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तेंदुआ नहीं, लकड़बग्घा होने का संदेह
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कुइयां व हरपुर में हिंसक जानवर की तलाश करते वनकर्मी।
- फोटो : KUSHINAGAR
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तेंदुआ नहीं, लकड़बग्घा होने का संदेह
- शुक्रवार को भी वन विभाग की टीम ने की तलाश
- बृहस्पतिवार रात पांच महिलाओं सहित आठ लोगों पर हमला कर किया था घायल
पडरौना। बृहस्पतिवार रात रामकोला थाना क्षेत्र के हरपुर माफी गांव के शोभा छपरा और कुइयां में हमला कर आठ लोगों के घायल करने वाले हिंसक जानवर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है कि वह तेंदुआ है या लकड़बग्घा। ग्रामीणों के बताने के अनुसार वन विभाग को उसके तेंदुआ न होकर लकड़बग्घा होने का संदेह हो रहा है। शुक्रवार को भी वन विभाग की टीम शोभा छपरा और कुइयां गांव के आस-पास उसकी तलाश करती रही, लेकिन कहीं पता नहीं चला।
बृहस्पतिवार रात तकरीबन साढ़े आठ बजे तेंदुआ की तरह दिखने वाले एक हिंसक जानवर ने रामकोला थाना क्षेत्र के हरपुर माफी गांव के शोभा छपरा में हमलाकर 60 वर्षीय हसीबुन नेशा सहित दो महिलाओं को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। उन्हें रामकोला सीएचसी से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। उसके बाद बगल के गांव कुइयां में इरावती देवी (60), रामवासी (35), मीरा देवी (40), सत्यम (12), आजीवन (7) और साहेब (30) को भी घायल कर दिया था। इन्हें रामकोला सीएचसी में इलाज के बाद घर भेज दिया गया। सूचना मिलने के बाद रात में हीडीएफओ अनिल कुमार श्रीवास्तव सहित रामकोला थाने के एसआई आलोक कुमार यादव, कन्हैया यादव सहित पुलिसकर्मी गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील किए थे। उसकी खोजबीन की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। शुक्रवार को भी वन विभाग की टीम ने शोभा छपरा और आस-पास के गांवों में उस हिंसक जानवर की तलाश की।
पकड़ियार बाजार प्रतिनिधि के अनुसार वन क्षेत्राधिकारी खड्डा देवेंद्र कुमार ने अपनी टीम के साथ गन्ना व धान के खेतों में उस हिंसक जानवर की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। उस जानवर के न पकड़े जाने के कारण ग्रामीण भयभीत हैं। रेंजर ने बताया कि उन्होंने टीम के साथ हरपुर माफी, विजयपुर, लौकरिया, पिपरा खुर्द, चकचिंतामणी, पकड़ियार आदि गांवों में भ्रमण कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की। इस दौरान वन दरोगा अमित तिवारी, वन रक्षक इंद्रजीत यादव, रामध्यान पांडेय, जलालुद्दीन, संदीप पटेल, आकाश त्रिपाठी, ग्राम प्रधान हरिश्चंद्र पासवान, ग्राम प्रधान शत्रुंजय सिंह आदि मौजूद थे।
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डीएफओ अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीणों की तरफ से उस जानवर का हुलिया जानने के बाद तेंदुआ और लकड़बग्घा की तस्वीर दिखाई, जिस पर ग्रामीणों ने लकड़बग्घे जैसा बताया। क्योंकि तेंदुआ गले पर वार करता है, जबकि इस जानवर ने शरीर के बाकी हिस्सों पर हमला कर जख्मी किया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी वन विभाग की टीम लगाई गई थी। कई गांवों में कांबिंग कराई गई, लेकिन उस जानवर का पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल हसीबुन नेशा के इलाज के लिए आर्थिक मदद भी की गई है।
एसडीएम ने गांव में पहुंचकर जाना घायलों का हाल
पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के हरपुर माफी और कुइयां गांव में तेंदुआ के हमले में घायल आठ लोगों का हाल जानने के लिए एसडीएम पहुंचे। उन्होंने घायलों का समुचित इलाज कराने का आश्वासन दिया। एसडीएम सदर महात्मा सिंह ने हिंसक जानवर के हमले में कुइयां गांव की घायल इसरावती देवी, मीरा देवी, सत्यम, जीवनलाल, सवारी देवी आदि के घर पहुंचकर उनका हाल जाना। संवाद
