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बाघ प्रभावित गांव में पहुंचे डब्ल्यूटीआई वैज्ञानिक......
Updated Tue, 26 Jun 2018 06:32 PM IST
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बाघ की दहशत : ट्रैक्टर ट्रालियों पर मचान बनाकर कर रहे सुरक्षा
ममरी। सोमवार की शाम सुंदरपुर से घर जा रहे अयोध्यापुर निवासी रामनिवास गुप्ता बाघ के हमले से उस समय बच गए जब मान सिंह के गन्ने में छुपा बाघ अचानक निकलकर उनके सामने आ गया। शोर मचाने पर सुंदरपुर, अयोध्यापुर गांव के कई लोग ट्रैक्टर ट्राली पर मचान बनाकर भाला, बर्छी लेकर पीपा बजाते शोर मचाते मौके पर पहुंच गए। जिन्हें देख बाघ गन्ने मेें घुस गया। यहीं पर उसने 18 जून को सुंदरपुर के किसान बालकराम को हमला कर मार डाला था।
सुंदरपुर के बीडीसी रामकुमार वर्मा, प्रधान रामबिलास, पूर्व प्रधान सप्पू वर्मा, वीरेंद्र वर्मा, दयाशंकर, सत्यपाल आदि का कहना है कि बालकराम पर हमला करने वाला बाघ अभी तक सुंदरपुर, अयोध्यापुर, गंगापुर गांव के मध्य कठिना नदी की झाड़ी, गन्ने के खेतों में है। बताया कि रामनिवास गुप्ता यदि शोर न मचाते तो बाघ उन पर हमला कर सकता था। तीनों गांव में बाघ की दहशत है। लोग अपने ट्रैक्टर ट्रालियों पर मचान बना कर रह रहे हैं। इस पर गांव के तमाम लोग सवार होकर खेतों की ओर पीपा बजाकर जा रहे हैं। गांव के बच्चे खेलने के लिए भी बाहर नहीं निकल रहे हैं। वनकर्मियों का कहना है कि कठिना नदी और तालाबों में पानी न मिलने से बाघ किसानों के ट्यूब्बेलों पर पहुंच रहे हैं। जिन्हें गन्ने के खेतों में पर्याप्त भोजन मिल रहा है। गांव वालों के अनुसार वनकर्मी जंगल के इधर उधर विचरण करते हैं जिससे ग्रामीणों को स्वयं अपनी सुरक्षा करनी पड़ रही है। गांव के लोग जब खेत पर काम करते हैं उस समय मचान पर कम से कम 20 लोग निगरानी के लिए मौजूद रहते हैं।
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बाघ प्रभावित गांव पहुंचे डब्ल्यूटीआई के वैज्ञानिक
सीसीटीवी कैमरे और पिजड़े लगवाने का दिया आश्वासन
ममरी। दुधवा टाइगर रिजर्व से आए डब्ल्यूटीआई के वैज्ञानिकों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र सुंदरपुर और लीलापुर गांव पहुंचकर वहां की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही गांव वालों की बैठक बुलाकर उन्हें बाघ प्रभावित एरिया में सीसीटीवी कैमरे और पिजड़े लगवाने का आश्वासन दिया।
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महेशपुर रेंज के श्यामकिशोर शुक्ल, जेपी वर्मा आदि वनकर्मियों के साथ सुंदरपुर गांव पहुंचे डब्ल्यूटीआई के वैज्ञानिक ओमप्रकाश मिश्र, फ्रांसिस इस्सैल, फील्ड सहायक पालू ने गांव वालों से वहां के हालातों के बारे में जानकारी ली और गांव के ग्रामीणों को इकट्ठा कर बैठक की। वैज्ञानिकों ने उन्हें बताया कि बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए पहले बाघ प्रभावित क्षेत्रों में सीसी टीवी कैमरे लगवाए जाएंगे उसके बाद बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए पिजड़े लगवाए जाएंगे। वैज्ञानिकों की टीम लीलापुर गांव गई जहां उन्होंने बैल स्वामी वसीम आदि से जानकारी हासिल की। वैज्ञानिकों ने बताया कि बाघ के बढ़ते हमलों की रिपोर्ट लखनऊ और दिल्ली के अधिकारियों को भेज दी गई है, बाघ को पकड़वाने की कार्रवाई उन्हीं के आदेशानुसार की जाएगी। वैज्ञानिकों ने उस स्थान का भी निरीक्षण किया जहां बाघ ने सुंदरपुर के किसान बालकराम और लीलापुर किसान बसीम के बैलों पर हमला कर मार डाला था।