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घरों में भरा पानी, खुली छतों पर गुजार रहे दिन और रातें
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:50 PM IST
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घरों को पानी ने घेरा, अब छतों पर बसेरा
क्रासर......
स्कूल और पंचायत भवन बने बाढ़ पीड़ितों की शरण स्थली
चहमलपुर, समदहा रामनगर बगहा, गुलरिया में भू-कटान
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। क्षेत्र में शारदा और घाघरा नदियां फसलों समेत कृषि भूमि निगलती जा रही हैं। समदहा, रैनी और मांझा सुमाली में बाढ़ का पानी घरों मे भर जाने से लोग उनकी की छतों, स्कूल और पंचायत भवनों में शरण लिए हैं। घरों में पानी भरा होने से बाढ़ पीड़ितों को खाना बनाने में भी दिक्कतें हो रही हैं। पीड़ित छत पर बारिश झेलने को मजबूर हैं। एसडीएम ने एनडीआरएफ की टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों पर नजर रखेे हैं।
लगातार हो रही बरसात और बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी के चलते तहसील क्षेत्र की घाघरा और शारदा नदियां उफान पर हैं। इसके चलते ईसानगर के अतरौरा, सरैयाकलां, फिरोजाबाद, मिर्जापुर, मल्लापुर, बेलागढ़ी, साहबदीनपुरवा, कंजापुरवा, जंगल नंबर तीन, समदहा, रैनी, चहमलपुर, गनापुर, पोखरा, चकदहा, मांझा सुमाली रामनगर बगहा, गोड़ियाना सहित करीब पचास गांवों में पानी भरा हुआ है। वहीं शारदा नदी का पानी चहमलपुर समदहा और रैनी गांव में भरा हुआ है। बाढ़ पीड़ित घरों की छतों पर और स्कूल पंचायत भवनों के अलावा ऊंचे स्थानों पर खानाबदोशों सी जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
एसडीएम आशीष मिश्रा का कहना है बाढ़ की वजह से ग्रामीणों के घरों में पानी भरा है। लोगों को ऊंचे स्थानों पर रहने को कहा गया है। पीड़ितों को राहत किट के अलावा पका पकाया भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
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घरों को पानी ने घेरा, अब छतों पर बसेरा
क्रासर......
स्कूल और पंचायत भवन बने बाढ़ पीड़ितों की शरण स्थली
चहमलपुर, समदहा रामनगर बगहा, गुलरिया में भू-कटान
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। क्षेत्र में शारदा और घाघरा नदियां फसलों समेत कृषि भूमि निगलती जा रही हैं। समदहा, रैनी और मांझा सुमाली में बाढ़ का पानी घरों मे भर जाने से लोग उनकी की छतों, स्कूल और पंचायत भवनों में शरण लिए हैं। घरों में पानी भरा होने से बाढ़ पीड़ितों को खाना बनाने में भी दिक्कतें हो रही हैं। पीड़ित छत पर बारिश झेलने को मजबूर हैं। एसडीएम ने एनडीआरएफ की टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों पर नजर रखेे हैं।
लगातार हो रही बरसात और बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी के चलते तहसील क्षेत्र की घाघरा और शारदा नदियां उफान पर हैं। इसके चलते ईसानगर के अतरौरा, सरैयाकलां, फिरोजाबाद, मिर्जापुर, मल्लापुर, बेलागढ़ी, साहबदीनपुरवा, कंजापुरवा, जंगल नंबर तीन, समदहा, रैनी, चहमलपुर, गनापुर, पोखरा, चकदहा, मांझा सुमाली रामनगर बगहा, गोड़ियाना सहित करीब पचास गांवों में पानी भरा हुआ है। वहीं शारदा नदी का पानी चहमलपुर समदहा और रैनी गांव में भरा हुआ है। बाढ़ पीड़ित घरों की छतों पर और स्कूल पंचायत भवनों के अलावा ऊंचे स्थानों पर खानाबदोशों सी जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
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एसडीएम आशीष मिश्रा का कहना है बाढ़ की वजह से ग्रामीणों के घरों में पानी भरा है। लोगों को ऊंचे स्थानों पर रहने को कहा गया है। पीड़ितों को राहत किट के अलावा पका पकाया भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
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