप होने की आशंका जताई गई है। धरने में कोआर्डिनेटर हरेंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष शकुंतला सिंह, परवीन आदि शामिल हुईं।
अन्य संगठनों ने नहीं खोले अपने पत्ते
कुल 3503 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनसे करीब चार संगठन जुड़कर समय-समय पर मांगों को लेकर हड़ताल करते हैं। एक संगठन को छोड़ अन्य संगठनों ने हड़ताल में शामिल होने का फैसला नहीं लिया है, जिससे अधिकारी कुछ राहत में हैं।
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आंगनबाड़ी वर्कर या किसी संगठन द्वारा हड़ताल की सूचना नहीं दी गई है और न ही कोई जानकारी है। वजन दिवस शासन की प्राथमिकता में शामिल है, जिसके लिए पहले से ही चेतावनी जारी की जा चुकी है। जो भी आंगनबाड़ी वर्कर वजन दिवस पर अनुपस्थित रहेगी, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर दी जाएगी।
अखिलेंद्र दुबे, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन दोबारा शुरू कर दिया हैै। वजन दिवस से ठीक एक दिन पहले वर्करों की हड़ताल ने अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। प्रमुख सचिव मोनिका गर्ग का भ्रमण भी मंगलवार को होना है, ऐसे में वजन दिवस अभियान को झटका देने की कोशिश की जा रही है, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। वहीं सीडीओ अमित सिंह बंसल ने भी कड़े स्वर में वजन दिवस पर गैर हाजिर रहने वाली आंगनबाड़ी वर्करों का मानदेय बाधित करने के निर्देश दिए हैं।
विलोबी मेमोरियल परिसर में जिलाध्यक्ष अरुण कुमारी ने कहा कि चुनाव के दौरान तत्कालीन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने मानदेय बढ़ाने का वादा किया था, जिसकी मियाद पूरी हो चुकी है। वार्ता में आश्वासन दिए जाने के बाद भी मानदेय बढ़ाने के लिए शासनादेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने आंगनबाड़ी वर्कर को 20 हजार और सहायिका को 10 हजार मानदेय देने की मांग दोहराई है। मांग पूरी होने तक कलम बंद काम बंद के नारे के साथ धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। धरने में एक संगठन के बैनर तले करीब 60 से 70 आंगनबाड़ी वर्कर शामिल हुए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि आने वाले दिनों में संख्या बढ़ती जाएगी। इससे करीब 50 फीसदी केंद्रों का संचालन पूरी तरह ठप होने की आशंका जताई गई है। धरने में कोआर्डिनेटर हरेंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष शकुंतला सिंह, परवीन आदि शामिल हुईं।
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अन्य संगठनों ने नहीं खोले अपने पत्ते
कुल 3503 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनसे करीब चार संगठन जुड़कर समय-समय पर मांगों को लेकर हड़ताल करते हैं। एक संगठन को छोड़ अन्य संगठनों ने हड़ताल में शामिल होने का फैसला नहीं लिया है, जिससे अधिकारी कुछ राहत में हैं।
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आंगनबाड़ी वर्कर या किसी संगठन द्वारा हड़ताल की सूचना नहीं दी गई है और न ही कोई जानकारी है। वजन दिवस शासन की प्राथमिकता में शामिल है, जिसके लिए पहले से ही चेतावनी जारी की जा चुकी है। जो भी आंगनबाड़ी वर्कर वजन दिवस पर अनुपस्थित रहेगी, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर दी जाएगी।
अखिलेंद्र दुबे, जिला कार्यक्रम अधिकारी