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Kushinagar News: जांच के लिए अस्पताल पर पहुंची टीम, नहीं मिली महिला डॉक्टर
Fri, 30 May 2025 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 30 May 2025 11:44 PM IST
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पडरौना। निजी अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूता की अधिक रक्तस्राव से मौत हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। सीएमओ के आदेश पर शुक्रवार को जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग के टीम की ऑपरेशन करने वाली महिला डॉक्टर से मुलाकात नहीं हुई।
वहां के वर्करों ने बताया कि वह निजी काम से कही बाहर गई हैं, प्रसूता के इलाज से जुड़ी बीएचटी मांगने पर बताया गया कि घटना की रात पुलिस उसे साथ ले गई। वहीं पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद केस दर्ज करने की बात कही है। पडरौना कोतवाली के सेमरिया बाजार गांव निवासी सत्येंद्र प्रसाद की 28 वर्षीय पत्नी रीना को बुधवार को दिन में नौ बजे प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसको लेकर डॉ. पुष्कर यादव के अस्पताल पर लेकर पहुंचे। वहां से मरीज को रविंद्र नगर के एक निजी अस्पताल पर भेजा गया। पति सत्येंद्र ने बताया कि ऑपरेशन से बच्ची पैदा हुई तो अस्पताल में एसएनसीयू नहीं होने के कारण मेडिकल कॉलेज में एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराना पड़ा।
शाम को डॉक्टर ने बताया कि प्रसूता को दो बोतल खून चढ़ाना पड़ेगा। इंतजाम करिए। रीना का भाई व पति ने एक-एक बोलत खून दिया। रात करीब आठ बजे ही रीना की मौत हो गई। इसकी शिकायत पति ने डीएम व रविंद्र नगर पुलिस से की है।
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डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने नोडल अफसर क नेतृत्व में जांच के लिए टीम गठित की है। दोपहर में नोडल अफसर के साथ टीम निजी अस्पताल पर जांच के लिए पहुंची टीम की ऑपरेशन करने वाली महिला डॉक्टर से मुलाकात नहीं हुई। वर्करों ने बताया कि डॉक्टर नहीं हैं। टीम ने प्रसूता के इलाज का बीएचटी मांगा तो एक कर्मचारी ने बताया कि घटना की रात पहुंची पुलिस उसे साथ लेकर चली गई थी। करीब एक घंटे तक बाकी वर्करों से पूछताछ करने के बाद टीम लौट गई।
सूत्रों की मानें तो मामले को मैनेज करने में कई दलाल लगे हैं। अभी बात नहीं बन पाई है। इसमें अन्य निजी अस्पताल के कई संचालक भी शामिल हैं।
सीएमओ डॉ. अनुपम प्रकाश भास्कर ने बताया कि जांच के लिए टीम निजी अस्पताल पर गई थी, लेकिन जिस डॉक्टर ने ऑपरेशन किया था, उनसे मुलाकात नहीं हुई। उनको नोटिस दिया गया है।
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वहां के वर्करों ने बताया कि वह निजी काम से कही बाहर गई हैं, प्रसूता के इलाज से जुड़ी बीएचटी मांगने पर बताया गया कि घटना की रात पुलिस उसे साथ ले गई। वहीं पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद केस दर्ज करने की बात कही है। पडरौना कोतवाली के सेमरिया बाजार गांव निवासी सत्येंद्र प्रसाद की 28 वर्षीय पत्नी रीना को बुधवार को दिन में नौ बजे प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसको लेकर डॉ. पुष्कर यादव के अस्पताल पर लेकर पहुंचे। वहां से मरीज को रविंद्र नगर के एक निजी अस्पताल पर भेजा गया। पति सत्येंद्र ने बताया कि ऑपरेशन से बच्ची पैदा हुई तो अस्पताल में एसएनसीयू नहीं होने के कारण मेडिकल कॉलेज में एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराना पड़ा।
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शाम को डॉक्टर ने बताया कि प्रसूता को दो बोतल खून चढ़ाना पड़ेगा। इंतजाम करिए। रीना का भाई व पति ने एक-एक बोलत खून दिया। रात करीब आठ बजे ही रीना की मौत हो गई। इसकी शिकायत पति ने डीएम व रविंद्र नगर पुलिस से की है।
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डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने नोडल अफसर क नेतृत्व में जांच के लिए टीम गठित की है। दोपहर में नोडल अफसर के साथ टीम निजी अस्पताल पर जांच के लिए पहुंची टीम की ऑपरेशन करने वाली महिला डॉक्टर से मुलाकात नहीं हुई। वर्करों ने बताया कि डॉक्टर नहीं हैं। टीम ने प्रसूता के इलाज का बीएचटी मांगा तो एक कर्मचारी ने बताया कि घटना की रात पहुंची पुलिस उसे साथ लेकर चली गई थी। करीब एक घंटे तक बाकी वर्करों से पूछताछ करने के बाद टीम लौट गई।
सूत्रों की मानें तो मामले को मैनेज करने में कई दलाल लगे हैं। अभी बात नहीं बन पाई है। इसमें अन्य निजी अस्पताल के कई संचालक भी शामिल हैं।
सीएमओ डॉ. अनुपम प्रकाश भास्कर ने बताया कि जांच के लिए टीम निजी अस्पताल पर गई थी, लेकिन जिस डॉक्टर ने ऑपरेशन किया था, उनसे मुलाकात नहीं हुई। उनको नोटिस दिया गया है।