{"_id":"6a2c6c08c4186cd8680a0af9","slug":"venerable-monk-panjakara-thero-will-be-welcomed-kushinagar-news-c-205-1-ksh1006-161652-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: पूज्य भिक्षु पञ्ञकारा थेरो का होगा स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: पूज्य भिक्षु पञ्ञकारा थेरो का होगा स्वागत
Sat, 13 Jun 2026 01:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 13 Jun 2026 01:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कसया। विश्वभर में पदयात्रा कर शांति, मैत्री और अहिंसा का संदेश देने वाले पूज्य भिक्षु पञ्ञकारा थेरो और शांतिदूत डॉग आलोक का 14 जून को कुशीनगर में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया जाएगा। यह कार्यक्रम म्यांमार बुद्ध विहार एवं कुशीनगर के समस्त बुद्ध विहारों की ओर से आयोजित होगा।
भिक्षु संघ के सचिव डॉ. भिक्षु नंद रतन महाथेरो ने बताया कि पूज्य भिक्षु पञ्ञकारा थेरो विश्व शांति और मानव कल्याण का संदेश लेकर विभिन्न देशों की यात्रा कर रहे हैं। उनके साथ शांतिदूत डॉग आलोक भी इस विशेष यात्रा में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सभी भिक्षुगण भारत में बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए आए हैं। इस यात्रा के अंतर्गत वे सारनाथ, बोधगया, कुशीनगर और लुंबिनी जैसे महापवित्र स्थलों का दर्शन एवं वंदना करेंगे।
ये चारों स्थल भगवान बुद्ध के जीवन और उनके उपदेशों से जुड़े होने के कारण विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों के लिए अत्यंत श्रद्धा के केंद्र हैं। डॉ. नंद रतन महाथेरो ने कहा कि कुशीनगर आगमन पर 14 जून को आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
भिक्षु संघ के सचिव डॉ. भिक्षु नंद रतन महाथेरो ने बताया कि पूज्य भिक्षु पञ्ञकारा थेरो विश्व शांति और मानव कल्याण का संदेश लेकर विभिन्न देशों की यात्रा कर रहे हैं। उनके साथ शांतिदूत डॉग आलोक भी इस विशेष यात्रा में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सभी भिक्षुगण भारत में बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए आए हैं। इस यात्रा के अंतर्गत वे सारनाथ, बोधगया, कुशीनगर और लुंबिनी जैसे महापवित्र स्थलों का दर्शन एवं वंदना करेंगे।
विज्ञापन
ये चारों स्थल भगवान बुद्ध के जीवन और उनके उपदेशों से जुड़े होने के कारण विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों के लिए अत्यंत श्रद्धा के केंद्र हैं। डॉ. नंद रतन महाथेरो ने कहा कि कुशीनगर आगमन पर 14 जून को आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे। संवाद
विज्ञापन