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Kushinagar News: आरसीसी परक्यूपाइन लगाने का कार्य शुरू
Sat, 13 Jun 2026 02:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 13 Jun 2026 02:19 AM IST
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किमी 7.8 लक्ष्मीपुर के पास कटान करती गंडक नदी।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। एपी बांध और नरवाजोत बांध की सुरक्षा की परियोजनाओं का कार्य तो चल रहा है। तीनों परियोजनाओं के तहत आरसीसी परक्यूपाइन लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। सीमेंट, कंकरीट व लोहे की छड़ निर्मित यह परक्यूपाइन कटान के सर्वाधिक खतरे वाले स्थान पर लगाया जाता है।
बाढ़ के समय नदी की धारा को बांध तक पहुंचने से रोकने और धारा का रुख डायवर्ट करने में मदद करती है, जिससे कटान के खतरे कम किया जा सकता है।
इस वर्ष शासन ने एपी बांध व नरवाजोत बांध पर बांध सुरक्षात्मक कार्य के लिए 32.71 करोड़ की तीन परियोजनाओं की मंजूरी दी है।
परियोजना के कार्यों के साथ बांध की सुरक्षा को और मजबूत बनाने को लेकर आरसीसी परक्यूपाइन भी लगाने का कार्य भी शुरू हो गया है। पहली परियोजना नरवाजोत में किमी 0.000 से किमी 1.300 के बीच व किमी1.950 से किमी 2.100 के बीच, दूसरी परियोजना नरवाजोत बांध पर किमी 0.525 से किमी 1.000 के बीच और तीसरी परियोजना एपी बांध पर किमी 3.500 से किमी 4.000 के बीच तीन पंक्तियों में परक्युपाइन लगाया जाना है।
बाढ़ खण्ड के अभियंता बताते हैं कि सीमेंट, कंकरीट और लोहे के छड़ के इस्तेमाल से निर्मित यह परक्यूपाइन बांध के जिस हिस्से में सर्वाधिक कटान का खतरा होता, वहां लगाया जाता है।
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इस संबंध मेें बाढ़ खण्ड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि बाढ़ के समय बांध की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए परियोजना कार्य के साथ सभी प्रस्तावित जगहों पर परक्यूपाइन लगाने का कार्य किया जा रहा है, ताकि बाढ़ व कटान के खतरे को कम किया जा सके।ो
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तमकुहीरोड। एपी बांध और नरवाजोत बांध की सुरक्षा की परियोजनाओं का कार्य तो चल रहा है। तीनों परियोजनाओं के तहत आरसीसी परक्यूपाइन लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। सीमेंट, कंकरीट व लोहे की छड़ निर्मित यह परक्यूपाइन कटान के सर्वाधिक खतरे वाले स्थान पर लगाया जाता है।
बाढ़ के समय नदी की धारा को बांध तक पहुंचने से रोकने और धारा का रुख डायवर्ट करने में मदद करती है, जिससे कटान के खतरे कम किया जा सकता है।
इस वर्ष शासन ने एपी बांध व नरवाजोत बांध पर बांध सुरक्षात्मक कार्य के लिए 32.71 करोड़ की तीन परियोजनाओं की मंजूरी दी है।
परियोजना के कार्यों के साथ बांध की सुरक्षा को और मजबूत बनाने को लेकर आरसीसी परक्यूपाइन भी लगाने का कार्य भी शुरू हो गया है। पहली परियोजना नरवाजोत में किमी 0.000 से किमी 1.300 के बीच व किमी1.950 से किमी 2.100 के बीच, दूसरी परियोजना नरवाजोत बांध पर किमी 0.525 से किमी 1.000 के बीच और तीसरी परियोजना एपी बांध पर किमी 3.500 से किमी 4.000 के बीच तीन पंक्तियों में परक्युपाइन लगाया जाना है।
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बाढ़ खण्ड के अभियंता बताते हैं कि सीमेंट, कंकरीट और लोहे के छड़ के इस्तेमाल से निर्मित यह परक्यूपाइन बांध के जिस हिस्से में सर्वाधिक कटान का खतरा होता, वहां लगाया जाता है।
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इस संबंध मेें बाढ़ खण्ड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि बाढ़ के समय बांध की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए परियोजना कार्य के साथ सभी प्रस्तावित जगहों पर परक्यूपाइन लगाने का कार्य किया जा रहा है, ताकि बाढ़ व कटान के खतरे को कम किया जा सके।ो

किमी 7.8 लक्ष्मीपुर के पास कटान करती गंडक नदी।संवाद