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Kushinagar News: कुशीनगर में शालिग्राम शिला का होगा भव्य स्वागत, अयोध्या में बनेगी भगवान श्रीराम की मूर्ति
Mon, 30 Jan 2023 03:56 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 30 Jan 2023 03:56 PM IST
सार
नेपाल के काली गण्डकी नदी से प्राप्त छह करोड़ वर्ष पुराने दो शालीग्राम पत्थर को अयोध्या में निर्माण हो रहे श्री राम मंदिर में वहा पर भगवान श्री राम के बाल्य स्वरूप की मूर्ति और माता सीता की मूर्ति बनाने के लिए तय किया गया है। शालिग्राम मिलने वाली एक मात्र नदी काली गण्डकी है, यह नदी दामोदर कुण्ड से निकलकर गंगा नदी में मिलती है।
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नेपाल से लाई गईं दो विशाल शिलाएं
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
नेपाल से छह करोड़ वर्ष पुरानी शालिग्राम शिला 31 जनवरी को 11:30 बजे कुशीनगर पहुंचेगी। यह नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री एवं पूर्व गृहमंत्री विमलेंद्र निधि व जानकी मंदिर के महंत के नेतृत्व में कुशीनगर आ रही है। इसका भव्य स्वागत किया जाएगा।
यह जानकारी आयोजन से जुड़े व अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय संयोजक मनीष श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि कुशीनगर में पूर्व उप प्रधानमंत्री एवं समस्त अतिथियों का नागरिक अभिनंदन संगठन की तरफ से किया जाएगा।
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नेपाल और भारत के रिश्ते को और मजबूत करने में इस यात्रा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि कुशीनगर आ रहे प्रतिनिधिमंडल में विहिप के राजेंद्र सिंह पंकज, श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कामेश्वर चौपाल आदि शामिल हैं।
नेपाल के काली गण्डकी नदी से प्राप्त छह करोड़ वर्ष पुराने दो शालीग्राम पत्थर को अयोध्या में निर्माण हो रहे श्री राम मंदिर में वहा पर भगवान श्री राम के बाल्य स्वरूप की मूर्ति और माता सीता की मूर्ति बनाने के लिए तय किया गया है।
शालिग्राम मिलने वाली एक मात्र नदी काली गण्डकी है, यह नदी दामोदर कुण्ड से निकलकर गंगा नदी में मिलती है। कालीगण्ड नदी के किनारे से लिया गया यह शिला खंड एक 26 टन का और दूसरा 14 टन का है। निकालने से पहले काली गंड़की नदी में क्षमा पूजा की गई और विशेष पूजा के साथ ले जाया गया।
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यह जानकारी आयोजन से जुड़े व अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय संयोजक मनीष श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि कुशीनगर में पूर्व उप प्रधानमंत्री एवं समस्त अतिथियों का नागरिक अभिनंदन संगठन की तरफ से किया जाएगा।
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नेपाल और भारत के रिश्ते को और मजबूत करने में इस यात्रा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि कुशीनगर आ रहे प्रतिनिधिमंडल में विहिप के राजेंद्र सिंह पंकज, श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कामेश्वर चौपाल आदि शामिल हैं।
नेपाल के काली गण्डकी नदी से प्राप्त छह करोड़ वर्ष पुराने दो शालीग्राम पत्थर को अयोध्या में निर्माण हो रहे श्री राम मंदिर में वहा पर भगवान श्री राम के बाल्य स्वरूप की मूर्ति और माता सीता की मूर्ति बनाने के लिए तय किया गया है।
शालिग्राम मिलने वाली एक मात्र नदी काली गण्डकी है, यह नदी दामोदर कुण्ड से निकलकर गंगा नदी में मिलती है। कालीगण्ड नदी के किनारे से लिया गया यह शिला खंड एक 26 टन का और दूसरा 14 टन का है। निकालने से पहले काली गंड़की नदी में क्षमा पूजा की गई और विशेष पूजा के साथ ले जाया गया।