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Kushinagar News: खतौनी की नकल नहीं मिलने से बढ़ी दिक्कत

Thu, 24 Apr 2025 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 24 Apr 2025 12:34 AM IST
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The problem increased due to non-availability of copy of Khatauni
कसया तहसील में खतौनी के लिए कतार में खड़े लोग। संवाद 
पडरौना। तहसीलों में बीते छह दिनों से खतौनी की नकल नहीं मिल रही है। इससे लोग परेशान हैं। भूलेख पोर्टल के अपडेट होने के कार्य के चलते खतौनी की नकल लेने में लोगों को दिक्कत रही है। पोर्टल नहीं चलने से राजस्व कर्मचारी भी परेशान हैं। सबसे अधिक परेशानी फाॅर्मर रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है, क्योंकि बिना खतौनी संख्या के फार्मर रजिस्ट्री का कार्य होना संभव नहीं है। इसके अलावा कई ऐसे कार्य हैं जो खतौनी के बिना नहीं हो सकते हैं। पडरौना तहसील में खतौनी की नकल के लिए हर दिन करीब 200 लोग आते हैं। खतौनी लेने वाले लोगों की भीड़ रहने वाले काउंटर पर बुधवार की दोपहर करीब एक बजे खाली मिला। काउंटर पर एक सूचना चस्पा था, जिसमें लिखा था कि साइट मेंटिनेंस पर जाने के कारण आज इंतखाप आज नहीं मिलेगा। वहां मिलीं साढ़ी बुजुर्ग की सावित्री देवी व उनके पुत्र हृदेश ने बताया कि बीते चार दिन से खतौनी की नकल लेने तहसील में आ रहे हैं। खिड़की के पास जो सूचना चस्पा है, इसमें केवल आज इंजखाप नहीं मिलने की बात कही जा रही है। कोई स्पष्ट तिथि के बारे में जानकारी नहीं है। इसलिए महज एक कागज के लिए बीते चार दिन से दौड़ना पड़ रहा है। वहीं राजस्व कर्मियों ने बताया कि बीते 17 अप्रैल से 21 अप्रैल तक साइट मेंटिनेंस होना था, लेकिन 23 अप्रैल हो गए अब तक साइट काम नहीं कर रहा है। इस तरह हाटा, कसया, खड्डा, तमकुहीराज तहसील में हर दिन 250 से 300 लोग खतौनी लेने तहसील आते हैं, लेकिन पोर्टल सही से नहीं चलने से उन्हें हर दिन वापस होना पड़ रहा है। बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे तहसील परिसर में खतौनी वाले काउंटर पर लाइन में खड़े लोगों ने बताया कि चार दिनों से वे खतौनी के लिए दौड़ रहे हैं। कुछ देर के लिए खतौनी निकलना भी शुरू हुआ है, लेकिन उसमें कई गलतियां हैं। कुछ देर बाद वह भी बंद हो गया है।
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इन कार्यों के लिए आवश्यक है खतौनी
केसीसी, जमानत, बैनामा, खारीज दाखिल, फार्मर रजिस्ट्री, वरासत आदि कार्यों के लिए जमीन की खतौनी की जरूरत पड़ती है, लेकिन भूलेख पोर्टल बंद होने की वजह से तहसील के काउंटर पर मिलने वाली खतौनी नहीं मिल रही है। अधिकारियों का कहना है कि भूलेख पोर्टल को और भी आधुनिक और उपयोगी बनाने के लिए उसे अपडेट किया जा रहा है। इसमें तमाम तरह के बदलाव भी हो रहे हैं। इसके वजह से 17 अप्रैल से पोर्टल को बंद कर दिया गया है। उसी दिन से तहसीलों में खतौनी काउंटर से खतौनी मिलने का कार्य बंद है।
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