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Kushinagar News: सरकारी भूमि पर उगे पेड़ों की हो रही कटान

Tue, 17 Mar 2026 02:10 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2026 02:10 AM IST
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Trees growing on government land are being felled.
नावन कला में सरकारी जमीन पर काटे गए हरे पेड़। संवाद
धनघटा। क्षेत्र के नावन कला गांव में सरकारी भूमि पर उगे पेड़ों की अवैध रूप से कटान का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन माफिया द्वारा कब्रिस्तान की भूमि पर खड़े सैकड़ों जंगली पेड़ों को चोरी-छिपे काटा जा रहा है।
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बताया जा रहा है कि करीब एक वर्ष पूर्व भी इन पेड़ों की कटान की कोशिश की गई थी। उस समय मामला प्रशासन के संज्ञान में आने पर वन विभाग ने पेड़ों का मूल्यांकन कराया था। वन विभाग द्वारा प्रति पेड़ 30 रुपये के हिसाब से मूल्यांकन शुल्क निर्धारित करते हुए करीब 7000 रुपये की रसीद भी काटी थी, लेकिन अब तक इन पेड़ों की कोई विधिवत बोली नहीं हो सकी।
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इसी बीच सोमवार सुबह एक बार फिर वन माफिया द्वारा चोरी-छिपे पेड़ों की कटान शुरू कर दी गई। मामले की जानकारी मिलते ही तहसील प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंचे लेखपाल ने पेड़ों की कटान रुकवा दी। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक वन माफिया के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। रामहरि, मनोज, छोटेलाल, हीरालाल, धर्मेंद्र, राम प्रसाद, जगदीश समेत तमाम ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र यादव ने कहा कि नावन कला में सरकारी भूमि पर स्थित पेड़ों के कटान की जानकारी नहीं है। पता करके कार्रवाई की जाएगी।
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