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Kushinagar News: हवा बनीं शूल, गलन से कांपे हाड़
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पडरौना नगर में ठंड से बचने के लिए अलाव तापते राहगीर।
- फोटो : KUSHINAGAR
हवा बनीं शूल, गलन से कांपे हाड़
तीन दिनों तक ठंड से नहीं मिलेगी राहत, पछुआ हवा से बढ़ी दिक्कत, आमजनजीवन हुआ प्रभावित
रविवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री दर्ज किया गया
पडरौना। जिले में रविवार को भी ठंड का असर जारी है। बर्फीली हवा जहां शूल बनकर चुभ रही है, वहीं गलन से लोगों के हाड़ कांप गए। मौसम विभाग की माने तो अभी आने वाले तीन दिन तक लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है। इस दौरान तापमान 18 से सात डिग्री सेल्सियस के बीच रहने और छह से दस किलोमीटर की गति से हवा चलने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को ठंड से बचाव का उपाय करना चाहिए।
बीते दो जनवरी को मौसम ने करवट बदली और जिले में कोहरे के साथ गलन दिन प्रतिदिन बढ़ती चली गई। रविवार को अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। करीब सात किलोमीटर की गति से पछुआ हवा चलने से ठंड बरकरार है। दिन ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है और लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं। जरूरी काम से घर से बाहर निकले लोग, जहां भी अलाव मिला, रुककर कुछ देर के लिए शरीर को गर्म कर रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि कुछ दिन पूर्व तक जिन स्थानों पर अलाव जल रहे थे, वहां रविवार को अलाव बुझा दिखा। इसमें पडरौना बस स्टेशन, पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय, रेलवे स्टेशन, कसेरा टोली मोड, बेलवा चुंगी समेत अन्य कई स्थानों पर अलाव जल रहे थे, लेकिन इन स्थानों पर रविवार को अलाव नहीं जलाया गया। इससे वहां जाने वाले लोग ठंड से परेशान दिखे।
रहसू बाजार प्रतिनिधि के अनुसार ठंड के बढ़ते प्रभाव से स्थानीय बाजार में दिन के समय सन्नाटा दिखाई दिया। रहसू जनूबी पट्टी गांव के प्रधान प्रतिनिधि मारकंडेय प्रसाद ने बाजार में तीन से चार स्थान पर अलाव जलवाया, जहां बाजार करने गए क्षेत्र के ठाकुर अरविंद सिंह, रामसेवक कुशवाहा, झुनेंद्र सिंह, संजय सिंह, महेंद्र कुशवाहा, जोगिंदर सिंह, अलोक मिश्रा आदि लोग शरीर को गर्म करते देखे गए।
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रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार सुबह से सर्द हवा चलने के कारण लोग अलाव तापते नजर आए। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवा का जोर बने रहने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सर्दी का यह दौर अगले तीन से चार दिनों तक बना रहेगा।
बच्चों को ठंड से बचाने के लिए पहनाएं गर्म कपड़े
ठंड की वजह से बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और निमोनिया जैसी बीमारी होने की संभावना रहती है। ठंड के मौसम में कुछ वायरस एक्टिवेट हो जाते हैं। इसकी वजह से बच्चों में ब्रूम कोलाइटिस और ब्रोकोनिमोनिया यानी सांस की दिक्कत होने लगती है। इससे बचाव के लिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और ठंड से बचाव के लिए अन्य उपाय करें। कोई भी परेशानी होने पर डॉक्टर से मिलकर सलाह लें।
डॉ. अंबरीष सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ, रामकोला सीएचसी।
ठंड से बढ़ती है हृदय रोग की बीमारी
सर्द हवा के साथ पढ़ रही भीषण ठंड हृदय रोगियों के लिए चिंताजनक है। सीएचसी में फालिस के शिकार तीन मरीज भर्ती हैं, जिसमें से दो मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। कोल्ड डायरिया से पीड़ित कई बच्चों का इलाज चल रहा है। ठंड के मौसम में प्रत्येक व्यक्ति को ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करना चाहिए।
डॉ. एपी गुप्ता, सीएचसी, रामकोला।
पशुओं को ठंड से बचाने के लिए करें पर्याप्त इंतजाम
तमकुहीरोड क्षेत्र में चल रही भीषण शीतलहर से लोगों के साथ पशु भी बेहाल हैं। इससे पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में पशुओं के शरीर के ताप में गिरावट आने से सोडियम और पोटेशियम जैसे साल्ट की कमी आ जाती है। इसलिए पशुओं को ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम करना चाहिए। मिश्रौली के पशुपालक ब्यास कुशवाहा ने बताया कि ठंड से मवेशी परेशान हैं। उनके भीतर दुग्ध उत्पादन की क्षमता भी प्रभावित होने लगी है। विरवट कोंन्हवलिया के पशुपालक संजय सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पड़ रही शीतलहर से मवेशियों को बचाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन यह इंतजाम नाकाफी साबित हो रहा है। सेवरही पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. दिनेश मौर्य ने बताया कि इस मौसम में पशुओं को ठंड के कहर से बचाने की जरूरत है। इसके लिए पशुपालक पशुओं को पशुबाड़ों में रखें और शीतलहर के प्रकोप से बचाव की व्यवस्था करें। पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखने के साथ ही इलाज शुरू कर दें।
आने वाले पांच दिन का मौसम का पूर्वानुमान
दिन ............ अधिकतम ............ न्यूनतम
सोमवार ........ 21 ................... सात
मंगलवार ........ 22 ................... आठ
बुधवार ............. 21 ............... आठ
