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त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में आज से रामकथा सुनाएंगे मोरारी बापू
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त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में आज से रामकथा सुनाएंगे मोरारी बापू
कसया। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में संत मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा शनिवार को होने जा रही है। त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में राम कथा होगी। मोरारी बापू कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे आयोजन स्थल होटल रॉयल रेजीडेंसी स्थित कुटिया में पहुंचे, जहां लोगों ने उनका स्वागत किया। रामकथा पंडाल स्थल से बापू के कुटिया तक अभेद्य सुरक्षा बंदोबस्त किया गया है। इस पूरे परिक्षेत्र में प्रवेश शुक्रवार से ही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। रामकथा के दौरान ही श्रद्धालु रामकथा पंडाल में प्रवेश पा सकेंगे।
समिति के स्थानीय सदस्य के मुताबिक आयोजन स्थल से बाहर की सुरक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस करेगी। अंदर क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) और रामकथा पंडाल से लेकर बापू की कुटिया तक की सुरक्षा जगह-जगह तैनात प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी के सशस्त्र सुरक्षा गार्ड कर रहे हैं। इसके अलावा बापू की सुरक्षा में तैनात उनके अंगरक्षक होंगे। सुरक्षा में तैनात सशस्त्र गार्ड पल-पल की अपडेट अपने उच्चाधिकारियों को देते रहेंगे।
शाम चार बजे से सात बजे तक होगी रामकथा
श्री रामकथा प्रेमयज्ञ समिति कुशीनगर, गोरखपुर की तरफ से कुशीनगर में मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा का आयोजन कराया जा रहा है। रामकथा का शुभारंभ लोटस निक्को होटल में शनिवार का शाम चार बजे से सात बजे तक होगा। यह रामकथा 24 जनवरी से 31 तक रामकथा सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। यह जानकारी मीडिया प्रभारी प्रेमानंद ने दी है।
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विभिन्न प्रांतों से पहुंचे श्रद्धालु
कुशीनगर में मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा का श्रवण करने के लिए विभिन्न प्रांतों के सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु आयोजन स्थल पर पहुंच गए हैं। इसमें गुजरात, उड़ीसा, बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इन सभी श्रद्धालुओं को कथा श्रवण के लिए आयोजन समिति की ओर से निर्धारित पास भी लोटस निक्को होटल के पश्विमी प्रवेश द्वार पर बने काउंटर से प्रवेश पास भी दे दिया गया है। ताकि इन श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो।
राजकीय बौद्ध संग्रहालय के बगल में 24 से प्रभु प्रसाद का होगा वितरण
कुशीनगर में मोरारी बापू की चलने वाली नौ दिवसीय रामकथा के दौरान प्रभु प्रसाद के वितरण का भी प्रबंध किया गया है। इसके लिए राजकीय बौद्ध संग्रहालय के बगल में एक बड़ा टेंट लगाया गया है। इस टेंट में श्री रामकथा प्रेमयज्ञ समिति की ओर से सुबह 8 बजे से शाम चार बजे तक प्रभु प्रसाद का वितरण होगा। यह प्रसाद यहां से जाने वाले प्रत्येक राहगीर व इच्छुक ले सकते हैं।
प्राचीन श्रीराम जानकी मठ पर स्वागत की तैयारी
मोरारी बापू अगर कसया नगर के प्राचीन श्रीराम जानकी मठ भगवान श्रीराम दरबार का दर्शन करने के लिए पहुंचे तो मठ भी उनके स्वागत के लिए तैयार है।
महंत त्रिभुवनशरण ने बताया कि मोरारी बापू रामकथा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति पाई है। उनका कुशीनगर में साधु संत समाज अपनी परंपरा के मुताबिक सम्मान करेगा। बताया कि यह मठ 400 साल पुराना है। इसका अपना अलग महत्व है।
मोरारी बापू के रामकथा में प्रवेश पास के लिए जुगत लगा रहे लोग
