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मंडी में सन्नाटा, सड़क पर लगती हैं दुकानें, जाम से जूझते हैं लोग
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सूना पड़ा सोहरौना गांव का सब्जी मंडी स्थल।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
मंडी में सन्नाटा, सड़क पर लगती हैं दुकानें, जाम से जूझते हैं लोग
खड्डा(कुशीनगर)। कस्बे से सटे सोहरौना गांव में मंडी स्थल वीरान पड़ा है। उसे अनदेखा कर सड़क पर प्रतिदिन सुबह थोक सब्जी बाजार लगता है। भोर से दस बजे तक लक्ष्मीबाई चौक के पास सड़क जाम हो जाता है। अगर इसे सोहरौना मंडी में स्थानांतरित कर दिया जाए तो किसानों व लोगों को काफी सहूलियत हो जाएगी।
नगर पंचायत खड्डा के अंदर एक सब्जी मंडी है। यहां फुटकर सब्जी बिकती है। क्षेत्र के किसानों के लिए कोई वैधानिक स्थान नहीं है। ऐसे में सोहरौना रेलवे ढाला स्थित रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा के पास सुबह में दूरदराज से किसान या व्यापारी सब्जी लेकर पहुंचते हैं। यहां से क्रय-विक्रय कर सब्जी आसपास के जनपदों सहित बिहार तक जाती है। इस कार्य में मालवाहक वाहनों का प्रयोग भी होता है। इस वक्त पूरी सड़क भीड़ में तब्दील हो जाती है। इस सड़क से रेलवे स्टेशन, पुलिस स्टेशन, अस्पताल, विद्यालय आदि स्थान आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है।
सब्जियों के डंठल, पत्ते, सड़ा-गला हिस्सा आदि अवशेष फेंक दिया जाता है। इससे दुर्गंध व गंदगी होती है। किसानों, व्यापारियों व दुकानदारों या अन्य लोगों को धूप, बारिश में बाहर रहना पड़ता है। शुद्ध पेयजल, शौचालय की व्यवस्था नहीं है। जबकि यहां से मात्र 400 मीटर दूर सोहरौना गांव में बनी मंडी डेढ़ दशक से निष्प्रयोज्य पड़ी है। वहां बकायदे शेड व ऊंचे चबूतरा, सड़क आदि हैं। बगल में पोखरा है। पहुंच मार्ग भी है। शौचालय भी बनाया गया है। उपेक्षित होने के चलते वहां साफ-सफाई व मरम्मत की आवश्यकता जरूर है, लेकिन जब बाजार लगने लगेगा तो सब ठीक हो जाएगा। किसानों व व्यापारियों को छांव सहित अन्य सुविधा मिलने लगेगी।
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एसडीएम उपमा पांडेय ने बताया कि सोहरौना गांव की मंडी का निरीक्षण किया जाएगा। अगर सब सही है तो सब्जी का थोक बाजार वहीं लगना चाहिए। सड़क पर जाम लगना किसी के हित में उचित नहीं है।
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खड्डा(कुशीनगर)। कस्बे से सटे सोहरौना गांव में मंडी स्थल वीरान पड़ा है। उसे अनदेखा कर सड़क पर प्रतिदिन सुबह थोक सब्जी बाजार लगता है। भोर से दस बजे तक लक्ष्मीबाई चौक के पास सड़क जाम हो जाता है। अगर इसे सोहरौना मंडी में स्थानांतरित कर दिया जाए तो किसानों व लोगों को काफी सहूलियत हो जाएगी।
नगर पंचायत खड्डा के अंदर एक सब्जी मंडी है। यहां फुटकर सब्जी बिकती है। क्षेत्र के किसानों के लिए कोई वैधानिक स्थान नहीं है। ऐसे में सोहरौना रेलवे ढाला स्थित रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा के पास सुबह में दूरदराज से किसान या व्यापारी सब्जी लेकर पहुंचते हैं। यहां से क्रय-विक्रय कर सब्जी आसपास के जनपदों सहित बिहार तक जाती है। इस कार्य में मालवाहक वाहनों का प्रयोग भी होता है। इस वक्त पूरी सड़क भीड़ में तब्दील हो जाती है। इस सड़क से रेलवे स्टेशन, पुलिस स्टेशन, अस्पताल, विद्यालय आदि स्थान आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है।
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सब्जियों के डंठल, पत्ते, सड़ा-गला हिस्सा आदि अवशेष फेंक दिया जाता है। इससे दुर्गंध व गंदगी होती है। किसानों, व्यापारियों व दुकानदारों या अन्य लोगों को धूप, बारिश में बाहर रहना पड़ता है। शुद्ध पेयजल, शौचालय की व्यवस्था नहीं है। जबकि यहां से मात्र 400 मीटर दूर सोहरौना गांव में बनी मंडी डेढ़ दशक से निष्प्रयोज्य पड़ी है। वहां बकायदे शेड व ऊंचे चबूतरा, सड़क आदि हैं। बगल में पोखरा है। पहुंच मार्ग भी है। शौचालय भी बनाया गया है। उपेक्षित होने के चलते वहां साफ-सफाई व मरम्मत की आवश्यकता जरूर है, लेकिन जब बाजार लगने लगेगा तो सब ठीक हो जाएगा। किसानों व व्यापारियों को छांव सहित अन्य सुविधा मिलने लगेगी।
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एसडीएम उपमा पांडेय ने बताया कि सोहरौना गांव की मंडी का निरीक्षण किया जाएगा। अगर सब सही है तो सब्जी का थोक बाजार वहीं लगना चाहिए। सड़क पर जाम लगना किसी के हित में उचित नहीं है।