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इंसेफेलाइटिस से बालिका की मौत
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Wed, 25 Nov 2015 12:04 AM IST
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पिपरा बाजार। विशुनपुरा ब्लाक के सरपतही खुर्द गांव की पांच वर्षीय प्रीति की सोमवार की रात मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। वह इंसेफेलाइटिस से पीड़ित थी। गांव के दो और बच्चों का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सरपतही खुर्द और खजुरिया गांव पहुंची।
टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाएं वितरित की। सरपतही खुर्द के बहेरा टोला निवासी राजेश सिंह की बेटी प्रीति की सोमवार की रात इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। वह बीते 18 नवंबर से तेज बुखार की चपेट में थी। उस दौरान परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल ले गए।
यहां इलाज के दौरान इंसेफेलाइटिस की जानकारी मिलने पर परिवार के लोग सोमवार को सुबह मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां इलाज के दौरान सोमवार की रात ही मौत हो गई। पूर्व में इसी टोले के सुदामा की 12 वर्षीया बेटी रेनू और रवि प्रसाद के 10 वर्षीय बेटे करन की भी इंसेफेलाइटिस से मौत हो चुकी है।
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बहेरा के ही मोतीलाल के आठ वर्षीय बेटा अमित का भी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। लगभग एक महीने से ब्लॉक के ही खजुरिया गांव की पांच वर्षीय कुसुम का भी वहीं इलाज चल रहा है। इसके अलावा खजुरिया के रामू, झिनकी, कन्हैया, हरि, पीयूष आदि भी तेज बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉक्टर एडीबीपीएन सिंह की अगुवाई में बहेरा और खजुरिया गांव पहुंची। टीम ने इन गांवों बच्चों की जांच की और दवाएं वितरित की। डॉक्टर एडीबीपीएन सिंह ने कहा कि साफ सफाई की कमी से रोगों को बढ़ावा मिलता है। खानपान में शुद्धता और मच्छरों से बचाव जरूरी है।
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टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाएं वितरित की। सरपतही खुर्द के बहेरा टोला निवासी राजेश सिंह की बेटी प्रीति की सोमवार की रात इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। वह बीते 18 नवंबर से तेज बुखार की चपेट में थी। उस दौरान परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल ले गए।
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यहां इलाज के दौरान इंसेफेलाइटिस की जानकारी मिलने पर परिवार के लोग सोमवार को सुबह मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां इलाज के दौरान सोमवार की रात ही मौत हो गई। पूर्व में इसी टोले के सुदामा की 12 वर्षीया बेटी रेनू और रवि प्रसाद के 10 वर्षीय बेटे करन की भी इंसेफेलाइटिस से मौत हो चुकी है।
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बहेरा के ही मोतीलाल के आठ वर्षीय बेटा अमित का भी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। लगभग एक महीने से ब्लॉक के ही खजुरिया गांव की पांच वर्षीय कुसुम का भी वहीं इलाज चल रहा है। इसके अलावा खजुरिया के रामू, झिनकी, कन्हैया, हरि, पीयूष आदि भी तेज बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉक्टर एडीबीपीएन सिंह की अगुवाई में बहेरा और खजुरिया गांव पहुंची। टीम ने इन गांवों बच्चों की जांच की और दवाएं वितरित की। डॉक्टर एडीबीपीएन सिंह ने कहा कि साफ सफाई की कमी से रोगों को बढ़ावा मिलता है। खानपान में शुद्धता और मच्छरों से बचाव जरूरी है।