कुशीनगर में शनिवार से मोरारी बापू की होने वाले नौ दिवसीय रामकथा में प्रवेश के लिए पास बनवाने के लिए जुगत लगाई जा रही है। इस दौड़ में सामान्य लोगों के अलावा वीआईपी लोग भी शामिल हैं। लेकिन आयोजन समिति की ओर से रामकथा में सीमित श्रद्धालुओं के लिए प्रबंध किया गया है। उन्हीं लोगों का ही पास बनाया जा रहा है जो बाहर से आए हुए हैं। समिति का तर्क है कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसलिए आयोजन स्थल के प्रत्येक काउंटर से लेकर प्रवेश द्वारों पर प्रभु प्रार्थना की सूचना टांगी गई है। सूचना में सोशल डिस्टेंस व सैनिटाइजर के प्रयोग का निवेदन किया गया है।
भगवान और भक्त के मिलन का अद्भुत संयोग
कसया। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में आज से संत मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा होने जा रही है। अगर इस रामकथा के व्यासपीठ के पीछे लगे पर्दे पर गौर करें तो रामकथा के साथ भगवान और भक्त के मिलन का अद्भुत संयोग होगा। यह बात इसलिए कि भगवान बुद्ध को भी विष्णु का ही अवतार माना जाता है और भगवान राम को भी विष्णु का अवतार मानते हैं। वहीं हनुमान जी भगवान राम के अनन्य सेवक व भक्त थे और यहां रामकथा पंडाल में बने व्यासपीठ पर बुद्ध व हनुमान जी की छवि एक साथ दर्शायी जा रही है।
व्यासपीठ के पीछे बड़े पर्दे पर एक तरफ भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा, दूसरी तरफ कुशीनगर का महापरिनिर्वाण मंदिर और बीच में भगवान राम के अनन्य सेवक हनुमान जी का चित्र विराजमान है।
आयोजन समिति की मानें तो बापू के द्वारा रामकथा शुभारंभ होने से पूर्व व्यासपीठ की प्रदक्षिणा किए जाने की परंपरा रही है। प्रदक्षिणा के दौरान मधुर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता रहा है। इस दौरान ही बापू रामकथा पंडाल में बने व्यासपीठ पर विराजमान होते हैं। लेकिन कुशीनगर में व्यासपीठ के पीछे पर्दे पर भगवान बुद्ध को भी दर्शाया गया है। जबकि अन्य स्थलों पर सिर्फ हनुमान जी का ही चित्र देखा गया है। इसे श्रद्धालु भक्त और भगवान के मिलन का अद्भुत संयोग मान रहे हैं।
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कसया। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में संत मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा शनिवार को होने जा रही है। त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में राम कथा होगी। मोरारी बापू कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे आयोजन स्थल होटल रॉयल रेजीडेंसी स्थित कुटिया में पहुंचे, जहां लोगों ने उनका स्वागत किया। रामकथा पंडाल स्थल से बापू के कुटिया तक अभेद्य सुरक्षा बंदोबस्त किया गया है। इस पूरे परिक्षेत्र में प्रवेश शुक्रवार से ही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। रामकथा के दौरान ही श्रद्धालु रामकथा पंडाल में प्रवेश पा सकेंगे।
समिति के स्थानीय सदस्य के मुताबिक आयोजन स्थल से बाहर की सुरक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस करेगी। अंदर क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) और रामकथा पंडाल से लेकर बापू की कुटिया तक की सुरक्षा जगह-जगह तैनात प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी के सशस्त्र सुरक्षा गार्ड कर रहे हैं। इसके अलावा बापू की सुरक्षा में तैनात उनके अंगरक्षक होंगे। सुरक्षा में तैनात सशस्त्र गार्ड पल-पल की अपडेट अपने उच्चाधिकारियों को देते रहेंगे।
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शाम चार बजे से सात बजे तक होगी रामकथा
श्री रामकथा प्रेमयज्ञ समिति कुशीनगर, गोरखपुर की तरफ से कुशीनगर में मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा का आयोजन कराया जा रहा है। रामकथा का शुभारंभ लोटस निक्को होटल में शनिवार का शाम चार बजे से सात बजे तक होगा। यह रामकथा 24 जनवरी से 31 तक रामकथा सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। यह जानकारी मीडिया प्रभारी प्रेमानंद ने दी है।
