फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   आंधी-बारिश में गेहूं-सरसों को हुआ भारी नुकसान

आंधी-बारिश में गेहूं-सरसों को हुआ भारी नुकसान

Thu, 12 Apr 2018 08:24 PM IST
Updated Thu, 12 Apr 2018 08:24 PM IST
विज्ञापन
आंधी-बारिश में गेहूं-सरसों को हुआ भारी नुकसान
लीड
विज्ञापन


आंधी-बारिश में गेहूं-सरसों को
हुई भारी क्षति, रिपोर्ट शून्य भेजी
कहीं 40 तो कहीं 20 फीसदी फसलों की हुई क्षति
- शासन ने मांगी रिपोर्ट तो लेखपालों ने भेज दी मनगढ़ंत रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
रबी सीजन में गेहूं की फसल खेतों में कटने को तैयार है, लेकिन नौ अप्रैल 2018 को दिन में आई आंधी-बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। इसे संज्ञान में लेते हुए शासन ने सभी जिलों से फसलों को हुए नुकसान और जनहानि के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी, जिसके जवाब में जिला प्रशासन ने किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट शून्य दर्शाते हुए आख्या शासन को भेज दी है। इससे पीड़ित किसानों को झटका लगा है। वहीं तहसीलों द्वारा लेखपालों से बनवाकर भेजी गई रिपोर्ट भी सवालों के घेरे में आ गई है। अंदेशा इस बात का है कि लेखपालों ने खेतों का सर्वे नहीं किया और न ही किसानों से बात की, बल्कि मनगढ़ंत आख्या बनाकर भेज दी है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश जनपदों में नौ से 11 अप्रैल 2018 के बीच ओलावृष्टि, आंधी, तूफान और बिजली गिरने की भविष्यवाणी की थी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान सच साबित हुआ और नौ अप्रैल को दोपहर में मौसम एकदम बदला, जिससे देखते ही देखते भीषण आंधी के साथ बारिश हो गई। करीब आधे घंटे से अधिक बारिश और कहीं ओलावृष्टि होने से गेहूं, सरसों आदि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। पककर तैयार गेहूं की फसल तेज आंधी के चलते गिर गई थी। अचानक आई आंधी और बारिश से फसलों को 20 से 40 फीसदी तक नुकसान होने का अनुमान है। शासन के उप सचिव श्याम मोहन तिवारी उसी दिन (नौ अप्रैल) को फैक्स भेजकर आंधी-बारिश से फसलों को हुए नुकसान और जनहानि की रिपोर्ट सभी जनपदों के डीएम से मांगी थी। इसके बाद सातों तहसीलों ने अपने क्षेत्र में फसलों के हुए नुकसान का आकलन कराए बिना ही शून्य नुकसान की रिपोर्ट दैवीय आपदा राहत विभाग को भेज दी गई। रिपोर्ट में निर्धारित मानक 33 प्रतिशत से कम नुकसान का हवाला देते हुए नुकसान शून्य बताया गया है। इसमें एक भी किसान की फसल के सर्वे का उल्लेख नहीं है।
विज्ञापन


12एलकेएच503
30 फीसदी गेहूं को हुआ नुकसान
बांकेगंज। स्टेशनपुरवा गांव निवासी किसान गोल्डी गोयल ने बताया कि 12 बीघा तैयार खड़ी गेंहू फसल की कटाई करने की तैयारी थी, लेकिन नौ अप्रैल को आई आंधी बारिश से अरमानों पर पानी फिर गया, क्योंकि 30 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हो गई। करीब 40 क्विंटल गेहूं उत्पादन की उम्मीद थी, जो अब घटकर आधी रह गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


12एलकेएची504
भीगने के साथ जमीन पर गिरा गेहूं
गुलाबनगर गांव निवासी किसान खुर्शीद आलम ने बताया कि 15 बीघा तैयार खड़ी गेहूं फसल की कंबाइन मशीन से सोमवार शाम कटवाने की पूरी तैयारी थी। इससे पहले दोपहर में ही आंधी और बारिश से गेहूं की फसल भीगने के साथ ही गिर गई। करीब 60 क्विंटल गेंहू निकलने की उम्मीद थी, लेकिन बेमौम बारिश से करीब 35 फीसदी फसल की क्षति हुई है।


शासनादेश के मुताबिक 33 प्रतिशत से कम नुकसान होने पर कोई मुआवजा देय नहीं है। नौ अप्रैल को आंधी-बारिश से फसलों को नुकसान मामूली तौर पर हुआ है, जिससे शासन को रिपोर्ट नुकसान की रिपोर्ट शून्य भेजी गई है।
- अरुण कुमार सिंह, एडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed