{"_id":"63bb090c1abfe012f92a3236","slug":"the-severed-part-of-nautar-dam-could-not-be-filled-even-in-one-and-a-half-years-traffic-disrupted-kushinagar-news-gkp4636669110","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: डेढ़ साल में भी नहीं भरा जा सका नौतार बांध का कटा हिस्सा, आवागमन बाधित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: डेढ़ साल में भी नहीं भरा जा सका नौतार बांध का कटा हिस्सा, आवागमन बाधित
विज्ञापन
नौतार तटबंध को गुस्साए ग्रामीणों ने काट दिया था। फाइल फोटो
- फोटो : KUSHINAGAR
डेढ़ साल में भी नहीं भरा जा सका नौतार बांध का कटा हिस्सा, आवागमन बाधित
जून 2021 में गांवों में पानी भरने के कारण ग्रामीणों ने काट दिया था बांध
खड्डा। तटबंध में बनी जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त होने व बरसात का पानी एक दर्जन गांवों में घुसने के बाद नाराज ग्रामीणों की तरफ से जून में काटे गए नौतार तटबंध की मरम्मत अब तक नहीं हुई है और न फाटक युक्त पुलिया ही बनी। इससे मार्ग के बंद होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
गंडक नदी के छितौनी तटबंध से खड्डा-पनियहवा रेलमार्ग को बोधी छपरा गांव के पास जोड़ने वाली लगभग तीन किलोमीटर लंबा तटबंध सिचाई विभाग ने 50 वर्ष पहले बनाया था। इस बांध को पार करते हुए एक नाला (मौन) निकलता है, जो पनियहवा रेलवे पुल के पास गंडक नदी से जुड़ता है। इसमें ह्यूम पाइप का एक वालयुक्त जल निकासी के लिए साइफन बना है, लेकिन यह बरसात के समय पानी खींचने में कारगर नहीं रह गया है। बरसात के दिनों में यह नाला रौद्र रूप लेकर बसडीला, मनमन टोला, अहिरौली, नौतार जंगल, तुर्कहां, रंजीता, शाहपुर, गंगवा छपरा, पड़रहवा, लक्ष्मीपुर, माघी, भगवानपुर, पकड़ी बृजलाल, खड्डा नगर के दो वार्ड आदि व फसलों को नुकसान पहुंचाता है। लोगों की मांग है कि पुरानी व्यवस्था को हटाकर फाटकयुक्त पुलिया बना दी जाए, जिससे सुगमता से पानी निकल कर नदी में चला जाए और गांव सुरक्षित रहे।
जून 2021 में ग्रामीणों ने बरसात के पानी से परेशान होकर तटबंध काट दिया था। इसके बाद तेजी से पानी निकल गया। उस समय ग्रामीण व प्रशासन आमने-सामने हो गए थे। ग्रामीणों के विरुद्ध हनुमानगंज थाने में मुकदमा तक दर्ज करा दिया गया, लेकिन इसका समाधान नहीं हुआ। बीते बरसात में भी कटे हुए हिस्से से ही पानी निकला। बाढ़ खंड इस कटे हिस्से को बंद नहीं कर पाया है और न तो पुलिया ही बनी है। इस तटबंध को सड़क के रूप में लोग प्रयोग करते हैं, जो पूरी तरह बंद हो गया है।
विज्ञापन
इस संबंध में बाढ़ खंड के सहायक अभियंता मनोरंजन चौधरी का कहना है कि लोगों की तरफ से काटे गए तटबंध के कट को भरा नहीं जा सका है। इस स्थान पर गेट युक्त पुलिया बनाने का प्रस्ताव उच्चस्तर पर भेजा गया है, जो विचाराधीन है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण करा दिया जाएगा। तटबंध कटा होने के चलते आवागमन बंद पड़ा है।
विज्ञापन
जून 2021 में गांवों में पानी भरने के कारण ग्रामीणों ने काट दिया था बांध
खड्डा। तटबंध में बनी जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त होने व बरसात का पानी एक दर्जन गांवों में घुसने के बाद नाराज ग्रामीणों की तरफ से जून में काटे गए नौतार तटबंध की मरम्मत अब तक नहीं हुई है और न फाटक युक्त पुलिया ही बनी। इससे मार्ग के बंद होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
गंडक नदी के छितौनी तटबंध से खड्डा-पनियहवा रेलमार्ग को बोधी छपरा गांव के पास जोड़ने वाली लगभग तीन किलोमीटर लंबा तटबंध सिचाई विभाग ने 50 वर्ष पहले बनाया था। इस बांध को पार करते हुए एक नाला (मौन) निकलता है, जो पनियहवा रेलवे पुल के पास गंडक नदी से जुड़ता है। इसमें ह्यूम पाइप का एक वालयुक्त जल निकासी के लिए साइफन बना है, लेकिन यह बरसात के समय पानी खींचने में कारगर नहीं रह गया है। बरसात के दिनों में यह नाला रौद्र रूप लेकर बसडीला, मनमन टोला, अहिरौली, नौतार जंगल, तुर्कहां, रंजीता, शाहपुर, गंगवा छपरा, पड़रहवा, लक्ष्मीपुर, माघी, भगवानपुर, पकड़ी बृजलाल, खड्डा नगर के दो वार्ड आदि व फसलों को नुकसान पहुंचाता है। लोगों की मांग है कि पुरानी व्यवस्था को हटाकर फाटकयुक्त पुलिया बना दी जाए, जिससे सुगमता से पानी निकल कर नदी में चला जाए और गांव सुरक्षित रहे।
विज्ञापन
जून 2021 में ग्रामीणों ने बरसात के पानी से परेशान होकर तटबंध काट दिया था। इसके बाद तेजी से पानी निकल गया। उस समय ग्रामीण व प्रशासन आमने-सामने हो गए थे। ग्रामीणों के विरुद्ध हनुमानगंज थाने में मुकदमा तक दर्ज करा दिया गया, लेकिन इसका समाधान नहीं हुआ। बीते बरसात में भी कटे हुए हिस्से से ही पानी निकला। बाढ़ खंड इस कटे हिस्से को बंद नहीं कर पाया है और न तो पुलिया ही बनी है। इस तटबंध को सड़क के रूप में लोग प्रयोग करते हैं, जो पूरी तरह बंद हो गया है।
विज्ञापन
इस संबंध में बाढ़ खंड के सहायक अभियंता मनोरंजन चौधरी का कहना है कि लोगों की तरफ से काटे गए तटबंध के कट को भरा नहीं जा सका है। इस स्थान पर गेट युक्त पुलिया बनाने का प्रस्ताव उच्चस्तर पर भेजा गया है, जो विचाराधीन है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण करा दिया जाएगा। तटबंध कटा होने के चलते आवागमन बंद पड़ा है।