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बाघ के हमले से घायल गजराज का नहीं हो पा रहे बेहतर इलाज
Updated Fri, 08 Jun 2018 06:39 PM IST
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बाघ के हमले से घायल गजराज का नहीं हो पा रहा बेहतर इलाज
रुपयों की कमी आड़े आ रही
ममरी। बाघ के हमले में पहली मई को गंभीर रूप से घायल हुए गांव दूलीपुर निवासी गजराज को वन विभाग से कोई भी सहायता राशि अभी तक नहीं मिली है। आर्थिक स्थित ठीक न होने के कारण परिवार के लोग बेहतर इलाज नहीं करा पा रहे हैं। हालांकि लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती गजराज की हालत में सुधार बताया गया है। भाकियू लोकतांत्रिक के तहसील अध्यक्ष महेशचंद्र वर्मा ने पीड़ित को हरसंभव सहायता देने को कहा है।
पहली जून को कठिना नदी के घमहाघाट पर गन्ने के खेत में घास काटने गए मैलानी थाना क्षेत्र के गांव दूलीपुर निवासी 30 वर्षीय युवक गजराज पर गन्ने में छिपे बाघ ने हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल का इलाज अब लखनऊ में हो रहा है। तंगहाली से जूझ रहे भूमिहीन गजराज की पत्नी गंगा देवी का कहना है कि वन विभाग से कोई भी सहायता राशि अभी तक नहीं मिली है। आर्थिक तंगी के चलते वह पति का बेहतर इलाज नहीं करवा पा रही है। हालांकि हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। भाकियू लोकतांत्रिक के तहसील अध्यक्ष महेशचंद्र वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश गौतम का कहना है कि पीड़ित को सरकारी सहायता दिलाने के लिए रेंजर एसएन यादव आदि अधिकारियों से बात की जाएगी। हीला हवाली करने पर अगली रणनीति तैयार की जाएगी। फोरेस्टर राम प्रसाद का कहना है कि पीड़ित को मुआवजा दिलाने के लिए फाइल तैयार कर ली गई है। मेडिकल रिपोर्ट आदि अभिलेख मिलना शेष है। वह फाइल पूरी होते ही उसे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ परियोजना अधिकारी के पास भेज दी जाएगी। रेंजर एसएन यादव का कहना है कि बाघ के हमले में घायल होने पर तत्काल सहायता दी जाने का प्रावधान नहीं है बल्कि फाइल भेज कर पीड़ित को एक लाख रुपया मुआवजा दिलाया जाता है, जिसके लिए पत्रावली तैयार की जा रही है।
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रुपयों की कमी आड़े आ रही
ममरी। बाघ के हमले में पहली मई को गंभीर रूप से घायल हुए गांव दूलीपुर निवासी गजराज को वन विभाग से कोई भी सहायता राशि अभी तक नहीं मिली है। आर्थिक स्थित ठीक न होने के कारण परिवार के लोग बेहतर इलाज नहीं करा पा रहे हैं। हालांकि लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती गजराज की हालत में सुधार बताया गया है। भाकियू लोकतांत्रिक के तहसील अध्यक्ष महेशचंद्र वर्मा ने पीड़ित को हरसंभव सहायता देने को कहा है।
पहली जून को कठिना नदी के घमहाघाट पर गन्ने के खेत में घास काटने गए मैलानी थाना क्षेत्र के गांव दूलीपुर निवासी 30 वर्षीय युवक गजराज पर गन्ने में छिपे बाघ ने हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल का इलाज अब लखनऊ में हो रहा है। तंगहाली से जूझ रहे भूमिहीन गजराज की पत्नी गंगा देवी का कहना है कि वन विभाग से कोई भी सहायता राशि अभी तक नहीं मिली है। आर्थिक तंगी के चलते वह पति का बेहतर इलाज नहीं करवा पा रही है। हालांकि हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। भाकियू लोकतांत्रिक के तहसील अध्यक्ष महेशचंद्र वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश गौतम का कहना है कि पीड़ित को सरकारी सहायता दिलाने के लिए रेंजर एसएन यादव आदि अधिकारियों से बात की जाएगी। हीला हवाली करने पर अगली रणनीति तैयार की जाएगी। फोरेस्टर राम प्रसाद का कहना है कि पीड़ित को मुआवजा दिलाने के लिए फाइल तैयार कर ली गई है। मेडिकल रिपोर्ट आदि अभिलेख मिलना शेष है। वह फाइल पूरी होते ही उसे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ परियोजना अधिकारी के पास भेज दी जाएगी। रेंजर एसएन यादव का कहना है कि बाघ के हमले में घायल होने पर तत्काल सहायता दी जाने का प्रावधान नहीं है बल्कि फाइल भेज कर पीड़ित को एक लाख रुपया मुआवजा दिलाया जाता है, जिसके लिए पत्रावली तैयार की जा रही है।
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