{"_id":"5a9d95be4f1c1bfe7e8b8f1f","slug":"the-worship-of-the-narayani-river-for-the-administration-of-the-zilla-administration","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए की नारायणी नदी की उपासना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए की नारायणी नदी की उपासना
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Tue, 06 Mar 2018 12:38 AM IST
विज्ञापन
जिला प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए की नारायणी नदी की उपासना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तमकुहीरोड (कुशीनगर)। विरवट कोन्हवलिया में बालू घाटों का पट्टा निरस्त किए जाने के लिए धरना दे रहे लोगों ने सोमवार को नारायणी (गंडक नदी) की उपासना की। लोगों ने जिला प्रशासन को सद्बुद्धि प्रदान करने के लिए भी प्रार्थना की। इस बीच आंदोलनकारी 31वें दिन सोमवार को भी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
विरवट कोन्हवलिया में बालू घाट का पट्टा हुआ है। इसके विरोध में स्थानीय लोग बीते तीन फरवरी से ही बेमियादी धरना पर बैठे हैं। सोमवार को इस आंदोलन का 31वां दिन था अनशनकारियों ने सुबह गंडक नदी के किनारे पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी लोग धरना स्थल पर पहुंचे और जिला प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए नारायणी (गंडक नदी) की प्रार्थना की। आंदोलनकारियों का कहना था कि उन लोगों को अब भी उमक्मीद है कि प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेगा और पट्टा निरस्त करेगा।
इस दौरान शर्मा यादव, अरविंद सिंह पटेल, गौतम सिंह, जेडी यादव, शिवपूजन निषाद, अंशु श्रीवास्तव, रामेश्वर पटेल, ललित सिंह, राजेश शर्मा, अमर चौरसिया, प्रदीप सिंह, अजय यादव, नारद सिंह, पप्पू यादव, संजय सिंह, विकास तिवारी, दुर्गा यादव, बबलू प्रसाद, रामचंद्र सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विरवट कोन्हवलिया में बालू घाट का पट्टा हुआ है। इसके विरोध में स्थानीय लोग बीते तीन फरवरी से ही बेमियादी धरना पर बैठे हैं। सोमवार को इस आंदोलन का 31वां दिन था अनशनकारियों ने सुबह गंडक नदी के किनारे पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी लोग धरना स्थल पर पहुंचे और जिला प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए नारायणी (गंडक नदी) की प्रार्थना की। आंदोलनकारियों का कहना था कि उन लोगों को अब भी उमक्मीद है कि प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेगा और पट्टा निरस्त करेगा।
विज्ञापन
इस दौरान शर्मा यादव, अरविंद सिंह पटेल, गौतम सिंह, जेडी यादव, शिवपूजन निषाद, अंशु श्रीवास्तव, रामेश्वर पटेल, ललित सिंह, राजेश शर्मा, अमर चौरसिया, प्रदीप सिंह, अजय यादव, नारद सिंह, पप्पू यादव, संजय सिंह, विकास तिवारी, दुर्गा यादव, बबलू प्रसाद, रामचंद्र सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन