फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   पांव में पायलिया सोहे, हाथ में कंगनवा

पांव में पायलिया सोहे, हाथ में कंगनवा

Fri, 30 Mar 2018 07:35 PM IST
Updated Fri, 30 Mar 2018 07:35 PM IST
विज्ञापन
पांव में पायलिया सोहे, हाथ में कंगनवा
लीड
विज्ञापन

फोटो:30एलकेएच 202, 203 और 204

‘पांव में पायलिया सोहे, हाथ में कंगनवा’
चैती मेला में बही भोजपुरी गीतों की बयार
झांकियों ने मोह लिया मन, झूम उठे दर्शक
अमर उजाला ब्यूरो
गोला गोकर्णनाथ।
छोटी काशी के ऐतिहासिक चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर भोजपुरी गीतों की कुछ ऐसी बयार बही कि श्रोता देर रात झूमते रहे। वहीं झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
सांस्कृतिक मंच पर गोकर्णप्रसाद पांडे की अध्यक्षता में हुए सुरेश कुशवाहा एंड पार्टी ने भोजपुरी गीत संगीत कार्यक्रम पेश किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रामलखन पांडे, पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने दीप जलाकर किया।
विज्ञापन

कार्यक्रम की शुरुआत सूरज ने भजन श्री राधे गोविंदा मन भज ले हरि का प्यारा नाम है से की। भोजपुरी के मशहूर गायक सुरेश कुशवाहा ने- पांव में पायलिया सोहे, हाथ में कंगनवा। अंगनइया में बबूरा लगइवा त कइसे के आम हो जाई और जौन सुख अपनी मेहरिया मां, कोठे की सुनरिया में नाहीं। गायिका जया ने फुल बगिया से कागा उड़ि भागा, मोरे सइयां अभागा न जागा। तोहरा बलम कप्तान हो, सखि हमार किसनबा। रंगीला मोर बालमा मुनरी का नगीना हो। तिरंगा मोरा लहरे तूफानी गीत गाकर श्रोताओं का मन मोह लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

कलाकार रितेश गुप्ता ने अपने साथियों के साथ भगवान शंकर, राधा कृष्ण, साईं बाबा आदि की आकर्षक झांकियां दिखाकर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। गायक रामपाल निषाद ने संचालन करते हुए सुनाया-बहती है तो प्रेम की गंगा बहने दो, बहुत हो चुका इस देश में दंगा रहने दो। कौमी एकता पर सुनाया- जर्रे को चट्टान बना दे ऐ मौला, बहसी को इन्सान बनादे ऐ मौला। जिस दिन मंदिर के घंटे से स्वर मिल गया अजान का। उस दिन रूप बदल जाएगा अपने हिंदुस्तान का सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।

इस मौके पर ईओ आरआर अंबेश, नानकचंद वर्मा, संजय वर्मा, सौरभ तिवारी, हर्ष अवस्थी, वीरेंद्र कुमार, जमाल अहमद राईन, पवन बाजपेयी, अरविंद पांडे, प्रेमा पांडेय, अंजुम वारसी, अरुण कुमार सिंह, मनोज श्रीवास्तव, डॉ. वेदप्रकाश अग्निहोत्री, राजेश बाजपेयी आदि मौजूद रहे।

मेले में आज
ऐतिहासिक मेला चैती के सांस्कृतिक मंच पर 31 मार्च को स्थानीय कवि सम्मेलन शाम आठ बजे से।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed