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Kushinagar News: ऑस्ट्रिया के पर्यटकों से राजकीय बौद्ध संग्रहालय गुलजार
Sat, 10 Feb 2024 03:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 10 Feb 2024 03:22 AM IST
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राजकीय बौद्ध संग्रहालय कुशीनगर में वीथिकाओं में कलाकृतियां देखते आस्ट्रिया के पर्यटक।
पकवा इनार। महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली का राजकीय बौद्ध संग्रहालय शुक्रवार को आस्ट्रिया के वियना के पर्यटकों से गुलजार रहा। पर्यटकों का दल संग्रहालय की वीथिकाओं में लगी कला कृतियां देखीं। उनकी प्राचीनता, ऐतिहासिकता व महत्व से भी रू-ब-रू हुए। मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर, मांथा कुंवर मंदिर और रामाभार स्तूप का भी भ्रमण किया।
राजकीय बौद्ध संग्रहालय के अध्यक्ष अमित कुमार द्विवेदी ने बताया कि आस्ट्रिया के 10 सदस्यीय विशिष्ट पर्यटकों के दल ने कला वीथिका, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध वीथिका, विभिन्न मुद्राओं में बुद्ध और पुरातत्व वीथिका में लगी कलाकृतियों व बौद्ध प्रतिमाओं काे देखा। उन्हें इनसे जुड़े साहित्य व ऐतिहासिकता के साथ विशिष्टता को साझा किया गया। पर्यटकों के दल ने महात्मा बुद्ध की प्रतिमा पर चीवर चढ़ाया। मांथा कुंवर मंदिर में महात्मा बुद्ध की भू स्पर्श मुद्रा में प्रतिमा देखी। यहां ध्यान भी किया। इसके बाद महात्मा बुद्ध के अंतिम संस्कार स्थल यानी रामाभार स्तूप परिसर पहुंचे। जहां स्तूप की परिक्रमा कर उत्खनित प्राचीन भग्नावशेषों के पुरातात्विक महत्व को भी जाना। इसके अलावा हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट समेत अन्य दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया।
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राजकीय बौद्ध संग्रहालय के अध्यक्ष अमित कुमार द्विवेदी ने बताया कि आस्ट्रिया के 10 सदस्यीय विशिष्ट पर्यटकों के दल ने कला वीथिका, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध वीथिका, विभिन्न मुद्राओं में बुद्ध और पुरातत्व वीथिका में लगी कलाकृतियों व बौद्ध प्रतिमाओं काे देखा। उन्हें इनसे जुड़े साहित्य व ऐतिहासिकता के साथ विशिष्टता को साझा किया गया। पर्यटकों के दल ने महात्मा बुद्ध की प्रतिमा पर चीवर चढ़ाया। मांथा कुंवर मंदिर में महात्मा बुद्ध की भू स्पर्श मुद्रा में प्रतिमा देखी। यहां ध्यान भी किया। इसके बाद महात्मा बुद्ध के अंतिम संस्कार स्थल यानी रामाभार स्तूप परिसर पहुंचे। जहां स्तूप की परिक्रमा कर उत्खनित प्राचीन भग्नावशेषों के पुरातात्विक महत्व को भी जाना। इसके अलावा हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट समेत अन्य दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया।
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