फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   बंगाल फ्लोरिकन बन रहा दुधवा का ब्रांड एंबेस्डर

बंगाल फ्लोरिकन बन रहा दुधवा का ब्रांड एंबेस्डर

Thu, 04 Oct 2018 11:52 PM IST
Updated Thu, 04 Oct 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
बंगाल फ्लोरिकन बन रहा दुधवा का ब्रांड एंबेस्डर
04एलकेएच 15
विज्ञापन


दुधवा को बंगाल फ्लोरिकन से मिल रही अलग पहचान
उत्तर प्रदेश में सिर्फ दुधवा में है दुर्लभ बंगाल फ्लोरिकन
आबादी तो बढ़ रही लेकिन ग्रोथ रेट है काफी कम

अशोक निगम
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व की जैव विविधता में दुर्लभ प्रजाति के बंगाल फ्लोरिकन पक्षी एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। दुनिया में बहुत कम संख्या में बचे बंगाल फ्लोरिकन पक्षी दुधवा का ब्रांड बन रहे हैं। अकेले दुधवा में इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है। आमतौर से देखा गया है कि बंगाल फ्लोरिकन के प्राकृतिक आवास गैंडों के प्राकृतिक आवास में काफी समानता है। दुधवा पार्क प्रशासन पिछले कुछ वर्षों से दुधवा के पर्यटन में बंगाल फ्लोरिकन की ब्रांडिग कर रहा है।
दुधवा नेशनल पार्क में इस साल फरवरी माह में हुए पक्षी महोत्सव के दौरान बंगाल फ्लोरिकन की ब्रांडिंग करने के लिए महोत्सव में आने वाले लोगों के लिए बंगाल फ्लोरिकन सिटी बसायी गयी थी। बर्ड फेस्टिवल के दौरान दुधवा में बंगाल फ्लोरिकन का पाया जाना एक बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है। सबसे ज्यादा चर्चा भी इसी पक्षी की हुई। दुधवा टाइगर रिजर्व बंगाल फ्लोरिकन का प्राकृतिक आवास है। बावजूद इसके इनकी आबादी में उतनी तेजी से बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है जितनी रफ्तार से होनी चाहिए। यह चिंता का विषय है। लुप्त हो रहे इस पक्षी को शेड्यूल-वन की श्रेणी में रखा गया है। यह दुर्लभ प्रजाति के 17 पक्षियों में से एक है। इसे स्थानीय भाषा में चरज भी कहते हैं।
विज्ञापन

बंगाल फ्लोरिकन पूरे उत्तर प्रदेश में सिर्फ दुधवा नेशनल पार्क में ही पाया जाता है। यहां मौजूदा समय में बंगाल फ्लोरिकन की संख्या 60 से 70 के बीच बताई जा रही है। वर्ष 1985 से 1989 के बीच बांबे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के अध्ययन में दुधवा नेशनल पार्क में कुल 40 बंगाल फ्लोरिकन पक्षी पाए गए थे। 1991 से 1995 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ एंड एंथ्रोलॉजी विभाग और पार्क अधिकारियों के अध्ययन में दुधवा नेशनल पार्क में 25 नर बंगाल फ्लोरिकन पक्षी दिखाई दिए। इससे अनुमान लगाया गया कि उस समय यहां 50 बंगाल फ्लोरिकन पक्षी होंगे। क्योंकि इनमें नर मादा का अनुपात 1:1 रहता है। वैसे बबड़ी घास में उड़ान भरकर छिप जाने फिर नीचे तेजी से एक जगह से दूसरी जगह दौड़ जाने के कारण इनकी गणना करना बहुत ही मुश्किल काम होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बंगाल फ्लोरिकन दुधवा नेशनल पार्क के सोनारीपुर फांटा, गड़ैय्या फांटा, गैंडा क्षेत्र, भादी ताल फांटा क्षेत्र और किशनपुर सेंक्चुरी के झादी ताल एरिया में फरवरी से मई माह के बीच अक्सर दिख जाते हैं। यही समय दुधवा के पर्यटन का होता है। पक्षी प्रेमी और विशेषज्ञ बंगाल फ्लोरिकन का दीदार करने को लालायित रहते हैं।


दुधवा नेशनल पार्क में बंगाल फ्लोरिकन का पाया जाना इस बात का संकेत है कि दुधवा नेशनल पार्क की आबोहवा यहां की जैव विविधता को समृद्ध करने के अनुकूल है। दुधवा के पर्यटन में बंगाल फ्लोरिकन बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए इसकी ब्रांडिंग की जा रही है। - रमेश कुमार पांडेय, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed