{"_id":"62e4375feef89a73e461ccb7","slug":"three-years-imprisonment-for-kidnapping-a-teenager-and-taking-her-for-marriage-kushinagar-news-gkp4453979165","type":"story","status":"publish","title_hn":"किशोरी का अपहरण और शादी के लिए ले जाने के दोषी को तीन साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किशोरी का अपहरण और शादी के लिए ले जाने के दोषी को तीन साल की सजा
विज्ञापन
किशोरी का अपहरण और शादी के लिए ले जाने के दोषी को तीन साल की सजा
एक आरोपी की मुकदमे की विचारण के दौरान ही हो चुकी है मौत
दो मुकदमों में 15 हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा
पडरौना। कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2001 में रात के समय 15 वर्षीय एक किशोरी का अपहरण कर शादी के लिए ले जाने के मामले में न्यायालय ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। न्यायालय ने दोषी को तीन साल का सश्रम कारावास और दो मुकदमों में पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दूसरे दोषी की मुकदमे के पहले ही मौत हो चुकी है।
अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे एडीजीसी फौजदारी कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि 27 अप्रैल 2001 को वादी ने पडरौना कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उस रात करीब दस बजे उनकी 15 वर्षीय बेटी को शौच के लिए खेत की तरफ जाते समय दो व्यक्तियों ने अपहरण कर लिया था। पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद दो लोगों के खिलाफ अपहरण और शादी के लिए जबरन ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया और आरोप पत्र दाखिल कर दिया। तभी से यह मुकदमा न्यायालय में चल रहा था।
शुक्रवार को इस मुकदमे की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-दो श्याम मोहन जायसवाल ने साक्ष्यों और गवाहों को देखने व सुनने के बाद अपहरण के मामले में आरोपी कुद्दुस दो साल सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा शादी के लिए जबरन ले जाने के मामले में तीन साल का सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। हनीफ की मुकदमे के दौरान ही मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक आरोपी की मुकदमे की विचारण के दौरान ही हो चुकी है मौत
दो मुकदमों में 15 हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा
पडरौना। कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2001 में रात के समय 15 वर्षीय एक किशोरी का अपहरण कर शादी के लिए ले जाने के मामले में न्यायालय ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। न्यायालय ने दोषी को तीन साल का सश्रम कारावास और दो मुकदमों में पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दूसरे दोषी की मुकदमे के पहले ही मौत हो चुकी है।
अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे एडीजीसी फौजदारी कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि 27 अप्रैल 2001 को वादी ने पडरौना कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उस रात करीब दस बजे उनकी 15 वर्षीय बेटी को शौच के लिए खेत की तरफ जाते समय दो व्यक्तियों ने अपहरण कर लिया था। पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद दो लोगों के खिलाफ अपहरण और शादी के लिए जबरन ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया और आरोप पत्र दाखिल कर दिया। तभी से यह मुकदमा न्यायालय में चल रहा था।
विज्ञापन
शुक्रवार को इस मुकदमे की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-दो श्याम मोहन जायसवाल ने साक्ष्यों और गवाहों को देखने व सुनने के बाद अपहरण के मामले में आरोपी कुद्दुस दो साल सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा शादी के लिए जबरन ले जाने के मामले में तीन साल का सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। हनीफ की मुकदमे के दौरान ही मौत हो चुकी है।
विज्ञापन