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विश्व रिकॉर्डधारी यतीश ने एक और रिकॉर्ड बनाने का लिया संकल्प
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लखीमपुर खीरी। सबसे लंबे समय तक पढ़ाने और पढने का विश्व कीर्तिमान बनाने वाले यतीश चंद्र शुक्ला ने एक और विश्व रिकार्ड बनाने का संकल्प लिया है। इस बार वह लॉन्गेस्ट स्पीच मैराथन (सबसे लंबा भाषण) का रिकार्ड बनाएंगे। अभी यह रिकार्ड नेपाल के अनंता केसी के नाम है, जिन्होंने 90 घंटे दो मिनट तक लगातार भाषण दिया था। इस आयोजन के लिए गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड्स और गोल्डन बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड्स से अनुमति मिल गई है। पांच जनवरी से नौ जनवरी 2019 तक यह कार्यक्रम शहर के श्रीकृष्णा मैरिज लान में होगा, जिसका यू-ट्यूब के माध्यम से ऑनलाइन प्रसारण किया जाएगा।
मोहम्मदी तहसील के गांव रेहरिया निवासी यतीश चंद्र शुक्ला ने चार से 10 जून 2018 के मध्य भीषण गर्मी में गोरखपुर के टाइम इंस्टीट्यूट में 148 घंटे 14 मिनट 23 सेकंड तक भारतीय प्रशासनिक सेवा के विद्यार्थियों को लगातार पढ़ाकर पहला विश्व कीर्तिमान स्थापित किया था। इसके बाद उन्होंने गोला गोकर्णनाथ के कृषक समाज इंटर कालेज में 25 से 30 सितंबर 2018 के मध्य शरद ऋतु के बदलते मौसम में 123 घंटे 33 मिनट 44 सेकंड तक 42 पुस्तकों का पाठ करके दूसरा विश्व रिकॉर्ड बनाया था। अब उन्होंने तीसरा विश्व रिकॉर्ड जनवरी में कड़ाके की ठंड में अपने नाम करने का संकल्प लिया है। अजमानी इंटरनेशनल स्कूल में हुई प्रेसवार्ता में यतीश चंद्र शुक्ला ने बताया कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम इस कार्यक्रम की ऑनलाइन निगरानी करेगी, जबकि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहेेंगे। गणमान्य व्यक्तियों में से दो-दो व्यक्ति तीन-तीन घंटे के लिए कार्यक्रम में जज की भूमिका में रहेंगे। इसके अलावा युवाओं की टीम टाइम कीपर एवं स्टीवार्ड की भूमिका निभाएगी। यतीश ने बताया कि 70 से अधिक विषयों पर 100 घंटे से अधिक भाषण देकर नेपाल के अनंता केसी का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर इसे भारत के नाम दर्ज कराएंगे। प्रेसवार्ता में शिप्रा खरे, जसमीत सिंह अजमानी उर्फ विक्की, ऋतुराज वाजपेयी, शरद गुप्ता मौजूद रहे।
कम से कम 15 श्रोताओं की उपस्थिति अनिवार्य
इस कार्यक्रम में प्रत्येक समय कम से कम 15 श्रोताओं की उपस्थिति अनिवार्य है। तीन घंटे बाद जज बदलेंगे। प्रत्येक विषय पर कम से कम 15 मिनट तक भाषण देना जरूरी होगा। प्रत्येक घंटे में पांच मिनट का ब्रेक मिलेगा।
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पांच दिन तक करेंगे मौन साधना
लगातार 100 घंटे तक बिना किसी साहित्य के भाषण देना आसान नहीं है। इस कार्यक्रम की तैयारी के लिए नववर्ष आते ही यतीश पांच दिनों तक मौन रहकर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करके शक्ति अर्जित करेंगे। इस दौरान वह एक कमरे में बंद रहकर विभिन्न विषयों का अध्ययन भी करेंगे।
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मोहम्मदी तहसील के गांव रेहरिया निवासी यतीश चंद्र शुक्ला ने चार से 10 जून 2018 के मध्य भीषण गर्मी में गोरखपुर के टाइम इंस्टीट्यूट में 148 घंटे 14 मिनट 23 सेकंड तक भारतीय प्रशासनिक सेवा के विद्यार्थियों को लगातार पढ़ाकर पहला विश्व कीर्तिमान स्थापित किया था। इसके बाद उन्होंने गोला गोकर्णनाथ के कृषक समाज इंटर कालेज में 25 से 30 सितंबर 2018 के मध्य शरद ऋतु के बदलते मौसम में 123 घंटे 33 मिनट 44 सेकंड तक 42 पुस्तकों का पाठ करके दूसरा विश्व रिकॉर्ड बनाया था। अब उन्होंने तीसरा विश्व रिकॉर्ड जनवरी में कड़ाके की ठंड में अपने नाम करने का संकल्प लिया है। अजमानी इंटरनेशनल स्कूल में हुई प्रेसवार्ता में यतीश चंद्र शुक्ला ने बताया कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम इस कार्यक्रम की ऑनलाइन निगरानी करेगी, जबकि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहेेंगे। गणमान्य व्यक्तियों में से दो-दो व्यक्ति तीन-तीन घंटे के लिए कार्यक्रम में जज की भूमिका में रहेंगे। इसके अलावा युवाओं की टीम टाइम कीपर एवं स्टीवार्ड की भूमिका निभाएगी। यतीश ने बताया कि 70 से अधिक विषयों पर 100 घंटे से अधिक भाषण देकर नेपाल के अनंता केसी का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर इसे भारत के नाम दर्ज कराएंगे। प्रेसवार्ता में शिप्रा खरे, जसमीत सिंह अजमानी उर्फ विक्की, ऋतुराज वाजपेयी, शरद गुप्ता मौजूद रहे।
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कम से कम 15 श्रोताओं की उपस्थिति अनिवार्य
इस कार्यक्रम में प्रत्येक समय कम से कम 15 श्रोताओं की उपस्थिति अनिवार्य है। तीन घंटे बाद जज बदलेंगे। प्रत्येक विषय पर कम से कम 15 मिनट तक भाषण देना जरूरी होगा। प्रत्येक घंटे में पांच मिनट का ब्रेक मिलेगा।
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पांच दिन तक करेंगे मौन साधना
लगातार 100 घंटे तक बिना किसी साहित्य के भाषण देना आसान नहीं है। इस कार्यक्रम की तैयारी के लिए नववर्ष आते ही यतीश पांच दिनों तक मौन रहकर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करके शक्ति अर्जित करेंगे। इस दौरान वह एक कमरे में बंद रहकर विभिन्न विषयों का अध्ययन भी करेंगे।