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Kushinagar News: दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

Thu, 27 Aug 2026 01:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 27 Aug 2026 01:36 AM IST
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Teachers will be provided training to teach children with disabilities.
पडरौना। परिषदीय स्कूलों में दिव्यांग बच्चों को बेहतर शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के बाद शिक्षक दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ेंगे। इससे दिव्यांग बच्चे भी सामान्य विद्यार्थियों की तरह पढ़ाई कर सकेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
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जिले में समेकित शिक्षा के तहत करीब 3774 दिव्यांग बच्चों का नामांकन है। बीएसए अनिल कुमार सिंह ने बताया कि हर ब्लॉक व नगर संसाधन केंद्र से दो विशेष शिक्षकों (स्पेशल एजुकेटर्स) को राज्य स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स तीन दिवसीय प्रशिक्षण देंगे। जनपद स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स ब्लॉक वार सामान्य शिक्षकों को पांच दिन प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण का आयोजन बीआरसी पर किया जाएगा। एनसीईआरटी और भारतीय पुनर्वास परिषद की तरफ से विकसित प्रशिक्षण मॉड्यूल का उपयोग किया जाएगा। हर बैच में 50 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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उन विद्यालयों के शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां दिव्यांग बच्चे पंजीकृत हैं। पिछले वर्ष समेकित शिक्षा के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके शिक्षकों को इस बार प्रशिक्षण के लिए चयनित नहीं किया जाएगा। शिक्षकों को दिव्यांग बच्चों की जरूरतों, उनके शिक्षण की प्रभावी तकनीकों और समावेशी शिक्षा से संबंधित विषयों की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति और प्रतिदिन का फीडबैक ज्ञान समीक्षा मोबाइल एप पर दर्ज किया जाएगा। प्रशिक्षण के पहले दिन प्री-टेस्ट और अंतिम दिन पोस्ट-टेस्ट भी कराया जाएगा।
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प्रशिक्षण केंद्रों पर बिजली, जनरेटर, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर या लैपटॉप, हाईस्पीड इंटरनेट, साउंड सिस्टम, प्रशिक्षण कक्ष, शौचालय की साफ-सफाई और बैठने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। चयनित शिक्षकों की तिथिवार और बैचवार सूची तैयार कर उन्हें लिखित सूचना देने के साथ फोन और संदेश के माध्यम से भी लगातार फॉलोअप किया जाएगा।


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प्रशिक्षण की होगी निगरानी
प्रशिक्षण कार्यक्रम की निगरानी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), डायट प्राचार्य और बीएसए की तरफ से की जाएगी। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक को हर जनपद के कम से कम दो ब्लॉकों का निरीक्षण करना होगा। प्रशिक्षण में लापरवाही, निर्धारित मानकों के विपरीत व्यवस्था या शिक्षकों की अनुपस्थिति मिलने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के जियोटैग फोटोग्राफ प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। प्रशिक्षण समाप्त होने के एक सप्ताह के भीतर इसकी विस्तृत आख्या जिला परियोजना कार्यालय को भेजी जाएगी।
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