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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   12 will be buried in the sad atmosphere Tajiye

12 को गमगीन माहौल में दफन होंगे ताजिए

Thu, 06 Oct 2016 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Thu, 06 Oct 2016 11:19 PM IST
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- नौ अक्टूबर को उठेगा सातवीं का जुलूस
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मोहर्रम कमेटी ने ताजियादारी के प्रोग्राम तय कर दिए हैं। सातवीं, आठवीं, नवीं और दसवीं का जुलूस पिछले साल के रास्ते से होकर गुजरेगा। नौ अक्तूबर को मोहर्रम की सातवीं का जुलूस गोटैयाबाग पंचायत चौक से दिन के तीन बजे निकलेगा। 10 अक्तूबर को रात चार बजे वहीं समाप्त होगा। यह जानकारी मोहर्रम कमेटी के सदर ताज मोहम्मद ने दी।  
इसी तरह 10 अक्तूबर को मोहर्रम की आठवीं का जुलूस गोटैया बाग चौक से दिन के तीन बजे उठकर शहर के सारे मोहल्लों में होते हुए 11 अक्तूबर का रात दो बजे सदर चौराहा होते हुए कोतवाली के अंदर खत्म होगा। 11 अक्तूबर को मोहर्रम की नवीं तारीख को ताजिये चौक पर रखे जाएंगे। दसवीं मोहर्रम यानी 12 अक्तूबर को दिन के दो बजे ताजिये शहर भ्रमण करते करबला पहुंचेेंगे, जहां यह ताजिये दफन किए जाएंगे।
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इमाम हुसैन ने लड़ी हक की लड़ाई
मझगईं। कस्बा मझगईं और आसपास के गांव नौगवां, बेला, कोठिया, लोकनपुरवा, बसंतापुर, छब्बापुरवा, गुलरा टांडा आदि गांवों में इमाम हुसैन की याद में मजलिसों और कुरआनख्वानी का दौर जारी है। करबला के मैदान में हक की लड़ाई की खातिर पूरे परिवार के साथ इमाम हुसैन ने शहादत का जाम पिया। इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम की पहली तारीख आते ही मजलिसों और कुरआनख्वानी का दौर शुरू हो जाता है, लोग गम में डूब जाते हैं। लोग रात में मातमी धुन बजाकर गमों का इजहार कर रहे हैं। ग्राम बेलाकलां में इमाम हुसैन की याद में शुक्रवार की शाम को हुसैनी कान्फ्रेंस होगी। हसनैन उसमानी ने बताया कि हुसैनी कान्फ्रेंस में कई नामी गिरामी मौलाना शिरकत कर रहे हैं।
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इमामबाड़ों में मजलिसों का सिलसिला शुरू
खीरी टाउन। खीरी कस्बे में मोहर्रम के चलते हर शाम मजलिसों का सिलसिला जारी है। इसमें शिया इमामबाड़ा और झंडे वाली मस्जिद में नमाज के बाद जिक्र-ए-करबला का आयोजन होता है। इसमें सैकड़ों अकीदतमंद शिरकत करते हैं। शुक्रवार को पांचवीं का जुलूस निकलेगा, जिसमें पूरे कस्बे में मोहर्रम के बाजे और अलम गश्त करेंगे। 

माहे मोहर्रम के महीने में शहीदाने करबला इमाम हुसैन की अजीम कुर्बानी को याद करते हुए खीरी के शिया इमामबाड़े में पहली मोहर्रम से मजलिसों को सिलसिला जारी है, जिसमें बुधवार को नमाजे इशा के बाद सीतापुर से आए मौलाना मोहम्मद आरिज जैदी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्ललाहो अलैहेवसल्लम के नवासे और हजरत अली के बेटे इमाम हुसैन ने अपने बहत्तर साथियों के साथ हक, इंसानियत, नमाज और दीन को बचाने के लिए करबला में कुर्बानी पेश की। मौलाना ने बताया कि यह गम का महीना है और इस माह में इमाम हुसैन और यजीद से हक और बातिल के बीच जंग हुई, जिसमें हक की जीत हुई। मौलाना ने इमाम हुसैन की शहादत बयान की। जिसमें लोगों ने आंसुओं से खिराजे अकीदत पेश की। मजलिस के बाद अंजुमन हुसैनिया और गुलामाने हुसैन ने सीने पर मातम कर इमाम हुसैन की अजीम कुर्बानी को याद किया।
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