{"_id":"59e74f984f1c1bc8678b67fa","slug":"101508331416-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल सरकार ने आतिशबाजी बेचने व खरीदने पर लगाया प्रतिबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेपाल सरकार ने आतिशबाजी बेचने व खरीदने पर लगाया प्रतिबंध
Updated Wed, 18 Oct 2017 11:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी/ धनगढ़ी-नेपाल। जहां पूरे भारत में दीपावली पर खरबों रुपये की आतिशबाजी जलाकर दिवाली मनाने का चलन है। वहीं नेपाल में दीपावली बगैर आतिशबाजी के ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। कारण, यहां पर पटाखा जलाना और बिक्री करना प्रतिबंधित है। नेपाली गृह मंत्रालय ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि पटाखा बेचने और जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
दीपावली पर नेपाल में घरों में रंग-रोगन कर उन्हें झालरों, फूलमालाओं, बिजली की झालरों से सजाया जाता है। इस दिन घरों में लक्ष्मी पूजन भी होता है परंतु वहां आतिशबाजी जलाने और बिक्री करने की मनाई होती है और ऐसा सालों से होता आ रहा है। इस वर्ष भी नेपाल में गृहमंत्रालय नेे आतिशबाजी जलाने तथा बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उधर, नेपाल पुलिस ने भारत से आने वाले पटाखे पर भी रोक लगाने के लिए सीमा पर कड़ी चौकसी बरतनी शुरू कर दी है। साथ ही मोहाना नदी घाट पर भी पेट्रोलिंग गश्त बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
नेपाल में प्रतिबंध के बावजूद बार्डर से होती है तस्करी
पलियाकलां।
नेपाल में आतिशबाजी के प्रतिबंध के बाद भी भारत से नेपाल पटाखों की तस्करी निरंतर जारी है। गौरीफंटा मंडी में स्टॉक कर पटाखों को रखा जाता है। इसके बाद अलग-अलग रास्तों से उनको नेपाल पहुंचाया जाता है। पुलिस की मिलीभगत से यह कार्य दीपावली के चार-पांच दिन पहले से ही शुरू हो जाता है। प्रतिबंध के बावजूद गौरीफंटा मंडी से तस्कर पटाखों को नेपाल पहुंचा रहे हैं, जबकि अन्य थारू गांवों से तस्करी के माल के भीतर छुपा कर पटाखा नेपाल पहुंचाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो गौरीफंटा मंडी में पटाखा स्टॉक कर रखने में पुलिस का भी सहयोग रहता है, इसके लिए पुलिस को सुविधा शुल्क दिया जाता है।
विज्ञापन
दीपावली पर नेपाल में घरों में रंग-रोगन कर उन्हें झालरों, फूलमालाओं, बिजली की झालरों से सजाया जाता है। इस दिन घरों में लक्ष्मी पूजन भी होता है परंतु वहां आतिशबाजी जलाने और बिक्री करने की मनाई होती है और ऐसा सालों से होता आ रहा है। इस वर्ष भी नेपाल में गृहमंत्रालय नेे आतिशबाजी जलाने तथा बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
उधर, नेपाल पुलिस ने भारत से आने वाले पटाखे पर भी रोक लगाने के लिए सीमा पर कड़ी चौकसी बरतनी शुरू कर दी है। साथ ही मोहाना नदी घाट पर भी पेट्रोलिंग गश्त बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
नेपाल में प्रतिबंध के बावजूद बार्डर से होती है तस्करी
पलियाकलां।
नेपाल में आतिशबाजी के प्रतिबंध के बाद भी भारत से नेपाल पटाखों की तस्करी निरंतर जारी है। गौरीफंटा मंडी में स्टॉक कर पटाखों को रखा जाता है। इसके बाद अलग-अलग रास्तों से उनको नेपाल पहुंचाया जाता है। पुलिस की मिलीभगत से यह कार्य दीपावली के चार-पांच दिन पहले से ही शुरू हो जाता है। प्रतिबंध के बावजूद गौरीफंटा मंडी से तस्कर पटाखों को नेपाल पहुंचा रहे हैं, जबकि अन्य थारू गांवों से तस्करी के माल के भीतर छुपा कर पटाखा नेपाल पहुंचाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो गौरीफंटा मंडी में पटाखा स्टॉक कर रखने में पुलिस का भी सहयोग रहता है, इसके लिए पुलिस को सुविधा शुल्क दिया जाता है।