बृहस्पतिवार ..... 22 .................. दस
शुक्रवार ..... .....22 .................. सात
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तीन दिनों तक ठंड से नहीं मिलेगी राहत, पछुआ हवा से बढ़ी दिक्कत, आमजनजीवन हुआ प्रभावित
रविवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री दर्ज किया गया
पडरौना। जिले में रविवार को भी ठंड का असर जारी है। बर्फीली हवा जहां शूल बनकर चुभ रही है, वहीं गलन से लोगों के हाड़ कांप गए। मौसम विभाग की माने तो अभी आने वाले तीन दिन तक लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है। इस दौरान तापमान 18 से सात डिग्री सेल्सियस के बीच रहने और छह से दस किलोमीटर की गति से हवा चलने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को ठंड से बचाव का उपाय करना चाहिए।
बीते दो जनवरी को मौसम ने करवट बदली और जिले में कोहरे के साथ गलन दिन प्रतिदिन बढ़ती चली गई। रविवार को अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। करीब सात किलोमीटर की गति से पछुआ हवा चलने से ठंड बरकरार है। दिन ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है और लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं। जरूरी काम से घर से बाहर निकले लोग, जहां भी अलाव मिला, रुककर कुछ देर के लिए शरीर को गर्म कर रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि कुछ दिन पूर्व तक जिन स्थानों पर अलाव जल रहे थे, वहां रविवार को अलाव बुझा दिखा। इसमें पडरौना बस स्टेशन, पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय, रेलवे स्टेशन, कसेरा टोली मोड, बेलवा चुंगी समेत अन्य कई स्थानों पर अलाव जल रहे थे, लेकिन इन स्थानों पर रविवार को अलाव नहीं जलाया गया। इससे वहां जाने वाले लोग ठंड से परेशान दिखे।
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रहसू बाजार प्रतिनिधि के अनुसार ठंड के बढ़ते प्रभाव से स्थानीय बाजार में दिन के समय सन्नाटा दिखाई दिया। रहसू जनूबी पट्टी गांव के प्रधान प्रतिनिधि मारकंडेय प्रसाद ने बाजार में तीन से चार स्थान पर अलाव जलवाया, जहां बाजार करने गए क्षेत्र के ठाकुर अरविंद सिंह, रामसेवक कुशवाहा, झुनेंद्र सिंह, संजय सिंह, महेंद्र कुशवाहा, जोगिंदर सिंह, अलोक मिश्रा आदि लोग शरीर को गर्म करते देखे गए।
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रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार सुबह से सर्द हवा चलने के कारण लोग अलाव तापते नजर आए। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवा का जोर बने रहने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सर्दी का यह दौर अगले तीन से चार दिनों तक बना रहेगा।
बच्चों को ठंड से बचाने के लिए पहनाएं गर्म कपड़े
ठंड की वजह से बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और निमोनिया जैसी बीमारी होने की संभावना रहती है। ठंड के मौसम में कुछ वायरस एक्टिवेट हो जाते हैं। इसकी वजह से बच्चों में ब्रूम कोलाइटिस और ब्रोकोनिमोनिया यानी सांस की दिक्कत होने लगती है। इससे बचाव के लिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और ठंड से बचाव के लिए अन्य उपाय करें। कोई भी परेशानी होने पर डॉक्टर से मिलकर सलाह लें।
डॉ. अंबरीष सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ, रामकोला सीएचसी।
ठंड से बढ़ती है हृदय रोग की बीमारी
सर्द हवा के साथ पढ़ रही भीषण ठंड हृदय रोगियों के लिए चिंताजनक है। सीएचसी में फालिस के शिकार तीन मरीज भर्ती हैं, जिसमें से दो मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। कोल्ड डायरिया से पीड़ित कई बच्चों का इलाज चल रहा है। ठंड के मौसम में प्रत्येक व्यक्ति को ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करना चाहिए।
डॉ. एपी गुप्ता, सीएचसी, रामकोला।
पशुओं को ठंड से बचाने के लिए करें पर्याप्त इंतजाम
तमकुहीरोड क्षेत्र में चल रही भीषण शीतलहर से लोगों के साथ पशु भी बेहाल हैं। इससे पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में पशुओं के शरीर के ताप में गिरावट आने से सोडियम और पोटेशियम जैसे साल्ट की कमी आ जाती है। इसलिए पशुओं को ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम करना चाहिए। मिश्रौली के पशुपालक ब्यास कुशवाहा ने बताया कि ठंड से मवेशी परेशान हैं। उनके भीतर दुग्ध उत्पादन की क्षमता भी प्रभावित होने लगी है। विरवट कोंन्हवलिया के पशुपालक संजय सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पड़ रही शीतलहर से मवेशियों को बचाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन यह इंतजाम नाकाफी साबित हो रहा है। सेवरही पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. दिनेश मौर्य ने बताया कि इस मौसम में पशुओं को ठंड के कहर से बचाने की जरूरत है। इसके लिए पशुपालक पशुओं को पशुबाड़ों में रखें और शीतलहर के प्रकोप से बचाव की व्यवस्था करें। पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखने के साथ ही इलाज शुरू कर दें।
आने वाले पांच दिन का मौसम का पूर्वानुमान
दिन ............ अधिकतम ............ न्यूनतम
सोमवार ........ 21 ................... सात
मंगलवार ........ 22 ................... आठ
बुधवार ............. 21 ............... आठ
बृहस्पतिवार ..... 22 .................. दस
शुक्रवार ..... .....22 .................. सात