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अभी सिर्फ दो चीनी मिलों ने किया भुगतान, तीन ने खाता भी नहीं खोला
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कप्तानगंज चीनी मिल।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
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अभी सिर्फ दो चीनी मिलों ने किया भुगतान, तीन ने खाता भी नहीं खोला
- रामकोला और ढाढ़ा चीनी मिल ने ही किया है भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिले की पांचों चीनी मिलें पिछले महीने ही पेराई सत्र की शुरुआत कर चुकी हैं। करीब एक महीना के दरम्यान इन मिलों ने अब तक 36.38 लाख क्विंटल से अधिक गन्ना पेर दिया है, लेकिन इनमें से सिर्फ 49 करोड़ 70 लाख 59 हजार रुपये भुगतान किया है। भुगतान करने वालों में भी सिर्फ रामकोला और ढाढ़ा चीनी मिल ही है।
जनपद की पांचों चीनी मिलें 15 नवंबर के बाद एक-एक कर अपने पेराई सत्र की शुरुआत कर चुकी हैं। गन्ना विभाग के मुताबिक इन चीनी मिलों में जनपद के गन्ना किसानों ने 36.38 लाख क्विंटल गन्ना की आपूर्ति की है। जिसकी पेराई यह चीनी मिलें कर चुकी हैं। इन चीनी मिलों पर 12,502.37 लाख रुपये गन्ना मूल्य की देनदारी हो चुकी है, लेकिन भुगतान की शुरुआत त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज ग्रुप की रामकोला चीनी मिल और न्यू इंडिया शुगर मिल ढाढ़ा ने की है। गन्ना विभाग के मुताबिक ढाढ़ा चीनी मिल ने सात दिसंबर तक 1,554.63 लाख रुपये का भुगतान किया है और देय धनराशि में से 1,554.63 लाख रुपये शेष है। रामकोला चीनी मिल ने तीन दिसंबर तक 3415.96 लाख रुपये का भुगतान किया है तथा 537.10 लाख रुपये दिया जाना बाकी है। जबकि कप्तानगंज, सेवरही और खड्डा चीनी मिल की तरफ से भुगतान की शुरुआत ही नहीं हुई है।
डीसीओ वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि सभी चीनी मिलों को गन्ना मूल्य का भुगतान समय से करने का निर्देश दिया गया है। ताकि किसानों को उनकी उपज का भुगतान समयबद्ध तरीके से मिलता रहे।
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चीनी मिलों की तरफ से पेराई और भुगतान की स्थिति (धनराशि लाख में)-
मिल का नाम गन्ना आपूर्ति देय धनराशि भुगतान
ढाढ़ा 10.23 3414.09 1554.63
रामकोला 15.71 5448.02 3415.96
कप्तानगंज 4.08 1423.75 0.00
सेवरही 4.04 1407.30 0.00
खड्डा 2.32 809.21 0.00
योग 36.38 12502.37 4970.59
नोट : गन्ना आपूर्ति लाख क्विंटल में और धनराशि लाख में।
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- रामकोला और ढाढ़ा चीनी मिल ने ही किया है भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिले की पांचों चीनी मिलें पिछले महीने ही पेराई सत्र की शुरुआत कर चुकी हैं। करीब एक महीना के दरम्यान इन मिलों ने अब तक 36.38 लाख क्विंटल से अधिक गन्ना पेर दिया है, लेकिन इनमें से सिर्फ 49 करोड़ 70 लाख 59 हजार रुपये भुगतान किया है। भुगतान करने वालों में भी सिर्फ रामकोला और ढाढ़ा चीनी मिल ही है।
जनपद की पांचों चीनी मिलें 15 नवंबर के बाद एक-एक कर अपने पेराई सत्र की शुरुआत कर चुकी हैं। गन्ना विभाग के मुताबिक इन चीनी मिलों में जनपद के गन्ना किसानों ने 36.38 लाख क्विंटल गन्ना की आपूर्ति की है। जिसकी पेराई यह चीनी मिलें कर चुकी हैं। इन चीनी मिलों पर 12,502.37 लाख रुपये गन्ना मूल्य की देनदारी हो चुकी है, लेकिन भुगतान की शुरुआत त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज ग्रुप की रामकोला चीनी मिल और न्यू इंडिया शुगर मिल ढाढ़ा ने की है। गन्ना विभाग के मुताबिक ढाढ़ा चीनी मिल ने सात दिसंबर तक 1,554.63 लाख रुपये का भुगतान किया है और देय धनराशि में से 1,554.63 लाख रुपये शेष है। रामकोला चीनी मिल ने तीन दिसंबर तक 3415.96 लाख रुपये का भुगतान किया है तथा 537.10 लाख रुपये दिया जाना बाकी है। जबकि कप्तानगंज, सेवरही और खड्डा चीनी मिल की तरफ से भुगतान की शुरुआत ही नहीं हुई है।
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डीसीओ वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि सभी चीनी मिलों को गन्ना मूल्य का भुगतान समय से करने का निर्देश दिया गया है। ताकि किसानों को उनकी उपज का भुगतान समयबद्ध तरीके से मिलता रहे।
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चीनी मिलों की तरफ से पेराई और भुगतान की स्थिति (धनराशि लाख में)-
मिल का नाम गन्ना आपूर्ति देय धनराशि भुगतान
ढाढ़ा 10.23 3414.09 1554.63
रामकोला 15.71 5448.02 3415.96
कप्तानगंज 4.08 1423.75 0.00
सेवरही 4.04 1407.30 0.00
खड्डा 2.32 809.21 0.00
योग 36.38 12502.37 4970.59
नोट : गन्ना आपूर्ति लाख क्विंटल में और धनराशि लाख में।