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Kushinagar News: पीओएस मशीन से शुरू हुआ गन्ने का सर्वे
Thu, 07 May 2026 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 07 May 2026 01:42 AM IST
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पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र की सिंगहा परिक्षेत्र में बुधवार को पीओएस मशीन से गन्ना सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया। सौरहा खुर्द गांव से इस आधुनिक तकनीक आधारित सर्वे किया गया। गन्ना विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सर्वे प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी और कार्य में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने का आश्वासन दिया।
गन्ना पर्यवेक्षक अभय कुमार त्रिपाठी ने गन्ना किसान नीरज कुशवाहा के खेत में सर्वे की शुरुआत की। इस दौरान खेतों में लगे गन्ने की किस्म, पेड़ी और पौधा गन्ने का अलग-अलग आकलन किया गया। पीओएस मशीन के उपयोग से किसानों का विवरण मौके पर ही दर्ज किया जा रहा है, जिससे सर्वे कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और भविष्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान खेत में गन्ने के रकबे, किस्म और उसकी स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद किसानों को तुरंत सर्वे पर्ची भी प्रदान की जा रही है। यदि किसी किसान को अपने खेत के रकबे में कमी या किसी अन्य त्रुटि की आशंका हो, तो वह इस सर्वे पर्ची के आधार पर निर्धारित समय के भीतर सुधार करा सकता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सर्वे के समय अपने खेतों पर स्वयं उपस्थित रहें। इससे सही जानकारी दर्ज हो सकेगी और भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति से बचा जा सकेगा। विभाग का लक्ष्य है कि सभी किसानों का सर्वे निष्पक्ष और सटीक तरीके से पूरा हो, ताकि आगामी पेराई सत्र में गन्ना पर्ची वितरण में कोई समस्या न आए।
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गन्ना पर्यवेक्षक अभय कुमार त्रिपाठी ने गन्ना किसान नीरज कुशवाहा के खेत में सर्वे की शुरुआत की। इस दौरान खेतों में लगे गन्ने की किस्म, पेड़ी और पौधा गन्ने का अलग-अलग आकलन किया गया। पीओएस मशीन के उपयोग से किसानों का विवरण मौके पर ही दर्ज किया जा रहा है, जिससे सर्वे कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और भविष्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान खेत में गन्ने के रकबे, किस्म और उसकी स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद किसानों को तुरंत सर्वे पर्ची भी प्रदान की जा रही है। यदि किसी किसान को अपने खेत के रकबे में कमी या किसी अन्य त्रुटि की आशंका हो, तो वह इस सर्वे पर्ची के आधार पर निर्धारित समय के भीतर सुधार करा सकता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सर्वे के समय अपने खेतों पर स्वयं उपस्थित रहें। इससे सही जानकारी दर्ज हो सकेगी और भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति से बचा जा सकेगा। विभाग का लक्ष्य है कि सभी किसानों का सर्वे निष्पक्ष और सटीक तरीके से पूरा हो, ताकि आगामी पेराई सत्र में गन्ना पर्ची वितरण में कोई समस्या न आए।
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