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बैंकों ने ही कर दिया एक रुपये के सिक्के को ‘खोटा

Sat, 30 Sep 2017 11:47 PM IST
Updated Sat, 30 Sep 2017 11:47 PM IST
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बैंकों ने ही कर दिया एक रुपये के सिक्के को ‘खोटा’
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लखीमपुर खीरी।
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बैंक वाले एक रुपये का छोटा सिक्का अपने ग्राहकों से लेते नहीं हैं, जिसके चलते दुकानदार और आम लोग भी इस सिक्के को नहीं लेते। धीरे-धीरे यह सिक्का जिले में चलन से बाहर होता जा रहा है। हालांकि बैंक के वरिष्ठ अधिकारी से लेकर डीएम तक सिक्के खाते में जमा न करने पर सख्त चेतावनी भी दे चुके हैं, लेकिन कहीं कोई सुधार नहीं।
भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम के अनुसार परिचालन (बाजारों में सामानों के क्रय विक्रय के बाद कीमतों की अदायगी) के लिए सिक्के भारतीय बैंक के माध्यम से जारी किए जाते हैं। ऐसे में इन सिक्कों को बैंकों की ओर से दिया जाना जितना अनिवार्य है, उतना ही उनका वापस लेना भी, बावजूद इसके कर्मचारियों की कमी बताकर कई बैंक सिक्के जमा करने गए लोगों को लौटा दे रहे हैं। यही वजह है कि यह अफवाह फैल गई कि एक रुपये का छोटे आकार वाला सिक्का बंद हो रहा है। अफवाह फैलते ही मार्केट में दुकानदारों ने यह सिक्का लेना ही बंद कर रखा है, जिससे यह चलन से बाहर हो रहा है।
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केस-1
गोला डिपो की बस में परिचालक ने शनिवार की सुबह एक यात्री को एक-एक रुपये के दो सिक्के लौटाए, इस पर यात्री ने सिक्के लेने से मना कर दिया। इस पर परिचालक ने बैग से मुट्टी भर सिक्के निकालकर दिखाते हुए बताया कि मेरे पास पांच सौ रुपये से ज्यादा के सिक्के एकत्र हो चुके हैं। इनका क्या करूं। इस पर दोनों में विवाद होने लगा, जिस पर अन्य यात्रियों के हस्तक्षेप पर दोनों शांत हुए।
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केस-2
शहर के सौजन्या चौराहे के पास स्थित दूध डेयरी के मालिक के पास एक रुपये के करीब 20 हजार सिक्के हैं। बैंक इन सिक्कों को लेने तैयार नहीं। उनका कहना है कि बैंक वाले कहते हैं कि इन सिक्कों को गिनेगा कौन। नियमित आने वाले ग्राहक से सिक्का लेना उनकी मजबूरी है, लेकिन उनसे कोई ग्राहक एक रुपया लेने को भी तैयार नहीं है।

केस-3
मनीष गुप्ता का प्रोविजन स्टोर है। उनका कहना है कि गांवों के ज्यादातर ग्राहक आते हैं और सिक्के दे जाते हैं। दुकानदारी खराब न हो, इसलिए वह मना नहीं कर पाते, लेकिन उनके सिक्के कोई नहीं लेता। कहते हैं कि बैंक वाले अब दस रुपये के सिक्के और नोट भी लेने को तैयार नहीं होते।

चाहें एक रुपये का सिक्का हो या 10 रुपये का। ये सभी भारत सरकार के हैं। ये सभी प्रचलन में हैं। इन्हें लेने से कोई भी मना नहीं कर सकता। बैंकों को भी एक हजार रुपये तक के सिक्के लेने का निर्देश दिया गया है।

- एके द्विवेदी, लीड बैंक मैनेजर

सभी सिक्के प्रचलन में हैं। इन्हें लेने से कोई मना नहीं कर सकता। यदि कोई सिक्के लेने से मना करता है तो उसकी शिकायत संबंधित थाने में अथवा मुझसे करें। सिक्के लेने से मना करने वाले पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- आकाशदीप, डीएम
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