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जिला अस्पताला में बुखार, सर्दी, खांसी के मरीज बढ़े
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तेज बुखार, सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी
वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में हुआ है इजाफा
डायरिया के भी कुछ मरीज भर्ती कराए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। बरसात के मौसम में तेज बुखार, सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के चाइल्ड वार्ड से लेकर अन्य वार्डों में इन बीमारियों से ग्रस्त बच्चों और प्रौढ़ लोगों की संख्या अधिक रही। डायरिया के लक्षण वाले भी कुछ मरीज भर्ती कराए गए थे। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
जिला अस्पताल में 50 बेड का भूतल और 50 बेड का वार्ड प्रथम तल पर संचालित होता है। भूतल वाले वार्ड में चाइल्ड वार्ड और जनरल वार्ड संचालित होता है। इस वार्ड में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस वार्ड में मेराज, सोनम, साधना, मुबारक, सत्या, पवित्र, रीतेश, रीमा, नीतेश, आयुष, अविनाश, अमृता, वारिस, रोशन, काजल, शालू, सलोनी, अनमोल, अल्ताफ, लकी, वरुण, नितेश, करन सहित 23 मरीज भर्ती हैं। इनमें अधिकांश मरीज तो वायरल फीवर, सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीज थे, जबकि कुछ डायरिया के लक्षण वाले मरीज भी भर्ती कराए गए, जिनका इलाज चल रहा है। इसी तरह जिला अस्पताल के प्रथम तल पर स्थित वार्ड में 49 मरीजों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों को भी वायरल फीवर सहित अन्य बीमारी है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाशंकर ने बताया कि इस मौसम में कभी बारिश तो कभी तेज धूप हो रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव और बारिश में भीगने के कारण लोगों को वायरल फीवर हो जा रहा है। क्योंकि ऐसे मौसम में विषाणु अधिक पनपते हैं। इनसे वायरल फीवर, गले, फेफड़े और नाक में संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए सावधानी जरूरी है। उन्होंने बताया कि खान-पान में असावधानी के चलते पेट संबंधी तकलीफ होने पर लोग जिला अस्पताल आ रहे हैं। इस बाबत जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि यह समय मौसमी बुखार का है। इसमें वायरल फीवर, सर्दी, खांसी, जुकाम के मरीज अधिक आते हैं। उनके इलाज का पूरा इंतजाम किया गया है। ऐसे लक्षण वाले मरीजों की कोविड जांच भी कराई जा रही है, ताकि कोविड संक्रमण के खतरे का पता भी लगाया जा सके।
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वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में हुआ है इजाफा
डायरिया के भी कुछ मरीज भर्ती कराए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। बरसात के मौसम में तेज बुखार, सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के चाइल्ड वार्ड से लेकर अन्य वार्डों में इन बीमारियों से ग्रस्त बच्चों और प्रौढ़ लोगों की संख्या अधिक रही। डायरिया के लक्षण वाले भी कुछ मरीज भर्ती कराए गए थे। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
जिला अस्पताल में 50 बेड का भूतल और 50 बेड का वार्ड प्रथम तल पर संचालित होता है। भूतल वाले वार्ड में चाइल्ड वार्ड और जनरल वार्ड संचालित होता है। इस वार्ड में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस वार्ड में मेराज, सोनम, साधना, मुबारक, सत्या, पवित्र, रीतेश, रीमा, नीतेश, आयुष, अविनाश, अमृता, वारिस, रोशन, काजल, शालू, सलोनी, अनमोल, अल्ताफ, लकी, वरुण, नितेश, करन सहित 23 मरीज भर्ती हैं। इनमें अधिकांश मरीज तो वायरल फीवर, सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीज थे, जबकि कुछ डायरिया के लक्षण वाले मरीज भी भर्ती कराए गए, जिनका इलाज चल रहा है। इसी तरह जिला अस्पताल के प्रथम तल पर स्थित वार्ड में 49 मरीजों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों को भी वायरल फीवर सहित अन्य बीमारी है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाशंकर ने बताया कि इस मौसम में कभी बारिश तो कभी तेज धूप हो रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव और बारिश में भीगने के कारण लोगों को वायरल फीवर हो जा रहा है। क्योंकि ऐसे मौसम में विषाणु अधिक पनपते हैं। इनसे वायरल फीवर, गले, फेफड़े और नाक में संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए सावधानी जरूरी है। उन्होंने बताया कि खान-पान में असावधानी के चलते पेट संबंधी तकलीफ होने पर लोग जिला अस्पताल आ रहे हैं। इस बाबत जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि यह समय मौसमी बुखार का है। इसमें वायरल फीवर, सर्दी, खांसी, जुकाम के मरीज अधिक आते हैं। उनके इलाज का पूरा इंतजाम किया गया है। ऐसे लक्षण वाले मरीजों की कोविड जांच भी कराई जा रही है, ताकि कोविड संक्रमण के खतरे का पता भी लगाया जा सके।
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