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11924 लाभार्थियों को छत की पहली किस्त का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:53 PM IST
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भारतीय रुपया
- फोटो : Getty Images
प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही पर सीडीओ ने जताई नाराजगी, सभी बीडीओ मंगलवार को तलब
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को पहली किस्त देने में ही सरकारी तंत्र कमजोर कड़ी साबित हो रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ गरीबों को समय पर नहीं मिल पा रहा है। 2016-17 के लक्ष्य 13077 में से एक भी आवास नहीं बनाया जा सका, तो इस वर्ष मिले लक्ष्य 26519 में अभी 11924 लाभार्थियों को पहली किस्त नहीं मिल पाई है। सीडीओ अमित सिंह बंसल ने प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सभी बीडीओ को अपने कार्यालय तलब किया है, जिसमें लापरवाह बीडीओ पर कार्रवाई हो सकती है।
वर्ष 2017-18 में सभी 15 ब्लॉकों में 26,519 आवास बनाने का लक्ष्य मिला है, जिसके सापेक्ष अभी तक 14,595 लाभार्थियों को पहली किस्त मिल पाई है। जबकि दूसरी किस्त का पैसा 64 लाभार्थियों को दिया गया है। बताते चलें कि आनलाइन सिस्टम से लाभार्थी के बैंक खाते में आवास का पैसा तीन किस्तों में भेजा जाना है। सभी ब्लाकों को अलग-अलग लक्ष्य दिया गया है, जिसके मुताबिक लाभार्थियों को प्रथम किस्त देने के मामले में बेहजम, बिजुआ, धौरहरा, नकहा, पसगवां, रमियाबेहड़ ब्लॉक काफी पीछे रह गए हैं। इनमें करीब 40 से 50 फीसदी लाभार्थियों को ही पहली किस्त दी गई है। सिर्फ लखीमपुर में 26 और पलिया में 38 लाभार्थियों को दूसरी किस्त की धनराशि दी गई है। ऐसे में 2019 तक सभी परिवारों को आवास मुहैया कराने का सपना पूरा नहीं किया जा सकता है।
सरकार ने किस्तों में किया बदलाव
अभी तक तीन समान किस्तों में 40-40 हजार की धनराशि लाभार्थी को दिए जाने का प्राविधान था, जिसमें संशोधन कर दिया गया है। पीडी वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि प्रथम किस्त में 40 हजार और दूसरी किस्त को बढ़ाकर 70 हजार रुपये कर दिया गया है, जो पहले 40 हजार थी। तीसरी किस्त में 10 हजार रुपये दिए जाएंगे।
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सभी बीडीओ 20 जून तक शत प्रतिशत लाभार्थियों को प्रथम किस्त मुहैया कराने का आदेश दिया गया था, जिसे पूरा करने में अधिकांश बीडीओ नाकाम रहे हैं। समस्त बीडीओ मंगलवार को समीक्षा के लिए तलब किए गए हैं, जिसमें खराब प्रगति वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
वीरेंद्र कुमार यादव, परियोजना निदेशक
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को पहली किस्त देने में ही सरकारी तंत्र कमजोर कड़ी साबित हो रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ गरीबों को समय पर नहीं मिल पा रहा है। 2016-17 के लक्ष्य 13077 में से एक भी आवास नहीं बनाया जा सका, तो इस वर्ष मिले लक्ष्य 26519 में अभी 11924 लाभार्थियों को पहली किस्त नहीं मिल पाई है। सीडीओ अमित सिंह बंसल ने प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सभी बीडीओ को अपने कार्यालय तलब किया है, जिसमें लापरवाह बीडीओ पर कार्रवाई हो सकती है।
वर्ष 2017-18 में सभी 15 ब्लॉकों में 26,519 आवास बनाने का लक्ष्य मिला है, जिसके सापेक्ष अभी तक 14,595 लाभार्थियों को पहली किस्त मिल पाई है। जबकि दूसरी किस्त का पैसा 64 लाभार्थियों को दिया गया है। बताते चलें कि आनलाइन सिस्टम से लाभार्थी के बैंक खाते में आवास का पैसा तीन किस्तों में भेजा जाना है। सभी ब्लाकों को अलग-अलग लक्ष्य दिया गया है, जिसके मुताबिक लाभार्थियों को प्रथम किस्त देने के मामले में बेहजम, बिजुआ, धौरहरा, नकहा, पसगवां, रमियाबेहड़ ब्लॉक काफी पीछे रह गए हैं। इनमें करीब 40 से 50 फीसदी लाभार्थियों को ही पहली किस्त दी गई है। सिर्फ लखीमपुर में 26 और पलिया में 38 लाभार्थियों को दूसरी किस्त की धनराशि दी गई है। ऐसे में 2019 तक सभी परिवारों को आवास मुहैया कराने का सपना पूरा नहीं किया जा सकता है।
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सरकार ने किस्तों में किया बदलाव
अभी तक तीन समान किस्तों में 40-40 हजार की धनराशि लाभार्थी को दिए जाने का प्राविधान था, जिसमें संशोधन कर दिया गया है। पीडी वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि प्रथम किस्त में 40 हजार और दूसरी किस्त को बढ़ाकर 70 हजार रुपये कर दिया गया है, जो पहले 40 हजार थी। तीसरी किस्त में 10 हजार रुपये दिए जाएंगे।
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सभी बीडीओ 20 जून तक शत प्रतिशत लाभार्थियों को प्रथम किस्त मुहैया कराने का आदेश दिया गया था, जिसे पूरा करने में अधिकांश बीडीओ नाकाम रहे हैं। समस्त बीडीओ मंगलवार को समीक्षा के लिए तलब किए गए हैं, जिसमें खराब प्रगति वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
वीरेंद्र कुमार यादव, परियोजना निदेशक