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11 महीने में भी रेलवे नहीं बिछा सका 106 किमी लाइन
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:54 PM IST
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11 महीने में भी रेलवे नहीं बिछा सका 106 किमी लाइन
- फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी।
मैलानी और सीतापुर के बीच अमान परिवर्तन के लिए अक्तूबर 2016 में मेगा ब्लाक लिया गया था। तब से इस लाइन पर ट्रेन बंद है, लेकिन अभी तक सीतापुर-मैलानी के बीच (106.92 किमी) रेल लाइन डालने तक का काम पूरा नहीं हो सका है। इससे अभी तक इस रूट पर ट्रेनों का संचालन कब से शुरू होगा, इसकी स्थिति साफ नहीं। हालांकि रेलवे अधिकारी और कार्यदायी संस्था के लोग अब मार्च 2018 तक काम पूरा होने की बात कह रहे हैं।
ऐशबाग-मैलानी के बीच 195 किलोमीटर अमान परिवर्तन का काम शुरू होने के पहले दौर में ऐशबाग-सीतापुर के बीच ट्रेनों का संचालन बंद हुआ था, जिसके करीब छह माह बाद 15 अक्तूबर 2016 को सीतापुर-मैलानी रूट पर 106.92 किलोमीटर ब्राडगेज निर्माण के लिए ट्रेनों का संचालन बंद हुआ था। 11 माह बीतने के बाद अभी तक कार्यदायी संस्था रेल लाइन बिछाने का काम पूरा नहीं कर सकी है, जबकि लाइन बिछाने के साथ-साथ प्लेटफार्म निर्माण, सिग्नल का काम, फुट ओवरब्रिज, पुल आदि का निर्माण होना अभी शेष है।
80 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा
कार्यदायी संस्था के अधिकारी सीतापुर-मैलानी के बीच 80 प्रतिशत ब्राडगेज का काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब सिर्फ करीब दस किलोमीटर पटरी बिछाने का काम ही शेष है और बांकेगज व फरधान में नहर पुल का निर्माण भी प्रगति पर है, जबकि सिग्नल, प्लेटफार्म आदि का निर्माण भी लगभग पूरा होने को है।
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ट्रेनों के संचालन की नहीं दे पा रहे जानकारी
रेलवे के अधिकारी हों या फिर कार्यदायी संस्था के लोग सभी अमान परिवर्तन का अधिकांश काम पूरा होने और शेष काम मार्च 2018 तक पूरा होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन ट्रेनों के चलने की स्थिति के बारे में कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। हालांकि कार्यदायी संस्था के लोगों का कहना है कि ट्रायल आदि में अभी काफी समय लगेगा, जिससे 2018 के आखिर में ही ट्रेनों का संचालन शुरू हो पाएगा।
अमान परिवर्तन का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि बीच में नोटबंदी, निर्माण सामग्री आदि के न मिलने से कार्य में व्यवधान हुआ था, लेकिन अब काम स्पीड से हो रहा है। रेलवे ट्रैक, सिग्नल और प्लेटफार्म आदि का संपूर्ण कार्य मार्च 2018 में पूरा हो जाएगा।
- आलोक श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे
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मैलानी और सीतापुर के बीच अमान परिवर्तन के लिए अक्तूबर 2016 में मेगा ब्लाक लिया गया था। तब से इस लाइन पर ट्रेन बंद है, लेकिन अभी तक सीतापुर-मैलानी के बीच (106.92 किमी) रेल लाइन डालने तक का काम पूरा नहीं हो सका है। इससे अभी तक इस रूट पर ट्रेनों का संचालन कब से शुरू होगा, इसकी स्थिति साफ नहीं। हालांकि रेलवे अधिकारी और कार्यदायी संस्था के लोग अब मार्च 2018 तक काम पूरा होने की बात कह रहे हैं।
ऐशबाग-मैलानी के बीच 195 किलोमीटर अमान परिवर्तन का काम शुरू होने के पहले दौर में ऐशबाग-सीतापुर के बीच ट्रेनों का संचालन बंद हुआ था, जिसके करीब छह माह बाद 15 अक्तूबर 2016 को सीतापुर-मैलानी रूट पर 106.92 किलोमीटर ब्राडगेज निर्माण के लिए ट्रेनों का संचालन बंद हुआ था। 11 माह बीतने के बाद अभी तक कार्यदायी संस्था रेल लाइन बिछाने का काम पूरा नहीं कर सकी है, जबकि लाइन बिछाने के साथ-साथ प्लेटफार्म निर्माण, सिग्नल का काम, फुट ओवरब्रिज, पुल आदि का निर्माण होना अभी शेष है।
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80 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा
कार्यदायी संस्था के अधिकारी सीतापुर-मैलानी के बीच 80 प्रतिशत ब्राडगेज का काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब सिर्फ करीब दस किलोमीटर पटरी बिछाने का काम ही शेष है और बांकेगज व फरधान में नहर पुल का निर्माण भी प्रगति पर है, जबकि सिग्नल, प्लेटफार्म आदि का निर्माण भी लगभग पूरा होने को है।
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ट्रेनों के संचालन की नहीं दे पा रहे जानकारी
रेलवे के अधिकारी हों या फिर कार्यदायी संस्था के लोग सभी अमान परिवर्तन का अधिकांश काम पूरा होने और शेष काम मार्च 2018 तक पूरा होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन ट्रेनों के चलने की स्थिति के बारे में कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। हालांकि कार्यदायी संस्था के लोगों का कहना है कि ट्रायल आदि में अभी काफी समय लगेगा, जिससे 2018 के आखिर में ही ट्रेनों का संचालन शुरू हो पाएगा।
अमान परिवर्तन का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि बीच में नोटबंदी, निर्माण सामग्री आदि के न मिलने से कार्य में व्यवधान हुआ था, लेकिन अब काम स्पीड से हो रहा है। रेलवे ट्रैक, सिग्नल और प्लेटफार्म आदि का संपूर्ण कार्य मार्च 2018 में पूरा हो जाएगा।
- आलोक श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे