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बंदर का शिकार कर रहे अजगर को देखकर मचा हड़कंप
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 10 Jul 2018 12:05 AM IST
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संपूर्णानगर। इलाके के वृंदावन कालोनी में उस समय हड़कंप मच गया, जब लोगों ने एक अजगर को बंदर का शिकार करता देखा। आनन-फानन लोग एकत्र हुए और बंदर को बचाने का प्रयास किया। लाठी-डंडों से खदेड़ते हुए अजगर को लोग मैदान तक ले आए। सूचना पर वन विभाग की टीम भी पहुंच गई। कड़ी मशक्कत के बाद अजगर पर काबू पाया जासका लेकिन बंदर की जान नहीं बच पाई।
वृंदावन कॉलोनी में बिहारी केवट का झाला (फार्म हाउस) है। सोमवार सुबह करीब पांच बजे एक बंदर को जकड़े हुए अजगर झाले में लगे नीम के पेड़ से बिहारी के घर के आंगन में गिरा। अजगर गिरते ही वहां हड़कंप मच गया। यह खबर जैसे ही लोगों को मिली लोग इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने अजगर के शिकंजे से बंदर को छुड़ाने का काफी प्रयास किया और लाठी-डंडों की मदद से उसे मैदान में ले आए। वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। वन दरोगा सतीश कुमार, वन दरोगा ज्ञानेन्द्र श्रीवास्तव, वाचर रामकुमार के साथ मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को पकड़कर बोरे में बंद किया गया जबकि अजगर के शिकंजे में आकर बंदर की मौत हो गई। इस दौरान खासी भीड़ जमा हो गई। रेंजर सुभाष चंद्र ने बताया कि अजगर को जंगल में छोड़ दिया गया है और मृत बंदर को भी दफना दिया गया।
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वृंदावन कॉलोनी में बिहारी केवट का झाला (फार्म हाउस) है। सोमवार सुबह करीब पांच बजे एक बंदर को जकड़े हुए अजगर झाले में लगे नीम के पेड़ से बिहारी के घर के आंगन में गिरा। अजगर गिरते ही वहां हड़कंप मच गया। यह खबर जैसे ही लोगों को मिली लोग इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने अजगर के शिकंजे से बंदर को छुड़ाने का काफी प्रयास किया और लाठी-डंडों की मदद से उसे मैदान में ले आए। वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। वन दरोगा सतीश कुमार, वन दरोगा ज्ञानेन्द्र श्रीवास्तव, वाचर रामकुमार के साथ मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को पकड़कर बोरे में बंद किया गया जबकि अजगर के शिकंजे में आकर बंदर की मौत हो गई। इस दौरान खासी भीड़ जमा हो गई। रेंजर सुभाष चंद्र ने बताया कि अजगर को जंगल में छोड़ दिया गया है और मृत बंदर को भी दफना दिया गया।
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