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विभिन्न प्रांतों से पहुंचे श्रद्धालु
कुशीनगर में मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा का श्रवण करने के लिए विभिन्न प्रांतों के सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु आयोजन स्थल पर पहुंच गए हैं। इसमें गुजरात, उड़ीसा, बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इन सभी श्रद्धालुओं को कथा श्रवण के लिए आयोजन समिति की ओर से निर्धारित पास भी लोटस निक्को होटल के पश्विमी प्रवेश द्वार पर बने काउंटर से प्रवेश पास भी दे दिया गया है। ताकि इन श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो।
राजकीय बौद्ध संग्रहालय के बगल में 24 से प्रभु प्रसाद का होगा वितरण
कुशीनगर में मोरारी बापू की चलने वाली नौ दिवसीय रामकथा के दौरान प्रभु प्रसाद के वितरण का भी प्रबंध किया गया है। इसके लिए राजकीय बौद्ध संग्रहालय के बगल में एक बड़ा टेंट लगाया गया है। इस टेंट में श्री रामकथा प्रेमयज्ञ समिति की ओर से सुबह 8 बजे से शाम चार बजे तक प्रभु प्रसाद का वितरण होगा। यह प्रसाद यहां से जाने वाले प्रत्येक राहगीर व इच्छुक ले सकते हैं।
प्राचीन श्रीराम जानकी मठ पर स्वागत की तैयारी
मोरारी बापू अगर कसया नगर के प्राचीन श्रीराम जानकी मठ भगवान श्रीराम दरबार का दर्शन करने के लिए पहुंचे तो मठ भी उनके स्वागत के लिए तैयार है।
महंत त्रिभुवनशरण ने बताया कि मोरारी बापू रामकथा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति पाई है। उनका कुशीनगर में साधु संत समाज अपनी परंपरा के मुताबिक सम्मान करेगा। बताया कि यह मठ 400 साल पुराना है। इसका अपना अलग महत्व है।
मोरारी बापू के रामकथा में प्रवेश पास के लिए जुगत लगा रहे लोग
कुशीनगर में शनिवार से मोरारी बापू की होने वाले नौ दिवसीय रामकथा में प्रवेश के लिए पास बनवाने के लिए जुगत लगाई जा रही है। इस दौड़ में सामान्य लोगों के अलावा वीआईपी लोग भी शामिल हैं। लेकिन आयोजन समिति की ओर से रामकथा में सीमित श्रद्धालुओं के लिए प्रबंध किया गया है। उन्हीं लोगों का ही पास बनाया जा रहा है जो बाहर से आए हुए हैं। समिति का तर्क है कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसलिए आयोजन स्थल के प्रत्येक काउंटर से लेकर प्रवेश द्वारों पर प्रभु प्रार्थना की सूचना टांगी गई है। सूचना में सोशल डिस्टेंस व सैनिटाइजर के प्रयोग का निवेदन किया गया है।
भगवान और भक्त के मिलन का अद्भुत संयोग
कसया। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में आज से संत मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा होने जा रही है। अगर इस रामकथा के व्यासपीठ के पीछे लगे पर्दे पर गौर करें तो रामकथा के साथ भगवान और भक्त के मिलन का अद्भुत संयोग होगा। यह बात इसलिए कि भगवान बुद्ध को भी विष्णु का ही अवतार माना जाता है और भगवान राम को भी विष्णु का अवतार मानते हैं। वहीं हनुमान जी भगवान राम के अनन्य सेवक व भक्त थे और यहां रामकथा पंडाल में बने व्यासपीठ पर बुद्ध व हनुमान जी की छवि एक साथ दर्शायी जा रही है।
व्यासपीठ के पीछे बड़े पर्दे पर एक तरफ भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा, दूसरी तरफ कुशीनगर का महापरिनिर्वाण मंदिर और बीच में भगवान राम के अनन्य सेवक हनुमान जी का चित्र विराजमान है।
आयोजन समिति की मानें तो बापू के द्वारा रामकथा शुभारंभ होने से पूर्व व्यासपीठ की प्रदक्षिणा किए जाने की परंपरा रही है। प्रदक्षिणा के दौरान मधुर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता रहा है। इस दौरान ही बापू रामकथा पंडाल में बने व्यासपीठ पर विराजमान होते हैं। लेकिन कुशीनगर में व्यासपीठ के पीछे पर्दे पर भगवान बुद्ध को भी दर्शाया गया है। जबकि अन्य स्थलों पर सिर्फ हनुमान जी का ही चित्र देखा गया है। इसे श्रद्धालु भक्त और भगवान के मिलन का अद्भुत संयोग मान रहे हैं।