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- शुक्रवार को भी वन विभाग की टीम ने की तलाश
- बृहस्पतिवार रात पांच महिलाओं सहित आठ लोगों पर हमला कर किया था घायल
पडरौना। बृहस्पतिवार रात रामकोला थाना क्षेत्र के हरपुर माफी गांव के शोभा छपरा और कुइयां में हमला कर आठ लोगों के घायल करने वाले हिंसक जानवर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है कि वह तेंदुआ है या लकड़बग्घा। ग्रामीणों के बताने के अनुसार वन विभाग को उसके तेंदुआ न होकर लकड़बग्घा होने का संदेह हो रहा है। शुक्रवार को भी वन विभाग की टीम शोभा छपरा और कुइयां गांव के आस-पास उसकी तलाश करती रही, लेकिन कहीं पता नहीं चला।
बृहस्पतिवार रात तकरीबन साढ़े आठ बजे तेंदुआ की तरह दिखने वाले एक हिंसक जानवर ने रामकोला थाना क्षेत्र के हरपुर माफी गांव के शोभा छपरा में हमलाकर 60 वर्षीय हसीबुन नेशा सहित दो महिलाओं को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। उन्हें रामकोला सीएचसी से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। उसके बाद बगल के गांव कुइयां में इरावती देवी (60), रामवासी (35), मीरा देवी (40), सत्यम (12), आजीवन (7) और साहेब (30) को भी घायल कर दिया था। इन्हें रामकोला सीएचसी में इलाज के बाद घर भेज दिया गया। सूचना मिलने के बाद रात में हीडीएफओ अनिल कुमार श्रीवास्तव सहित रामकोला थाने के एसआई आलोक कुमार यादव, कन्हैया यादव सहित पुलिसकर्मी गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील किए थे। उसकी खोजबीन की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। शुक्रवार को भी वन विभाग की टीम ने शोभा छपरा और आस-पास के गांवों में उस हिंसक जानवर की तलाश की।
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पकड़ियार बाजार प्रतिनिधि के अनुसार वन क्षेत्राधिकारी खड्डा देवेंद्र कुमार ने अपनी टीम के साथ गन्ना व धान के खेतों में उस हिंसक जानवर की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। उस जानवर के न पकड़े जाने के कारण ग्रामीण भयभीत हैं। रेंजर ने बताया कि उन्होंने टीम के साथ हरपुर माफी, विजयपुर, लौकरिया, पिपरा खुर्द, चकचिंतामणी, पकड़ियार आदि गांवों में भ्रमण कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की। इस दौरान वन दरोगा अमित तिवारी, वन रक्षक इंद्रजीत यादव, रामध्यान पांडेय, जलालुद्दीन, संदीप पटेल, आकाश त्रिपाठी, ग्राम प्रधान हरिश्चंद्र पासवान, ग्राम प्रधान शत्रुंजय सिंह आदि मौजूद थे।
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डीएफओ अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीणों की तरफ से उस जानवर का हुलिया जानने के बाद तेंदुआ और लकड़बग्घा की तस्वीर दिखाई, जिस पर ग्रामीणों ने लकड़बग्घे जैसा बताया। क्योंकि तेंदुआ गले पर वार करता है, जबकि इस जानवर ने शरीर के बाकी हिस्सों पर हमला कर जख्मी किया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी वन विभाग की टीम लगाई गई थी। कई गांवों में कांबिंग कराई गई, लेकिन उस जानवर का पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल हसीबुन नेशा के इलाज के लिए आर्थिक मदद भी की गई है।
एसडीएम ने गांव में पहुंचकर जाना घायलों का हाल
पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के हरपुर माफी और कुइयां गांव में तेंदुआ के हमले में घायल आठ लोगों का हाल जानने के लिए एसडीएम पहुंचे। उन्होंने घायलों का समुचित इलाज कराने का आश्वासन दिया। एसडीएम सदर महात्मा सिंह ने हिंसक जानवर के हमले में कुइयां गांव की घायल इसरावती देवी, मीरा देवी, सत्यम, जीवनलाल, सवारी देवी आदि के घर पहुंचकर उनका हाल जाना। संवाद